दरगाह चार क़ुतुब : इस मस्जिद का निर्माण फ़िरोज़शाह तुग़लक़ ने कराया था

दरगाह चार क़ुतुब : इस मस्जिद का निर्माण फ़िरोज़शाह तुग़लक़ ने कराया था

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दरगाह चार क़ुतुब
विवरण – इसका नाम चार सूफी संतों के नाम पर रखा गया है। यहाँ पर उनकी दरगाह भी बनी हुई हैं।
स्थान – हिसार, हरियाणा
निर्माता – फ़िरोज़शाह तुग़लक़
निर्माण काल – 14वीं शताब्दी

अन्य जानकारी – इसका नाम चार सूफी संतों के नाम पर रखा गया है। यहाँ पर उनकी दरगाह भी बनी हुई हैं। इनके नाम जमालउद्दीन हांसी, बुरहनउद्दीन, क़ुतुबुद्दीन मुनावर और नूरूद्दीन हैं।
दरगाह चार क़ुतुब हरियाणा के हिसार शहर में स्थित है।

इस मस्जिद का निर्माण फ़िरोज़शाह तुग़लक़ ने कराया था।इसका नाम चार सूफी संतों के नाम पर रखा गया है। यहाँ पर उनकी दरगाह भी बनी हुई हैं। इनके नाम जमालउद्दीन हांसी, बुरहनउद्दीन, क़ुतुबुद्दीन मुनावर और नूरूद्दीन हैं। इन चारों संतों ने अपने जीवन के अंतिम दिन यहीं पर बिताए थे।
संतों की दरगाहों के अलावा पर्यटक यहाँ पर मस्जिद भी देख सकते हैं।

ये दरगाह करीब 900 साल पुरानी है. दरगाह हजरत कुतुब जमालुद्दीन की है. जो करीब 76 वर्ष तक हांसी में रहे. हजरत कुतुब जमालुद्दीन हजरत बाबा फरीद के शिष्य थे. बाबा फरीद की दुआ पर जमालुद्दीन के घर चार कुतुब हुए, जो हांसी की जमीन पर दफन हैं. इन्हीं की याद में दरगाह चार कुतुब का निर्माण हुआ. कहा जाता है कि बाबा फरीद ने भी करीब 12 साल तक यहाँ इबादत की है.