ज़हरीली शराब कांड : शादी पार्टी में व्यस्त आबकारी मंत्री, नशे में सरकार

ज़हरीली शराब कांड : शादी पार्टी में व्यस्त आबकारी मंत्री, नशे में सरकार

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शराब का ग़ैर क़ानूनी व्यापार भारत में बहुत ही लाभदायक व्यापार है जहां यह व्यापार करने वाले कोई टैक्स अदा नहीं करते और ग़रीबों को कम क़ीमत पर भारी मात्रा में शराब बेचते हैं।
इस घटना के बाद सरकार की नींद टूटी है और प्रशाशन का ध्यान ‘कमाई’ से ‘पकडा धकड़ि’ पर गया है, दो दिन के अंदर हज़ारों लीटर देसी अवैध शराब बरामद हो चुकी है सैंकड़ों लोगों को पकड़ा जा चुका है, सवाल यह है कि इतना बड़ा कारोबार अवैध रूप से चल रहा था तो पुलिस को ख़बर क्यों नहीं थी, और क्या प्रदेशभर में हो रहे इस धंधे का पता सरकार और उसके नेताओं को भी नहीं था, अगर ऐसा है तो फिर ये सरकार और प्रशासन दोनों को ही नकारा मना जायेगा, सरकार को तो तुरंत इस्तीफा देकर ‘गंगा’ स्नान कर लेना चाहिए, प्रदेश की काबिल/अति बहादुर पुलिस अपराधियों के एनकाउंटर कर रही थी उसको इस अपराध की खबर क्यों नहीं रही, अब अचानक जो शराब और शराब के कारोबारी पकडे जा रहे हैं वह क्या रात रात में तैय्यार हो गए हैं, पुलिस और अपराध के अच्छे संबंधों का नतीजा है ‘शराब कांड’

Journalist Jafri
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कुशीनगर और सहारनपुर में जहरीली शराब से बडी़ तादाद में मौतें होने के बावजूद पीड़ित परिवार अब भी भगवान भरोसे है। चार दिन बाद भी न तो सरकार का कोई मंत्री पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचा है और न ही सभी पीड़ित परिवारों तक सरकारी मदद पहुंच पाई है।

सहारनपुर व कुशीनगर में बृहस्पतिवार को जहरीली शराब कांड हुआ। मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में भर्ती है। सरकार ने आनन-फानन में दो आबकारी अधिकारियों व दोनो थानेदारों समेत निचले स्तर के कई कार्मिकों पर कार्रवाई की। लेकिन चार दिन बीतने के बाद भी सरकार का कोई प्रमुख मंत्री या बड़ा प्रशासनिक अधिकारी पीड़ित परिवारों के बीच नहीं पहुंचा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहरीली शराब से मरने वालों के परिवारों को दो दो लाख रुपये की मदद की घोषणा की है। रविवार तक पीड़ित परिवारों को मदद नहीं पहुंची। जिलाधिकारियों ने 30-30 हजार रुपये की मदद पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक आश्रितों तक पहुंचाई है। कुशीनगर के जिलाधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष से घोषित दो दो लाख रुपये की मदद के लिए कार्यवाही चल रही है।

आबकारी मंत्री जयप्रताप सिंह रविवार को दिनभर लखनऊ में रहे। सिंह ने भी कुशीनगर या सहारनपुर में पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर सांत्वना देने का प्रयास नहीं किया। इतना ही नहीं आबकारी मंत्री रविवार दोपहर प्रदेश के एक मंत्री की ओर से दी गई पार्टी में हंसी-मजाक करते देखे गए। देर रात तक मंत्री जयप्रताप सिंह शादी समारोह में शामिल होने गए। आबकारी मंत्री का कहना है कि सोमवार को उन्हें विधानसभा में जवाब देना है, इसलिए वे कुशीनगर और सहारनपुर नहीं गए।