इतिहास

द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 8 : मुग़ल काल में साहित्य Literature During the Mughal Period!

द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 8 : मुग़ल काल में साहित्य Literature During the Mughal Period!

19th October 2017 at 4:50 am 0 comments

भारत के तैमूरी बादशाह साहित्य के पोषक थे तथा इसकी विभिन्न शाखाओं के विकास को बहुत प्रोत्साहन देते थे। अकबर के संरक्षण में बहुत-से विद्वान् हुए तथा उन्होंने दिलचस्प एवं महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं। अकबर का एक समकालीन व्यक्ति माधवाचार्य, जो त्रिवेणी का एक बगाली कवि तथा चडी-मंगल का लेखक था, […]

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द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 7 : मुग़ल काल में सूफ़ी आंदोलन!

द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 7 : मुग़ल काल में सूफ़ी आंदोलन!

19th October 2017 at 4:47 am 0 comments

इन प्रवृत्तियों के परिणामस्वरूप कुछ सूफियों ने, जैसे शेख नसिरूद्दीन महमूद चिरागे दिल्ली (मृ. 1356 ई.) ने कट्टरपंथी इस्लाम और सूफी परम्परा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयत्न किया, जैसा कि पहले अल गजाली ने किया था और बाद में लक्शबन्दी सम्प्रदाय अन्य महासन्त दिल्ली के वहीदुल्ला (1707-62 ई.) […]

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द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 6 : मुग़लकाल में सामाजिक और आर्थिक जीवन!

द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 6 : मुग़लकाल में सामाजिक और आर्थिक जीवन!

19th October 2017 at 4:44 am 0 comments

मुगल भारत के लोगों का सामाजिक जीवन एवं आर्थिक अवस्था का इतिहास अधिक रोचक एवं महत्त्वपूर्ण है। इनके अध्ययन के साधन वास्तव में कम हैं, किन्तु समकालीन यूरोपीय यात्रियों के विवरणों तथा यूरोपीय कारखानों के कागजात से बहुमूल्य सूचनाओं का संग्रह किया गया है। उस युग के पारसी एवं देशी […]

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द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 5 : मुग़ल सेना Mughal Army

द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 5 : मुग़ल सेना Mughal Army

19th October 2017 at 4:42 am 0 comments

राज्य के द्वारा कोई विशाल सेना स्थायी रूप से नहीं रखी जाती थी परन्तु सिद्धान्त रूप में साम्राज्य के सभी बल नागरिक शाही सेना के हो सकने वाले सिपाही थे। मुगल सेना का इतिहास अधिकतर मनसबदारी प्रणाली का इतिहास है। मनसबदारों के अतिरिक्त दाखिली और अहदी हेाते थे। दाखिली पूरक […]

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द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 4 : मुग़लों की धार्मिक नीति!

द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 4 : मुग़लों की धार्मिक नीति!

19th October 2017 at 4:38 am 0 comments

अकबर की धार्मिक नीति को निम्नलिखित बातों ने प्रभावित किया- तुर्की मंगोल परंपरा की धार्मिक उदारता अकबर का व्यक्तिगत रुझान ईरानी दरबार का प्रभाव गुरु अब्दुल लतीफ और माता हमीदा बानो बेगम का प्रभाव अकबर की साम्राज्यवादी आवश्यकता। 1562 ई. में अकबर ने युद्ध बंदियों को जबरन दास बनाने की […]

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द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 3 : मुग़लकाल में वाणिज्य और व्यापार!

द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 3 : मुग़लकाल में वाणिज्य और व्यापार!

19th October 2017 at 4:35 am 0 comments

मुगल काल में वाणिज्य और व्यापार का विकास हुआ। इसकी वजह यह थी कि काबुल और कधार कुषाण काल के बाद पहली बार भारतीय साम्राज्य के अंतर्गत आया। कधार से पश्चिम एशिया के लिए व्यापारिक कारवां जाते थे। मुल्तान भी व्यापारिक गतिविधियों का केन्द्र था। लाहौर और बुरहानपुर भी व्यापारिक […]

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द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 2 : मुग़लकाल में भू राजस्व प्रणाली!

द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 2 : मुग़लकाल में भू राजस्व प्रणाली!

19th October 2017 at 4:32 am 0 comments

मुगल साम्राज्य के राजस्व को दो भागों में बाँटा जा सकता है- केंद्रीय अथवा शाही तथा स्थानीय अथवा प्रान्तीय। स्थानीय राजस्व स्पष्टत: बिना केन्द्रीय सरकार के वित्त-सम्बन्धी अधिकारियों से पूछे ही वसूला तथा खर्च किया जाता था। यह विभिन्न छोटे-छोटे करों से प्राप्त किया जाता था, जो उत्पादन एवं उपभोग, […]

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द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 1 : मुग़लों की शासन व्यवस्था!

द ग्रेट मुग़ल्स पार्ट 1 : मुग़लों की शासन व्यवस्था!

19th October 2017 at 4:29 am 0 comments

मुगलों के राजत्व की अवधारणा तुर्की मंगोल परंपरा पर आधारित थी। तुर्की मंगोल परंपरा में शक्तिशाली राजतंत्र की अवधारणा थी। मंगोल खलीफा की सत्ता को नहीं मानते थे। चंगेज खाँ के पौत्र हलाकू खाँ ने बगदाद के खलीफा की हत्या कर दी। मुगलों ने भी मंगोलों के प्रभाव में खलीफा […]

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18 अक्तूबर का इतिहास :: 18 अक्तूबर 1912 को उसमानी शासन और इटली की संधि के बाद लीबिया को इटली के हवाले किया था!

18 अक्तूबर का इतिहास :: 18 अक्तूबर 1912 को उसमानी शासन और इटली की संधि के बाद लीबिया को इटली के हवाले किया था!

18th October 2017 at 6:52 pm 0 comments

1922, ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कंपनी बीबीसी की स्थापना की गई। 1967, सोवियत खोजी यान वेनेरा-4 वीनस पहुंचा, किसी अन्य ग्रह के वातावरण को मापने वाला यह पहला अंतरिक्षयान बन गया। 1985, सम्पूर्ण विश्व में व्यापक विरोध के बावजूद दक्षिण अफ़्रीक़ी सरकार द्वारा अश्वेत कवि बेंजामिन मोलोइस को फ़ांसी दे दी गई। […]

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“बंच ऑफ़ थाट्स” में स्वयंसेवकों के लिए निम्न लिखित दिशा-निर्देश दिये हैं!

“बंच ऑफ़ थाट्स” में स्वयंसेवकों के लिए निम्न लिखित दिशा-निर्देश दिये हैं!

18th October 2017 at 12:06 am 0 comments

RSS के किताब “बंच ऑफ थाट्स” में स्वयंसेवकों के लिए निम्न लिखित दिशा-निर्देश दिये हैं:- (1) अशोक चक्र वाला तिरंगा नहीं बल्कि भगवा झंडा हमारा राष्ट्रध्वज है। (2) जमींदारी प्रथा और राजाओं के राज्यों को खत्म घोषित करना भयंकर भूल थी। (3) संसदीय जनतंत्र भारतीय जनमानस के लिए उचित नहीं […]

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