#ख़तना_क्यों_मान्य_हुआ!!!

#ख़तना_क्यों_मान्य_हुआ!!!

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Sandra Ranu Ivaan
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मुझे नहीँ लगता कि बहुत ज्यादा लोगो को खतना का कारण पता होगा कि खतना क्यों किया जाता है , चलिये उस समय में चलते हैं जब मनुष्य की उत्पत्ति नहीँ हुई थी ।
ये वो समय था जब दो सौ फरिश्तों को ईश्वर द्वारा स्वर्ग से पृथ्वी पर फेंक दिया गया था इस्लाम में इनको जिन्न या फरिश्ते हिन्दुइज़्म में देवदूत क्रिस्चियनीटी में एंजल औऱ विज्ञान की भाषा में इनको एलियनस कहते हैं औऱ english में WATCHERS औऱ Fallen Angels ) कहते हैं ।
इनका सरदार था समाज़जाल जिसको दजाल लूसिफर ईब्लिस शैतान आदि के नाम से जाना जाता है । इसको ज्ञान का फरीश्ता कहाँ गया है अच्छाई बुराई क्या है उसको सब कुछ पता था , कहने का मतलब ये अदन की बारी में लगा वो पेड़ था जिसके बारे में कहाँ गया कि वो ज्ञान का औऱ अच्छाई बुराई का पेड़ था ।
अब ईश्वर ने मनुष्य की उत्पत्ति की औऱ मनुष्य को अपने स्वरूप में बनाया , औऱ मनुष्य को उस फरिश्ते से उच्च स्थान दिया लेकिन उसने मनुष्य को रिजेक्ट कर दिया क्योंकि वह आग से बना था औऱ मनुष्य मिट्टी से औऱ उसके मन में मनुष्य के लिये ईर्ष्या भर गयी ईश्वर ने ताड़ लिया कि इंसान का इसके साथ रहना सही नहीँ कहीँ ये इंसान में बुराई ना डाल दे इसलिये ईश्वर ने इंसान को निर्देश दिया कि ज्ञान का जो फरीश्ता है वो अच्छाई औऱ बुराई जानता है इसलिये उसके कहने से कोई काम ना करना वर्ना तुम मर जाओगे , मनुष्य नंगा था लेकिन वो लजाते नहीँ थे ।
ईब्लिस औऱ उसके साथी फरिश्तो ने मनुष्य की लड़कियों को देखा औऱ उनपर मोहित हो गये उसने अपने साथी फरिश्तों से कहा चलो हम इनसे अपनी संतान उत्पन करें लेकिन ये पाप करने की उसकी हिम्मत नहीँ हुई उसने अपने साथी फरिश्तों से कहा मैं अकेला इस पाप का भागीदार क्यों बनू क्या तुम लोग साथ दोगे ?
उसके साथी फरिश्तों ने माउंट हरमन पर शपथ खाई कि वो उसके साथ हैं ।
तब उसने मनुष्य को फूस्लाया औऱ मनुष्य उनकी बातों में आ गया औऱ वो पाप कर डाला जिसकी उनको इजाज़त नहीँ थी ।
ईश्वर ने क्रोधित हो मनुष्यों को अदन से निकाल दिया क्योंकि उन्होने ईश्वर की आज्ञा का उलंघन किया था औऱ उन्होने बुराई का फल चख लिया था औऱ उन्हे अहसास हुआ वो नंगे हैं ।
ईश्वर ने ईब्लिस को कहा अब तू साँप की तरह ज़मीन पर ही रेँगेँगा , स्त्री को कहा तू खुद अत्यंत दुख के साथ बच्चे पैदा करेगी औऱ पुरुष को कहा अब से तू खुद बोयेगा औऱ अपने पसीने की रोटी खायेगा ।
उन दो सौ फरिश्तों ने मनुष्यों की लड़कियों जो बहुत खूबसूरत थी उठा लिया औऱ उन्हे आनन्द सिखाया , उनको फसल बौना काटना हथियार बनाना , ज्योतिषी , नक्षत्रों की जानकारी , मेटल्स के आभूषण , औऱ हीरे पन्ना मणि आदि की जानकारी सिखायी ।
मनुष्य औऱ उन वॉचरस के मिलन से जो संताने उत्पन हुई वो अत्यंत विशालकाय हुई , मनुष्य उनके सामने टिड्डीयों समान थे प्राचीन में उनको GIANT या राक्षस भी कहा गया , किन्तु उन्होने मनुष्यों का जीना हराम कर दिया वो उन्हे सताया करते औऱ रोटी की तरह खा जाते उन्होने पशुओ औऱ इंसानों का रक्त अशुद्ध कर दिया औऱ पशु पक्षी को भी खा जाते थे पृथ्वी रक्त से लाल हो गयी औऱ ईश्वर का कोई नाम लेवा ना बचा ।
तब ईश्वर ने पृथ्वी से सब कुछ मिटाने की सोची उन फरिश्तों को अंधकार में बंद कर दिया जहां रोशनी की कोई किरण ना आती हो औऱ उसको कहा मैं तेरे वंश औऱ स्त्री ( हव्वा ) के वंश में बैर उत्पन्न कर दूँगा औऱ वो तेरा सिर कुचलेगा ।
