उत्तर प्रदेश में पुलिस हिरासत और फ़ेक एनकाउंटरों में निर्दोष नागरिकों की हत्याओं पर संयुक्त राष्ट्र संघ चिंतित

उत्तर प्रदेश में पुलिस हिरासत और फ़ेक एनकाउंटरों में निर्दोष नागरिकों की हत्याओं पर संयुक्त राष्ट्र संघ चिंतित

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संयुक्त राष्ट्र संघ ने उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में हत्याओं और फ़ेक एनकाउंटर में वृद्धि पर चिंता जताई है।

राष्ट्र संघ ने भारत सरकार को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों के उल्लंघन की निंदा की है।

इस पत्र में पुलिस हिरासत में मारे गए 15 मामलों समेत 59 फ़र्ज़ी एनकाउंटर आरोपों का भी संज्ञान लिया गया है।

एक प्रेस विज्ञप्ति में संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इस पूरे मामले को बेहद चिंता का विषय बताया है।

संयुक्त राष्ट्र संघ का कहना है कि मानवाधिकार उल्लंघन के अधिकांश मामले पीड़ित मुस्लिम समुदाय से संबंधित हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारीयों ने पत्र में कहा है, ‘हम इन घटनाओं के स्वरूप से चिंतित हैं, पीड़ितों को गिरफ़्तार करने के बाद उनकी हत्या कर दी जाती है या उनका अपहरण कर लिया जाता है। पीड़ित के शरीर पर निशान यातनाओं को बयान कर रहे हैं।’

2017 में यूपी पुलिस ने बताया था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के छह महीनों में 420 एनकाउंटर हुए जिसमें 15 लोग मारे गए. 2018 तक यूपी पुलिस ने 1,038 एनकाउंटर किए थे जिसमें 32 मारे गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में भारतीय सुरक्षा बलों के मानवीय आचरण और सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों की हत्या की जांच के आदेश दिए हैं।