इमरान खान की ईरान यात्रा, दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय है

इमरान खान की ईरान यात्रा, दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय है

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान रविवार की शाम ईरान पहुंचे।

इमरान ख़ान ईरान की अपनी पहली यात्रा में रविवार को पूर्वोत्तरी ईरान में स्थित पवित्र नगर मशहद पहुंचे। मशहद के अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ख़ुरासाने रज़वी प्रांत के राज्यपाल और स्थानीय अधिकारियों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का स्वागत किया। ख़ुरासाने रज़वी प्रांत के राज्यपाल अली रेज़ा रज़्म हुसैनी के साथ भेंटवार्ता के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान, इमाम रज़ा के रौज़े की ज़्यारत के लिए निकले। रविवार को देर रात इमरान ख़ान मशहद से तेहरान के लिए रवाना होंगे।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान, ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी के औपचारिक निमंत्रण पर ईरान, दो दिवसीय यात्रा पर आाए हैं। टीकाकारों का कहना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ईरान यात्रा, तेहरान और इस्लामाबाद के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संबन्धों में विस्तार और आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष में क्षेत्रीय सहकारिता के सुदृढ़ होने का कारण बन सकती है।

पाकिस्तानी विदेशमंत्रालय के बयान के अनुसार, इमरान खान ईरान पहुचने के बाद पहले पूर्वी ईरान के मशहद नगर जाएगें।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ, उच्च प्रतिनिधिमंडल भी ईरान की यात्रा पर आ रहा है। इमरान खान, ईरान व पाकिस्तान के व्यापारियों के संयुक्त सम्मेलन में भी भाग लेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ईरान यात्रा का आर्थिक पहलु सब से अधिक महत्वपूर्ण है किंतु, आतंकवाद के खिलाफ युद्ध तथा संयुक्त सीमा पर सुरक्षा जैसे मुद्दे भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ईरान यात्रा से पहले दोनों देशों के विदेशमंत्रियों ने टेलीफोनी वार्ता में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी। पिछले साल पाकिस्तान के सेना प्रमुख की ईरान यात्रा और फिर उसके बाद ईरानी सेनाध्यक्ष की पाकिस्तान यात्रा कई संदेश लिए हुए थी। ईरान की सशस्त्र सेना के प्रमुख जनरल मुहम्मद बाक़ेरी ने दक्षिण एशिया में सुरक्षा व शांति स्थापना के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान खतरों के मुक़ाबले में महत्वपूर्ण दायित्व रखता है और उसका विश्वास है कि शांति स्थापना की सब से अच्छी राह क्षेत्रीय देशों के मध्य सहयोग और एक दूसरे की संभावनाओं से लाभ उठाना है।

राजनीतिक टीकाकार, हुसाम कियान मुक़द्दम इस संदर्भ में लिखते हैं कि जब से पाकिस्तानी प्रधानमत्री इमरान खान की ईरान यात्रा की घोषणा हुई है और उसकी तारीख का निर्धारण किया गया है तब से बलोचिस्तान में उन कट्टरपंथी गुटों की गतिविधियां बढ़ गयीं जिनका पालन पोषण सऊदी अरब करता है। उनका कहना है कि हालांकि सऊदी अरब के अतीत के दृष्टिगत उससे इसी प्रकार की आशा रखी जा सकती है किंतु यह घटनाएं निश्चित रूप से खतरे की घंटी है क्योंकि सऊदी अरब का उद्देश्य, ईरान व पाकिस्तान के संबंधों को खराब करना और इसी प्रकार, क्षेत्र की शांति व स्थिरता को बिगाड़ना है। ईरान व पाकिस्तान के संबंधों की जड़ें, इतिहास, संस्कृति, धर्म और दोनों राष्ट्रों के संपर्क तक फैली हैं। दोनों देशों की जनता के संबंधों को प्राकृतिक आपदाओं के अवसर पर अच्छी तरह से देखा जा सकता है। इसकी हालिया मिसाल, ईरान में आने वाली बाढ़ में नज़र आयी। इन हालात में इमरान खान की ईरान यात्रा आगे की ओर एक क़दम और दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय है।

 

पाक प्रधानमंत्री का ईरान दौरा, दोनों देशों के विदेशमंत्रियों की टेलीफ़ोनी वार्ता

इस्लामी गणतंत्र ईरान और पाकिस्तान के विदेशमंत्रियों ने अपनी टेलीफ़ोनी वार्ता में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की ईरान यात्रा सहित महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार विमर्श किया।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान रविवार को ईरान की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।

विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ और पाकिस्तान के विदेशमंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने शनिवार को टेलीफ़ोनी वार्ता में इसी प्रकार विभिन्न क्षेत्रों सहित आतंकवाद से मुक़ाबले के बारे में दोनों देशों के बीच सहयोग की समीक्षा की।

विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हाल ही में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए पकिस्तानी सरकार और जनता से सहृदयता व्यक्त की।

ज्ञात रहे कि गुरुवार को पाकिस्तान के ब्लोचिस्तान में आतंकवादियों ने मकरान- ग्वादर हाईवे पर यात्री बस पर यात्रा कर रहे 14 लोगों की हत्या कर दी थी।