ईश्वर के निर्देशानुसार 120 साल में नूह ने जहाज़ तैयार करवाया औऱ नूह के परिवार औऱ शुध्द अशुध्द पशु पक्षी बीज अनाज आदि एक जहाज के जरिये बचा लिये गये , औऱ फ़िर पृथ्वी पर जीवन शुरू हो गया ।
नूह के तीन बेटे थे शेम , हाम औऱ येपेथ किन्तु हाम के रुप में बुराई फ़िर वापस आयी क्योंकि नूह की एक पत्नी ( हाम की माँ ) में वो रक्त व्याप्त था औऱ इंसान को अपने पापों की सज़ा मिलनी बाकी थी इंसान ने जो बोया उसे काटना भी था ।
हाम का बेटा कूश हुआ औऱ कूश का बेटा रामा हुआ औऱ निम्रोद , निम्रोद कूश के बुढापे की संतान हुआ निम्रोद बहुत शूरवीर औऱ पक्का शिकारी बना औऱ चालीस साल की उम्र होने तक वो घमंड से भर उठा उसने बाबेल ( इराक ) में एक शहर बसाया औऱ एक ऊँचा टॉवर बनवाया ताकी ईश्वर उन्हे फ़िर बाढ़ से ना मार दे , उसने ईश्वर के साथ युध्द की तैयारी की औऱ एक बड़ा स्टेच्यू बनाकर उसको अपना ईश्वर बना लिया , तब ईश्वर ने वो TOWER ढाह दिया जिसके खन्डर आज भी बबेल (BABYLONE) में विराजमान हैं ।
मनुष्यों की बुराई फ़िर फैल गयी वो जादू टोहने बलियों से अपने देवी देवताओं को खुश करने लगे ।
दूसरी तरफ़ नूह के बेटे शेम के वंश में अब्राहम का जन्म हुआ वो नूह की नौवीं पीढ़ी थी , ज्योतिषियों ने निम्रोद को बता दिया कि आपके साम्राज्य को नष्ट करने वाला पैदा हो चुका ।
अब्राहम के पिता ने उसको दस वर्ष तक छिपाकर रखा , उसके बाद अब्राहम नूह के साथ रहा क्योंकि नूह बाढ़ के बाद साढ़े तीन सौ वर्ष जिया ।
अब्राहम ने अपने पिता के देवी देवताओं की मूर्तियाँ तोड़ डाली जिसकी शिकायत निम्रोद तक पहुँची औऱ उसने अब्राहम को आग में जलाकर मारना चाहा जिसमें अब्राहम के भाई की जलकर मृत्यु हो गयी लेकिन अब्राहम बच निकला ये देख निम्रोद अब्राहम के सामने घुटनों के बल गिर गया ।
अब्राहम घर ( उर ) गया परिवार के साथ नाहोर नगर को गया वहाँ उसे ईश्वर द्वारा संचालित किया जा रहा था कि कनान देश को चला जा ।
अब्राहम की कोई संतान ना थी तब सारा ने अपनी मिस्री दासी हाजरा से अब्राहम का विवाह कराया औऱ हाजरा से इशमाइल पैदा हुआ ( तब बड़े घर की महीलाये संतान के लिये ऐसा किया करती थी )
ईश्वर ने अब्राहम और सारा को एक पुत्र देने का वादा किया , औऱ अब्राहम को आशीर्वाद दिया कि तू कई जातियों का पिता कहलायेगा औऱ तेरी ख्याति चारो ओर फैलेगी ।
तू अपने वंश के लोगो का खतना करवाना औऱ उनकी जातियों में विवाह ना करना ( हाम के वंशजों में जिनको अननंकवंशी भी कहा गया )
तब अब्राहम ने अपने सभी दासो सहित जो उनके घर में जन्मे थे औऱ अपना व ईश्माएल का खतना करवाया औऱ इस तरह इश्माएल औऱ अब्राहम औऱ सारा के बेटे इसाक के वंशज एक साथ चले ।
लेकिन 400 साल बाद इस्राएलियो को मिस्र छोड़ते हुये जहां वे गुलामी में रहे , मूसा द्वारा संहिता ( LAW ) देते समय ईश्वर ने इस्राएलियो की मूर्ख्ताओ को देख कहा कि बेहतर हो तुम अपनी आत्मा का खतना करो ।
क्योंकि इस्राएलियो ने वही काम किये जिनको ना करने की हिदायत दी थी उन्होने कनानियों अमोरीयो हीत्तीयो ( हाम के वंशज ) आदि में विवाह भी किये औऱ उनके सब पाखण्डो को भी अपनाया ।
ये वंश फैल कर बड़े बड़े नगरों औऱ सीमाओं में तब्दील हो चुके थे , दो हज़ार साल पहले जीसस ने खतने से ज्यादा आत्मिक शुद्दीकरण की बात कही , इसलिये जीसस के फॉलोअर्स को खतने की छूट दे दी गयी ।
अब जिस तरह बुराई फ़िर चर्म है पाप सिर चढ़कर बोल रहा है लोगो में इंसानियत ख़त्म हो रही है क्योंकि दजाल को हजार साल के लिये खुला छोड़ा हुआ है ताकि वो अपने वंश के लोगो को चुन ले ।
औऱ अच्छॆ औऱ नेक लोग जीसस के साथ वापस अपने घर जायेंगे क्योंकि यहाँ तो हम सजा भोगने आये हैं अब ये आपके हाथ में है कि किसके साथ जाना पसन्द करोगे ?
Sources – Euthopian Bible , KJV Bible , Hebrew Bible..