इतिहास

दरगाह चार क़ुतुब : इस मस्जिद का निर्माण फ़िरोज़शाह तुग़लक़ ने कराया था

दरगाह चार क़ुतुब : इस मस्जिद का निर्माण फ़िरोज़शाह तुग़लक़ ने कराया था

3rd April 2019 at 2:40 am 0 comments

दरगाह चार क़ुतुब विवरण – इसका नाम चार सूफी संतों के नाम पर रखा गया है। यहाँ पर उनकी दरगाह भी बनी हुई हैं। स्थान – हिसार, हरियाणा निर्माता – फ़िरोज़शाह तुग़लक़ निर्माण काल – 14वीं शताब्दी अन्य जानकारी – इसका नाम चार सूफी संतों के नाम पर रखा गया […]

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एडमिरल लक्ष्मीनारायण रामदास का जीवन परिचय जानिये

एडमिरल लक्ष्मीनारायण रामदास का जीवन परिचय जानिये

3rd April 2019 at 12:41 am 0 comments

नाम : लक्ष्मीनारायण रामदास जन्म : 5 सितम्बर (1933) जन्मस्थान : (मुम्बई) उपलब्धियां : मैग्सेसे पुरस्कार (2004) | भारत की आजादी के बाद हुए देश के विभाजन ने भारत तथा नए बने देश पाकिस्तान के बीच वैमनस्य तथा अशान्ति का एक अटूट वातावरण बना दिया था । कश्मीर के मुद्दे […]

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बादशाह ‘नासिरउद्दीन फ़ारूक़ी’ शासनकाल में बनी ”जामा मस्जिद बुरहानपुर” का इतिहास

बादशाह ‘नासिरउद्दीन फ़ारूक़ी’ शासनकाल में बनी ”जामा मस्जिद बुरहानपुर” का इतिहास

3rd April 2019 at 12:38 am 0 comments

जामा मस्जिद बुरहानपुर ============= विवरण – फ़ारूक़ी शासनकाल में अनेक इमारतें और मस्जिदें बनाई गई सबसे सर्वश्रेष्ठ इमारत है, जो अपनी पायेदारी और सुंदरता की दृष्टि से सारे भारत में अपना विशेष स्थान एवं महत्व रखती है। स्थान -बुरहानपुर, मध्य प्रदेश निर्माता -‘रूकैया’ निर्माण काल – 936 हिजरी (सन् 1529 […]

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और हमेशा की तरह हमने उस ‘कॉर्पोरल हसन’ को भुला दिया जो एक नायाब हीरे की तरह थे

और हमेशा की तरह हमने उस ‘कॉर्पोरल हसन’ को भुला दिया जो एक नायाब हीरे की तरह थे

30th March 2019 at 1:08 am 0 comments

इस वक्त दुनिया के सारे मुसलमान परेशान है कहीं भी सुकून नहीं किसी को कुल चैन नहीं हिंदुस्तान की बात करें तो ये बात आलम आशकार है कि यहां के मुसलमान खौफ व दहशत के साए में हैं और उनकी खुद एतमादी बुरी तरह डगमगा चुकी है, इस्लामी शाओर तक […]

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जो लीक से हट के चले हैं उसे दुनियां ने अवश्य मृत्यु दण्ड दिया है

जो लीक से हट के चले हैं उसे दुनियां ने अवश्य मृत्यु दण्ड दिया है

28th March 2019 at 5:54 am 0 comments

Er S D Ojha ========== चार्वाक – लोकायत दर्शन के प्रणेता चार्वाक बृहस्पति के शिष्य और लोकायत ( नास्तिक ) दर्शन के प्रणेता थे । इस दर्शन के हिमायती बृहस्पति भी थे । कई बार ईश्वर के प्रति बृहस्पति ने भी प्रतिकूल टिप्पणी की है , लेकिन ईश्वर के अस्तित्व […]

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27 मार्च 1898 ई.को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद की मृत्यु हुई

27 मार्च 1898 ई.को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद की मृत्यु हुई

27th March 2019 at 10:31 pm 0 comments

आज ही के दिन 27 मार्च 1898 ई.को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद की मृत्यु हुई जिन्हें 1842 ई. में भारत के आखरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने उन्‍हें “जवद उद दाउलाह” उपाधि से सम्‍मानित किया। 1857 ई. में भारत की आज़ादी के होने वाली गदर […]

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मध्य एशिया में स्थित देशों के नाम के अंत में “स्तान” क्यों हैं!

मध्य एशिया में स्थित देशों के नाम के अंत में “स्तान” क्यों हैं!

17th March 2019 at 6:10 am 0 comments

मध्य एशिया में स्थित देशों के नाम एक खास पैटर्न पर क्यों रखे गए हैं, मतलब नाम के अंत में “स्तान” है जैसे पाकिस्तान, अफगानिस्तान, तजाकिस्तान इत्यादि? यह फ़ारसी भाषा और फारसी साम्राज्य की वजह से है। सबसे पहले देखते हैं की वो कौन से देश हैं जिनका नाम स्तान […]

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उसने अपनी वित्त मंत्री को पका कर खाया….वो अपने बेटे का खून पी रहा है!

उसने अपनी वित्त मंत्री को पका कर खाया….वो अपने बेटे का खून पी रहा है!

17th March 2019 at 6:00 am 0 comments

विश्व इतिहास का वह कौन सा बहुत बुरा व्यक्ति है जिसके बारे में अधिकांश लोग नहीं जानते? पुरू कुमार रॉय (Puroo Kumar Roy) =========== विश्व इतिहास में कौन बहुत बुरा इंसान था जिसके बारे में बहुत कम लोगो को पता है? जब वो छोटा था, वो चिड़ियों को पकड़कर उनकी […]

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भारत में इस्लाम का इतिहास

भारत में इस्लाम का इतिहास

17th March 2019 at 3:06 am 0 comments

भारत में इस्लाम भारतीय गणतंत्र में हिन्दू धर्म के बाद इस्लाम दूसरा सर्वाधिक प्रचलित धर्म है, जो देश की जनसंख्या का 14.2% है (2011 की जनगणना के अनुसार 17.2 करोड़)। भारत में इस्लाम का आगमन करीब 7वीं शताब्दी में हुआ था (629 ईसवी सन्‌) और तब से यह भारत की […]

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चन्दौसी के नौ गेट – शहर के पहरेदार

चन्दौसी के नौ गेट – शहर के पहरेदार

15th March 2019 at 5:16 am 0 comments

Sambhal —————————————— चन्दौसी के नौ गेटों की स्थापना 1757 में रुहेलों के शासनकाल में की गई थी। नगर को एक परकोटे की सीमा में बांधकर आने जाने के लिए ये नौ गेट बनवाए गए थे। देखरेख के अभाव में ये गेट धराशायी हो गए और अब सिर्फ इनके नाम पर […]

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