जेट और किंगफिशर – बीजेपी बनाम कांग्रेस

जेट और किंगफिशर – बीजेपी बनाम कांग्रेस

Posted by

Jitendra Narayan

दो एयरलाइंस डूबीं पर दोनों के डूबने के तरीक़े से बीजेपी और कांग्रेस के चरित्र में एक तुलना की जा सकती है। जहाँ तक बैंकों के जरिये सार्वजनिक संसाधनों की लूट करने देने का सवाल है दोनों में कोई फर्क नहीं, दोनों ने इनके पूंजीपति मालिकों को पूरा फायदा पहुंचाया।
लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान किंगफिशर के मामले में विजय माल्या कंपनी और उसके कर्ज के लिए जिम्मेदार बना रहा और उसका विदेश भागना एक बडा राजनीतिक मुद्दा तथा सरकार के लिए सिरदर्द बन गया। मोदी को न चाहते हुए भी अभी तक उसके खिलाफ मुकदमा चलाना मजबूरी बनी हुई है।

पर जेट के मामले में मोदी जेटली के आदेश पर उसके सारे संकट की जिम्मेदारी एसबीआई व पीएनबी जैसे सरकारी बैंकों ने अपने सिर ले ली है। यही बैंक अब उसके लिए और रकम जुटाने के प्रबंध में जुटे होने के कारण जेट का संचालन बंद होने के लिए जिम्मेदार ठहराये जा रहे हैं। पूरा माल लूटकर जेट को डुबाने के असली अपराधी नरेश गोयल को मोदी सरकार द्वारा पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ लेने का ही मौका ही नहीं दिया गया बल्कि पूरा मीडिया एयरलाइन से अलग हो जाने के लिए उसकी प्रशंसा में जुटा हुआ है। गोयल भी 8 हजार करोड़ रुपये के कर्ज दबाकर विदेश जा बैठा है पर इस बार इस पर कोई बात ही नहीं हो रही है। अब न उसके खिलाफ कोई मामला चलेगा न उसे भारत लाने की कोई मांग होगी।

हालांकि बीजेपी और कांग्रेस दोनों पूंजीपति वर्ग की पार्टियां हैं मगर अपने गहरे आर्थिक संकट के दौर में पूंजीपति वर्ग क्यों सामान्य पूंजीवादी पार्टी के बजाय फासिस्ट पूंजीवादी पार्टी के पीछे खडा हो जाता है, यह मामला उसका एक उदाहरण है। सामान्य पूंजीवादी पार्टी भी पूंजीपति वर्ग की खिदमत करती है लेकिन उसके शासन में लडने के मौके की कुछ गुंजाइश बनी रहती है। फासिस्ट पार्टी संघर्ष के इस मौके को भी खत्म करने की कोशिश करती है।

-Mukesh Aseem