इतिहास

29 अक्तूबर का इतिहास : 29 अक्तूबर, 1920 में पूर्व राष्ट्रपति ज़ाकिर हुसैन के प्रयासों से जामिया मिल्लिया इस्लामिया की स्थापना की गई!

29 अक्तूबर का इतिहास : 29 अक्तूबर, 1920 में पूर्व राष्ट्रपति ज़ाकिर हुसैन के प्रयासों से जामिया मिल्लिया इस्लामिया की स्थापना की गई!

29th October 2017 at 5:31 pm 0 comments

1945, विश्व में पहली बार बॉल प्वाइंट पेन बाज़ार में आया। 1709, इंग्लैंड तथा नीदरलैंड ने फ्रांस विरोधी संधि पर हस्ताक्षर किए। 1851, बंगाल के ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन की स्थापना की गई हुई। 1859, स्पेन ने मोरक्को के खिलाफ़ युद्ध की घोषणा क र दी। 1863, जेनेवा में 27 देशों […]

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28 अक्तूबर का इतिहास :: 8 सफ़र 35 हिजरी क़मरी को ‘हज़रत सलमान फ़ार्सी’ का निधन हुआ!

28 अक्तूबर का इतिहास :: 8 सफ़र 35 हिजरी क़मरी को ‘हज़रत सलमान फ़ार्सी’ का निधन हुआ!

28th October 2017 at 11:18 pm 0 comments

1891, जापान में भूकंप से 7,300 लोगों की मौत हो गई। 1922, इटली में रोम मार्च के बाद फ़ाशिस्ट शक्तियों ने सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया और मुसोलनी वहां के प्रधानमंत्री बन गए। 1922, लाल सेना ने व्लादिवोस्तोक का अधिग्रहण किया। 1918, आस्ट्रिया और हंगरी के अलग होने के बा […]

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#नेताजी बोस ने बहादुर शाह ज़फ़र के रौज़े की सफ़ाई अपने हाथ से की थी!

#नेताजी बोस ने बहादुर शाह ज़फ़र के रौज़े की सफ़ाई अपने हाथ से की थी!

28th October 2017 at 4:49 am 0 comments

आज मोदी जी ने फुल पेश किया है सुप्रीम कमांडर के मज़ार पर, कभी नेताजी बोस ने बहादुर शाह ज़फ़र के रौज़े की सफ़ाई अपने हाथ से की थी। 17 अक्टूबर 1858 को बाहदुर शाह ज़फर मकेंजी नाम के समुंद्री जहाज़ से रंगून पहुंचा दिए गये थे ,शाही खानदान के […]

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#कैसे हुई थी बहादुर शाह ज़फ़़र की मौत?

#कैसे हुई थी बहादुर शाह ज़फ़़र की मौत?

28th October 2017 at 4:43 am 0 comments

बहादुर शाह ज़फ़र की क़ब्र असल में कहां है, इसे लेकर विवाद है इसीलिए इस पर चर्चा हो रही है, क्या वो बहादुर शाह की असल मज़ार थी. 6 नवंबर 1862 को भारत के आखिरी मुग़ल शासक बहादुर शाह ज़फ़र द्वितीय या मिर्ज़ा अबूज़फ़र सिराजुद्दीन मुहम्मद बहादुर शाह ज़फ़र को […]

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#ज़फ़र महल…तो #बहादुर शाह ज़फ़र का निशां भी मिट जाएगा!

#ज़फ़र महल…तो #बहादुर शाह ज़फ़र का निशां भी मिट जाएगा!

28th October 2017 at 4:40 am 0 comments

ज़फ़र महल अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र की गर्मी के दिनों में आरामगाह हुआ करती थी. 18वीं सदी में कुतुब मीनार के पास इस इमारत को मुग़ल बादशाह अक़बर ने निर्माण करवाया था. लाल पत्थर का तीन मंजिला द्वार बहादुर शाह ज़फ़र ने निर्माण कराया था, जिसे ‘हाथी दरवाज़ा’ […]

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#मुग़लों के बारे में वो झूठ, जिसे बार-बार दोहराकर रटाया जा रहा है!

#मुग़लों के बारे में वो झूठ, जिसे बार-बार दोहराकर रटाया जा रहा है!

28th October 2017 at 4:32 am 0 comments

मुग़लों का विदेशी होने का मुद्दा हाल ही में उठना शुरू हुआ है. मुग़ल तो बहुत अच्छी तरह से इंडिया में घुले-मिले हुए थे. वो इंडिया को अपना देश ही मानते थे. उन्हें विदेशी मानने का कोई कारण भी नहीं था, आखिर अकबर के बाद से सारे इंडिया में ही […]

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#मुग़ल साम्राज्य के शहज़ादे के भीख मांगने का ज़िक्र

#मुग़ल साम्राज्य के शहज़ादे के भीख मांगने का ज़िक्र

28th October 2017 at 4:29 am 0 comments

भारत में मुग़लों ने तीन सौ साल हुकूमत की थी, मुग़ल सम्राट जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर से शुरू हुई यह हुकूमत बहादुर शाह ज़फर पर आकर समाप्त हुई, इस दौरान मुग़ल हुकूमत में कई ऐसे महान साशक हुए जो विश्व इतिहास में अपना अलग स्थान रखते हैं, इतिहासकार बाबर को एशिया […]

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जब नादिर शाह ने 10 लाख की मुग़ल फौजों को हरा दिया!

जब नादिर शाह ने 10 लाख की मुग़ल फौजों को हरा दिया!

28th October 2017 at 4:16 am 0 comments

10 मई 1738 को नादिर शाह ने उत्तरी अफगानिस्तान पर चढ़ाई शुरू कर दी. तीन महीने के भीतर ही उसने दिल्ली से पचहत्तर मील उत्तर करनाल में उसने तीन मिली-जुली मुग़ल फौजों को हरा दिया- उनमें से एक मुग़ल बादशाह की फौज थी, दूसरी अवध की और तीसरी दक्कन से […]

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#दिल्ली में नादिर शाह!

#दिल्ली में नादिर शाह!

28th October 2017 at 4:10 am 0 comments

दिल्ली कितनी ही बार उजड़ी और फिर संवरी है, अपने आप में भारत का इतिहास संजोये देश की राजधानी दिल्ली का अपना खुद अलग इतिहास है, मुस्लिम के आने से पहले यहाँ कोई एक हुकूमत नहीं थी, अलग अलग भागों में बांटा था देश जहाँ अनेक राजा, महराजा राज करते […]

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#अनारकली भी एक काल्पनिक चरित्र है!

#अनारकली भी एक काल्पनिक चरित्र है!

28th October 2017 at 4:01 am 0 comments

पद्मावती और जोधाबाई की तरह ही अनारकली भी एक काल्पनिक चरित्र है, इस कहानी को सबसे पहले लखनऊ के एक नॉविलिस्ट “अब्दुल हलीम शरार” (1860-1926) ने अपनी कल्पना के सहारे लिखा था….बाद में इसी कहानी में थोड़ी फेर बदल करके प्ले राइटर “सय्यद इम्तियाज़ अली ताज” (1900–1970) ने 1922 में […]

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