साहित्य

आखिर क्यूं

आखिर क्यूं

17th December 2017 at 3:40 am 0 comments

Chaitali Khattar ============== आखिर क्यूं — कहते हैं कि स्त्रियों की छठी इन्द्री, बहुत तीक्ष्ण होती है सूंघ लेती है वो किसी भी निगाह के छिछलेपन को, देख लेती है किसी भी दुःस्वप्न को पहले ही, भांप लेती है आंखों की अनकही भाषा के अर्थ संकेतों की व्यंजना या फिर […]

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जो दीवार 36 बरसों से हमें सहारा दे रही थी, वह गिर गयी!

जो दीवार 36 बरसों से हमें सहारा दे रही थी, वह गिर गयी!

17th December 2017 at 1:49 am 0 comments

parvez khan ********* आज मुझे जेल में आये हुये पूरे दो साल हो गये हैं। 10.07.2006 को पीर के दिन जेल में दाखिला हुआ था, कल यानी 09.07.2008 बुधवार की सुबह से पहले ख्वाब देखा था कि जिस कमरे में मां रहती थी, उस कमरे की गटर के साइड वाली […]

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मिस आयशा की एक आदत थी कि वह…!!!

मिस आयशा की एक आदत थी कि वह…!!!

14th December 2017 at 1:58 am 0 comments

Firoj Khan ============= मिस आयशा एक छोटे से शहर के प्राथमिक स्कूल में कक्षा 5 की शिक्षक थीं। उनकी एक आदत थी कि वह कक्षा शुरू करने से पहले हमेशा “आई लव यू ऑल” बोला करतीं। मगर वह जानती थीं कि वह सच नहीं कहती । वह कक्षा के सभी […]

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#गुजरात इलेक्शन_अमित शाह : आप सभी को मे जेल मे डाल दूँगा

#गुजरात इलेक्शन_अमित शाह : आप सभी को मे जेल मे डाल दूँगा

13th December 2017 at 2:06 am 0 comments

Rajesh Nodiya ================ Group : *गुजरात इलेक्शन .* *नीतिन पटेल ,रुपाणि ,पटेल भाई ,राहुल गाँधी * and *रेश्मा पटेल * are in the group. *रुपाणि * : मे हूँ विकास. मे हूँ गुजरात. 😎 *पटेल भाई * : विकास पागल हो गया है . 🤣 Admin added *अमित शाह * […]

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ये मात्र आपके मस्तिष्क का भ्रम है ????

ये मात्र आपके मस्तिष्क का भ्रम है ????

11th December 2017 at 6:23 am 0 comments

* यदि पृथ्वी शेषनाग के फन पर टिकी है तो शेषनाग किस पर टिका है और बाकी दूसरे ग्रह् किस पर टिके हैं ???……… * यदि भगवान कण कण मे हैं तो थूक मल मूत्र मे क्यों नहीं ? . . . . * अमरनाथ मे एक गुफ़ा है जिसके […]

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*निम्बू-मिर्च* खाने के लिये है…कही *टाँगने* के लिए नहीं है*

*निम्बू-मिर्च* खाने के लिये है…कही *टाँगने* के लिए नहीं है*

11th December 2017 at 6:16 am 0 comments

Arya Samaj ============= 1) *निम्बू-मिर्च* खाने के लिये है.. कही *टाँगने* के लिए नहीं है। 2) *बिल्लियाँ* जंगली या पालतू जानवर है, बिल्ली के *रास्ता काटने* से कुछ गलत नहीं होता.. बल्कि चूहों से होनेवाले नुक्सान को बचाया जा सकता है। . 3) *छींकना* एक नैसर्गिक क्रिया है, छींकने से […]

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यार मुझे तो तुम्हारे धर्म के लड़के अच्छे लगते है क्या हेयर स्टाइल होता है

यार मुझे तो तुम्हारे धर्म के लड़के अच्छे लगते है क्या हेयर स्टाइल होता है

11th December 2017 at 3:37 am 0 comments

Miyad Akhtar ================ यार मुझे तो तुम्हारे धर्म के लड़के अच्छे लगते है क्या हेयर स्टाइल होता है हैंडसम स्मार्ट लुक एक अलग ही बात होती है तेज़ तर्रार बात करने का स्टाईल अगर मेरा बस चलेगा तो मे तो तुम्हारे धर्म के लड़के से शादी करूँगी भोपाल डिवीज़न काॅलेज […]

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आज मुसलमान उसी गाय की तरह भटक गए हैं और शेर नुमा दुश्मन हमारे पीछे लगा हुआ है!

आज मुसलमान उसी गाय की तरह भटक गए हैं और शेर नुमा दुश्मन हमारे पीछे लगा हुआ है!

11th December 2017 at 2:59 am 0 comments

Shaheen Khan – Varanasi, India ============== एक गाय रास्ता भटक कर जंगल की तरफ़ निकल गई , वहां एक शेर हमला करने के लिए दौड़ा वो भागने लगी शेर भी उसके पीछे पीछे भागने लगा गाय भागती भागती आख़िर एक दलदली दरिया में छलांग लगा दी ,शेर भी उसके पीछे […]

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#6_दिसम्बर_एक_दर्द_भरी_कहानी

#6_दिसम्बर_एक_दर्द_भरी_कहानी

6th December 2017 at 6:48 pm 0 comments

Raj Katala Sandwa =============== #6_दिसम्बर_एक_दर्द_भरी_कहानी✍🏻✍🏻✍🏻 आँसु जरूर बह जायेगा!!! 6 दिसम्बर 1956 बाबासाहब भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस ।। जय भीम जय भीम जय भीम ————- राजधानी दिल्ली रात के 12 बजे थे! रात का सन्नाटा और अचानक दिल्ली, मुम्बई, नागपुर मे चारो और फोन की घंटीया बज उठी! राजभवन […]

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अँधेरे समय में प्रतिवाद और प्रतिरोध की बुलंद आवाज़ रवीश कुमार को उनके जन्मदिन पर ‘सरला माहेश्वरी’ की कविता के साथ बधाई

अँधेरे समय में प्रतिवाद और प्रतिरोध की बुलंद आवाज़ रवीश कुमार को उनके जन्मदिन पर ‘सरला माहेश्वरी’ की कविता के साथ बधाई

6th December 2017 at 8:55 am 0 comments

Arun Maheshwari =============== आज पाँच दिसम्बर ! हमारे समय के प्रखर और जागरुक पत्रकार, अँधेरे समय में प्रतिवाद और प्रतिरोध की बुलंद आवाज रवीश कुमार को उनके जन्मदिन पर सरला की इस कविता के साथ बहुत बहुत बधाई। तदात्मानम सृज्याहम !! सरला माहेश्वरी ओ रवीश कुमार ! क्या दिखा रहे […]

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