MBBS करने के इच्छुक छात्रों को नहीं मिल पाई राहत

MBBS करने के इच्छुक छात्रों को नहीं मिल पाई राहत

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Sagar PaRvez
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देहरादून : राज्य के निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस करने के इच्छुक छात्रों को अब भी राहत नहीं मिल पाई है। सीट आवंटन के बाद भी वह दाखिले को भटक रहे हैं। न्यायालय का आदेश आया पर कई छात्र अब भी दाखिले से महरूम हैं। प्रथम राउंड के तहत आवंटित सीटों पर दाखिले का सोमवार को अंतिम दिन था। जब तक कोर्ट का आदेश आया काफी वक्त बीत चुका था।
एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज ने शाम तक 67 ही प्रवेश किए थे, जबकि सीटें ज्यादा हैं। उधर हिमालयन इंस्टीट्यूट ने यह कहकर प्रवेश से मना कर दिया कि कोर्ट का आदेश एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज के संदर्भ में आया है। जिस कारण छात्र व अभिभावक देर रात तक भी वहां दाखिले की आस में डटे रहे। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि काउंसलिंग का शेड्यूल उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार तय है। इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता। जिन छात्रों का दाखिला नहीं हुआ है, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। मेरिट के आधार पर द्वितीय राउंड में उन्हें वरियता मिलेगी। जहां तक हिमालयन इंस्टीट्यूट का प्रश्न है, संस्थान को नोटिस थमा दिया गया है।
ऑल इंडिया का द्वितीय चरण आज से
नीट की ऑल इंडिया कोटे की काउंसलिंग का द्वितीय चरण एक अगस्त से शुरू हो रहा है। अभ्यर्थी चार अगस्त शाम पांच बजे तक पंजीकरण व च्वाइस लॉक कर सकते हैं। पांच से सात अगस्त के बीच सीट आवंटन होगा। जिसका परिणाम आठ अगस्त को घोषित किया जाएगा। आवंटित सीट पर छात्र 9 अगस्त से 16 अगस्त तक दाखिला ले सकते हैं। इसके उपरांत रिक्त सीटें राज्यों को वापस कर दी जाएंगी।