SWC इंदौर के अम्ब्रेला तले एकजुट हुई देश भर की सोशल तंजीमें

SWC इंदौर के अम्ब्रेला तले एकजुट हुई देश भर की सोशल तंजीमें

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इंदौर (इस्माईल खान)- शहर के खजराना स्थित ज़ीनत पब्लिक स्कूल में दिनांक 17 मार्च 2019 को SWC (सुन्नी वेलफेयर कमेटी) इंदौर के बैनर तले एक नेशनल डेलीगेट्स मीटिंग का आयोजन हुआ जिसमें देश भर के अलग अलग शहरों में सोशल वर्क करने वाली तंजीमों के जिम्मेदारान हज़रात ने हिस्सा लिया ।


तंजीम के मैनेजर जनाब नाज़िम अली ने बताया के इंदौर शहर में सामाजिक कार्य करने के क्षेत्र में SWC आज किसी तआरुफ़ की मोहताज नही और SWC की खिदमतों से हजारों अफ़राद फायदा उठा रहे हैं, इसी को देखते हुए SWC के जिम्मेदारान ने इसे पूरे देश मे फैलाते हुए देशभर की सामाजिक तंजीमों के जरिये खिदमते ख़ल्क़ के अपने मिशन को आगे बढ़ाने का डिसीज़न लिया है जिसके अंतर्गत इस नेशनल डेलीगेट्स मीटिंग का आयोजन रखा गया ।

तंजीम के ज़ैद पठान ने उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं को बताया के किस तरह से बच्चों में एजुकेशन के लिए अवेयरनेस लाकर उन्हें एजुकेशन से जोड़ा जाए जिससे आने वाली पीढ़ी के साथ इस मुआशरे को शिक्षित एवं सभ्य बनाया जाए ।

तंजीम से जुड़े अबु बकर साहब ने बताया कि SWC के ज़ेरे निगराँ तैबा एजुकेशन एक नायाब 8 साला आलिम का कोर्स चला रहा है जिसमे बच्चे का एडमिशन 8th क्लास में कराकर उसका ग्रेजुएशन तो कराया ही जाता है साथ ही साथ दीनी उलूमों में उसे महारत दिलाकर एक मुकम्मल आलिम भी बनाया जाता है ।

तंजीम के ज़ेरे एहतेमाम रहकर आईएएस की तैयारी करने वाले फैज़ान साहब ने बताया कि किस तरह से SWC छात्रों को सिविल सर्विसेज के लिए जागरूक कर रही है और ब्यूरोक्रेट्स का मुआशरे में क्या मुकाम है ।

तंजीम के अनीस कादरी साहब ने बताया के हमारे मुआशरे में तालीम को कैसे आम करते हुए बेरोजगारों को किस तरह से रोजगार से जोड़ा जाए और बच्चो को तालीम से किस तरह आरस्ता किया जाए ।

कांफ्रेस का सबसे अहम मौजू जो कि वक्फ सम्पत्ती के मुताल्लिक था उसके लिए तंजीम से जुड़े वक्फ मामलों के जानकार हाईकोर्ट एडव्होकेट जनाब आसिफ वारसी साहब ने वक्फ एक्ट एवं उससे जुड़ी बातों पर सवालों के जवाबात दिए साथ ही वक्फ से किस तरह मुआशरे को फायदा हासिल हो सकता है इस मुद्दे पर गुफ्तगू की ।

उक्त कांफ्रेंस में नागपुर, मुरादाबाद, बालाघाट, रतलाम, खंडवा, धार, सिरोंज और कई शहरों की कई समाजसेवी संस्थाओं से ज़िम्मेदारों ने भाग लिया।

कांफ्रेंस में मुख्यतः….
मुआशरे में ड्राप आउट हो रहे बच्चो को दोबारा कैसे तालीम से जोड़ा जाए, जो बच्चे आई एस, आईपीएस बनना चाहते है उन्हें कैसे मदद की जाये और सरकार द्वारा कई योजनाओं के ज़रिए दी जा रही स्कॉलरशिप का लाभ पढ़ने वाले बच्चो को किस तरह से दिलाया जाये इस पर खासतौर से अंत में चर्चा कराई गई ।