प्रकाश राज रियल लाइफ़ हीरो!!असली सिंघम!!

प्रकाश राज रियल लाइफ़ हीरो!!असली सिंघम!!

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लेफ़्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एचएस पनाग का कहना है कि सेना पर सवाल करते रहिए. इसका चुनावी राजनीति में इस्तेमाल मत कीजिए. सवाल करते रहने से सेना का ज्यादा भला होता है. रवीश कुमार से हुई एचएस पनाग की बातचीत में उन्होंने यही संदेश दिया. देखिए सेना जो है कॉन्स्टिट्यूशन के तहत काम करती है और जो इलेक्टेड गवर्नमेंट है वह सेना को आदेश देती है. गवर्नमेंट जो है सेना को डायरेक्शन देगी, सेना उसके ऊपर… के मुताबिक काम करेगी. जहां तक सेना का अपने आप काम करने का सवाल है जो उसकी सिर्फ हद है,

Jitendra Narayan

प्रकाश राज मुझे रियल लाइफ हीरो लगते हैं।असली सिंघम!ऐसा कोई दिन नहीं,कोई मंच नहीं जहां से उन्होंने मोदी का विरोध नहीं किया है।गौरी लंकेश की हत्या के बाद वे आगबबूला हो गए थे।दुख इस बात का है ऐसे लोगों को कोई पार्टी टिकट नहीं देती।लेकिन लड़ाके मानते कहाँ है।वे ताल ठोंक रहे हैं बेंगलुरू सेंट्रल से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर बीजेपी के खिलाफ।वे जीते या हारे कोई बात नहीं है।उन्हें सुकून होगा तानाशाही सरकार के खिलाफ लड़ाई में मैंने अपना विरोध दर्ज करवाया।जो लोकतंत्र ने हमें शक्ति दी है उसका इस्तेमाल किया।कोई नाप ले इस शेर का सीना 56 इंच का ही है।

सलाम कॉमरेड

-Vikram Singh Chauhan

Wasim Akram Tyagi
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी से बसपा प्रत्याशी गुड्डू पंडित ने कांग्रेस प्रत्याशी राज बब्बर को खुली धमकी दी है। गुड्डू पंडित का कहना है राज बब्बर उन्हें जहां भी दिखाई दिया तो उसे जूते से मारेंगे और इतना ही नहीं उनके समर्थकों को भी नहीं बख्श जाऐगा। गुड्डू पंडित यू खुलेआम धमकी एक सभा में दे रहे थे। जब वे धमकी देकर शांत हुए तो उनके पीछे से आवाज आई गुड्डू पंडित जिंदाबाद…. मेरी शिकायत नारा लगाने वालों से है. गुड्डू पंडित का क्या है उन पर तो पहले ही कई गंभीर अपराधिक मामले दर्ज हैं. लेकिन वे लोग जो गुड्डू पंडित के पीछे खड़े होकर उनके अपराध की हौसला अफजाई कर रहे हैं यह समाज के लिए खतरा है, लोकतंत्र के लिए खतरा है, यह भारत के लिए खतरा है। इन्हीं के उकसावे में आकर कोई शख्स अपराध कर देता है। कोई लिंचिंग जैसे जघन्य ने अपराध में संलिप्त हो जाता है, तो कोई शंभू लाल रेगर बन जाता है। यह चुनाव सिर्फ सरकारें बदलने का चुनाव नहीं है, यह चुनाव भारत की तकदीर बदलने का चुनाव है, यह चुनाव तय करेगा किस देश को अराजक तत्व चलाएंगे या फिर वे चलाएंगे जो सबको साथ लेकर चलने का दावा करते हैं?