आपका नेता क्रूर है, वो अपने लालच के लिए लाखों लोगों की जान लेने के लिए प्रसिद्ध है

आपका नेता क्रूर है, वो अपने लालच के लिए लाखों लोगों की जान लेने के लिए प्रसिद्ध है

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Himanshu Kumar

मैं आपके ईश्वर से नाराज़ नही हूँ

आपके नेता से भी मेरी कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं है

ना ही आपकी राजनैतिक और धार्मिक आस्थाएं मेरी चिढ़ की वजह हैं,

असल में तो मैं आपसे नाराज़ हूँ,

आप जब अपने सामने भूख से मरते बच्चे की भूख पर सवाल नहीं उठाते

और ईश्वर की पूजा का बहाना कर आँखें बंद कर लेते हैं,

उस समय मुझे आपका धर्म दुनिया की सबसे धूर्त चीज़ लगता है,

असल में मैं आपके ईश्वर के नहीं आपकी चालाकी के खिलाफ हूँ,

आपका नेता क्रूर है,

वो अपने लालच के लिए लाखों लोगों की जान लेने के लिए प्रसिद्ध है,

जब आप उसे अपना प्रिय नेता कहते हैं,

तब आपके सामने मैं पूरी ताकत से उसके खिलाफ बोलने लगता हूँ,

असल में मैं आपके नेता के नहीं आपके लालच के खिलाफ हूँ,

जब आपकी सेना कुचलती है निर्दोष औरतों और बच्चों को,

और आप गुण गाते हैं अपनी सेना के,

तब मुझे सेना पर नहीं
आप पर चिल्लाने का मन करता है,

इसलिए जब मैं सेना के खिलाफ बोलता हूँ
तो दरअसल मैं आपकी क्रूरता के विरुद्ध बोल रहा होता हूँ,

मेरी लड़ाई आप सब से है,

मुझे पता है
आप फिर एक स्वार्थी ईश्वर,
फिर एक लालची नेता
और फिर से एक क्रूर सेना बना लेंगे,

क्योंकि ये सब आप ही की पैदाइश हैं
इसलिए मैं हमेशा आप से लड़ता रहूँगा,

आप भी हमेशा से थे
मैं भी हमेशा से था,

न आप कभी मरे
न मैं कभी मरा,

– हिमांशु

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Himanshu Kumar

#खूब लड़ती मर्दानी यह तो बस्तर वाली रानी है
#उत्तम कुमार, सम्पादक दक्षिण कोसल

जी हां आज छत्तीसगढ़ की बहादुर महिला सोनी सोरी का जन्मदिन है। हम सभी को उनकी दीर्घायु की कामना करनी चाहिए। उनके संघर्षों के बदौलत यकीन मानिए हम चैन की नींद सो पाते हैं। यदि बैठकर उनके संघर्षों पर लिखा जाए तो एक अच्छी खासी मोटी पुस्तक लिखी जा सकती है। गरीब आदिवासी परिवार में जन्मी सोनी पेशे से शिक्षिका है। लेकिन उन्हें नक्सलियों का सहयोगी बोल थाने में यातना देकर जेल में डाल दिया जाता है ताकि शिक्षा आदिवासियों तक ना पहुंचे। तिरंगा फहराने के कारण नक्सलियों द्वारा भी उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। गोमपाड़ में उनके द्वारा तिरंगा फहराए जाने से वहां के आदिवासियों को नक्सली बोलकर गोलियों से भून दिया जाता है। यातना इतनी की बड़े से बड़े पुलिस अधिकारियों को राज्य सरकार सम्मानित करती है। फिर भी वह चुप नहीं रहती है। उनको दिए गए यातना की जब कलकत्ता लैब में पुष्टि हो जाती है तो सुप्रीम कोर्ट को मजबूरन उन्हें रिहा करना होता है। जब वह रिहा होती है तो वह निर्दयी सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ती है शायाद यह चुनाव इस सरकार के करतूतों पर उनकी पहली जीत दर्ज होती है। इस पर भी जब शासन प्रशासन को चैन नहीं मिलती है तो उनके चेहरे को तेजाब से खराब कर देने की कोशिश होती है। बावजूद वह फीनिक्स की तरह जी उठती है और लगातार फर्जी एकाउंटर पर आवाज बुलंद करती है। अपने कठिन कामों में वह जेल से छूटे लोगों को अपने शरण में लेती है और उन्हें अपने घरों तक सकुशल पहुंचाने का काम करती है। हर एनकाउंटर पर मुस्तैद रहती है ताकि मानवता जिंदा रहे। मेरा मानना है कि वह दुनिया की सबसे खूबसूरत महिला है जो मनुष्य के जीवन जीने और उसे जिंदा रहने के लिए उसके फितरत से लगातार लड़ती है। देश दुनिया उनके इस खूबसूरत कार्य के लिए बार बार सम्मानित करती है। वास्तव में यह सोनी का सम्मान नहीं बल्कि लोग उनके बहाने अपना मान सम्मान करती है। जब तक सोनी जीवित है आदिवासियों को जिंदा रहने का बहाना मिल जाता है। उनके कारण आदिवासियों का अस्तित्व जिंदा है। जल, जंगल और जमीन जिंदा है उनकी संस्कृति जिंदा हैं । एक ऐसी नेत्री जो नेता ना होते हुए भी लोगों को नेता बोलने के लिए प्रेरित करती है। एक ऐसा नेता जो कभी सम्मान की भूखी नहीं रही। उन पर जितना भी लिखा जाए कम है। संघर्ष के मैदान में लोग उनसे सीखते है कि जंग बिना हथियार के कैसे जीता जाता है। हां उनके जन्मदिन पर केक और गुलदस्ता तुच्छ चीज मात्र है उनकी लड़ाई और उनकी खूबसूरती रानी चेन्नमा, रानी झलकारी से कम नहीं है। अगर महादेवी वर्मा होती तो अपनी गलती सुधारते हुए लिखती, ‘खूब लड़ती मर्दानी यह तो बस्तर वाली रानी है l’

जन्मदिन की मंगलकामनाएं सोनी सोरी Soni Sori

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Uttam Kumar