Battle of Saragarhi : पठान अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ रहे थे और ये सिपाही अंग्रेज़ों की तरफ़ से : देशभक्त कौन?

Battle of Saragarhi : पठान अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ रहे थे और ये सिपाही अंग्रेज़ों की तरफ़ से : देशभक्त कौन?

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Asif Hussain

डिसकोवरी ने जब Battle of Saragarhi बनायी थी तब भी मेने यही सवाल पूछा था अब फिर पूछ रहा हूँ..l
1857 की क्रांति कुचली जा चुकी थी, लेकिन पठान कंट्रोल में नहीं आरहे थे… 36th Sikh Regiment के 21 सिपाही सारागढी में तैनात थे जब क़रीब दस हज़ार पठानो ने उन पर हमला कर दिया…. इस युद्ध में 21 सिक्ख सैनिकों ने 140 पठानो को मार गिराया और अपूर्व शौर्य का प्रदर्शन किया Iलेकिन महत्वपूर्ण बात ये कि पठान अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ रहे थे और ये सिपाही अंग्रेज़ों की तरफ़ से… मतलब हीरो कौन था??? देशभक्त कौन था?????

और अगर ऐसा है तो शायद कल को बेगम हज़रत महल के ख़िलाफ़ लड़ रही किसी इंफ़ैंट्री की बहादुरी पर फ़िल्मे बनायी जाएँगी…. हो सकता है कल को कोई “खुदायी ख़िदमतगार” को आतंकवादी संगठन कहके फ़िल्म बना दे या फिर बहादुर शाह जाफ़र के बेटे का सर काटने वाले को इंडीयन हीरो बनाकर पेश कर दिया जाय….. या फिर भगत सिंह को आतंकवादी दिखाते हुए कोई फ़िल्म बना दी जाय????

दिक्कत ये नहीं है कि हीरो कौन बनाया गया??? दिक्कत ये है कि क्लीयर करिए कि हीरो कौन-कौन बनाया जासकता है?????
(Haider Rizvi)


Torab Niazi

सिख समुदाय – अब भगवा आतंकियों ने हरियाणा के कैथल में गुरुद्वारे पर हमला कर कई सिख भाईयों को किया ज़ख़्मी…!

ये जो नफरत की आग तुमने फैलाई है ना, देख लेना वो एक दिन तुम्हारे भी दरवाजे तक पहुँच जाएगी।

 

Prabhjot Kaur

Satyendra PS

यह तो बेइमन्टी है। नीतीश कुमार, आनंदीबेन पटेल, केशुभाई पटेल वगैरा का नाम लिया। कुछ और भी।

लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया इस लिस्ट में नहीं हैं जो खुद को कुर्मी बताते है। भूपेश बघेल भी गायब हैं जिनके पिता कुर्मी महासभा ही चलाते थे। उधर सरदार पटेल से लेकर चिमन भाई पटेल तक को भुला दिया। महाराष्ट्र के शिवाजी के वंशज तो पूरा गायब ही है, जहां के पंजाब राव देशमुख 1944 में ही कुर्मी महासभा चलाते थे। पुराने को भूल गए तो अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण को ही याद कर लेते जो अभी अभी मुख्यमंत्री थे। काँग्रेसिया सब से ऐसी क्या चिढ़ है! शरद पवारै को याद कर लेते! उनकी फैमिली में भी मरे गिरे 2-4 सांसद हैं!

छोड़िये, एचडी देवगौड़ा और कुमारस्वामी को ही याद कर लेते, वो तो राजनीति में हैं और कुर्मी महासभा में भी सक्रिय हैं।

जातीय रायता एकतरफा फैलाना गन्दी बात है। संघियों से ऐसा क्या प्रेम 🤔

मोदी सरकार 4 साल तक झूठ बोलती रही
की सभी लोग ज़िंदा हैं, तरस खा कर उनके
कंकालों ने गवाही दे ही दी कि हम मर चुके
हैं #39भारतीय_इराक़ दोस्तों भूलना नहीं