साहित्य

क्या गोपन क्या ओपन!

क्या गोपन क्या ओपन!

22nd February 2018 at 5:56 am 0 comments

Ashok Chakradhar _ कवि =================== · क्या गोपन क्या ओपन! —चौं रे चंपू! इत्ती किताबन्नै लैकै कहां चलौ? —आपके पास ही आया हूं! साहित्य अकादमी ने अपने परिसर में कविसम्मेलन कराया था। न्यौता मिला तो सुखद आश्चर्य हुआ, क्योंकि साहित्य अकादमी तो कविसम्मेलन की कविता को प्राय: साहित्य ही नहीं […]

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“किंशुक””क्या वह शुक है?

“किंशुक””क्या वह शुक है?

20th February 2018 at 8:09 am 0 comments

Sushobhit Saktawat =================== “किंशुक” __________________ किंशुक यानी “किं शुक?” (“क्या वह शुक है?”) यह एक प्रश्न नहीं, प्रश्न के छलावरण में एक फूल का नाम है। फूल का नाम ही “किंशुक” है! भारतीय परम्परा यों निरी अभिधा में किसी का नाम नहीं पुकारती, फिर यह तो वसंत का अग्रदूत है! […]

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वेश्यावृत्ति और समलैंगिकता को बढ़ावा दे कर हम विवाह संस्था और परिवार को ख़त्म कर देंगे

वेश्यावृत्ति और समलैंगिकता को बढ़ावा दे कर हम विवाह संस्था और परिवार को ख़त्म कर देंगे

9th February 2018 at 1:29 am 0 comments

मार्क्सिस्ट नारीवाद का भयानक वास्तव । अमेरिकन नारीवादी आइकॉन केट मिलेट की सगी छोटी बहन मेलरी मिलेट के अपने शब्दों में । इसके इतर, इस लेख में शुरुआत में ही एक प्रसंग वर्णित है । हाई स्कूल के बाद मेलरी मिलेट को उसके स्कूल के एक नन ने पूछा – […]

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“न तो आप बादशाह ज़ादे हो न आपका चलन बादशाहों वाला है”

“न तो आप बादशाह ज़ादे हो न आपका चलन बादशाहों वाला है”

8th February 2018 at 4:06 am 0 comments

Shaheen Khan ================= इट्स नॉट जस्ट अ “पकौड़ा” पोस्ट !! ——————- एक बादशाह के दरबार मे एक अजनबी नौकरी की तलब के लिए हाज़िर हुआ । क़ाबलियत पूछी गई, कहा, “सियासी हूँ ।” ( अरबी में सियासी अक्ल ओ तदब्बुर से मसला हल करने वाले मामला फ़हम को कहते हैं […]

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साहेब, फिर आप चुप ही रहिए, मन की बात भी मत किजिए…..!

साहेब, फिर आप चुप ही रहिए, मन की बात भी मत किजिए…..!

6th February 2018 at 1:13 am 0 comments

Ruby Arun _ senior journalist ============== साहेब, आप तो अपने सत्ता सुख के लिए ना अपनी मां से दूर रहते हैं… जब जी चाहे, आप अपनी माँ से मिल भी लेते हैं.. पर हमारे सैनिक ,अपनी जननी का पेट भरने के लिए दूर दराज़, देश की सीमाओं पर अपनी सेवाएं […]

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सभी एक मुहीम से जुड़िये, सरकार की नाक में दम करिए!

सभी एक मुहीम से जुड़िये, सरकार की नाक में दम करिए!

5th February 2018 at 1:41 am 0 comments

प्रियंका ============== पैडमैन से पहले अक्षय को कभी नहीं लगा कि पीरियड्स के बारे में बात करनी चाहिये!! उनकी बीवी को भी नहीं लगा, पद्मावत दीपिका को भी नहीं लगा!! अचानक फ़िल्म के आते ही पीरियड्स सबके लिए नार्मल हो गये और सभी ज्ञान देने लगे जैसे अमिताभ ने पिंक […]

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पर यक्ष प्रश्न अब भी वही… कि, क्या Budget समझ में आया..??

पर यक्ष प्रश्न अब भी वही… कि, क्या Budget समझ में आया..??

4th February 2018 at 5:17 am 0 comments

via – Ruby Arun =================== जिहाल-ए -मिस्कीन मकुन ब-रंजिश….. बेहाल-ए -हिजरा बेचारा दिल है सुनाई देती है जिसकी धड़कन , तुम्हारा दिल या हमारा दिल है.. 2018 का Budget पेश होने के बाद से ही इस गाने की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है.. कि यह गाना आज तक समझ […]

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मुर्गी देशहित में शहीद हो गई…!

मुर्गी देशहित में शहीद हो गई…!

4th February 2018 at 3:49 am 0 comments

via – Ruby Arun ============== *उत्सर्ग-* मुर्गी अंडे दे रही थी और मालिक बेंच रहा था। मुर्गी देशहित में अंडे दे रही थी। उसके मालिक ने कहा था- ’’ आज राष्ट्र को तुम्हारे अंडों की जरूरत है। यदि तुम चाहती हो कि तुम्हारा घर सोने का बन जाये, तो जम […]

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निर्धन व्यक्ति की कहानी : पार्ट 3

निर्धन व्यक्ति की कहानी : पार्ट 3

2nd February 2018 at 5:28 pm 0 comments

राजा ने आदेश दिया कि ऊंटों को एकत्रित किया जाए। ऊंटों पर बौने लोग सवार थे जो बकरी के सींगों पर बैठे हुए थे। राजा ने उस दिन तक इतने बौने लोग नहीं देखे थे। रीज़ेमीज़े जब राजा के महल पर पहुंचा तो उसने राजा को सलाम किया और राजा […]

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सच के लिए बोलोगे तो अकेले ही अपनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी

सच के लिए बोलोगे तो अकेले ही अपनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी

31st January 2018 at 5:13 am 0 comments

Pratima Jaiswal =============== ‘सभी को अपनी लड़ाई खुद लड़नी पड़ती है.’ सबसे पहले स्कूल के दिनों में ये बात सुनी थी. जिसे समझा कॉरपोरेट की दुनिया में आकर. बहरहाल, ऑफिस में हर दिन इस बात को सच होते पाया. कई बार ऐसा महसूस हुआ कि अगर आपकी बात गलत है […]

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