साहित्य

”क्या अब आपको मेरी याद नहीं आती”

”क्या अब आपको मेरी याद नहीं आती”

23rd October 2018 at 3:55 am 0 comments

Pratima Jaiswal ========= बॉलीवुड फिल्मों में प्यार में धोखा खाए या बेवफाई का दर्द झेलते सीन्स की बात करूं, तो दो फिल्मों के दो ऐसे सीन्स आज तक सबसे अलग लगे हैं। जिसमें शायद थोड़ी हंसी, बचपना दिखाते हुए बहुत गहराई से बात कह दी गई है। पहली फिल्म है […]

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नहीं आता कोई राम!!!

नहीं आता कोई राम!!!

20th October 2018 at 12:58 am 0 comments

sarla maheshwari ================ नहीं आता कोई राम ! ये जो खड़ी हैं संकरी गली के दोनों ओर ये भी तो होंगी किसी माँ के दिल्ली कोर रहा होगा इनका भी तो कोई बाप फिर भी जीवन क्यों है इनका अभिशाप आदमियों के इस जंगल में जुगनू की तरह रातों में […]

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इसीलिये Me Too !

इसीलिये Me Too !

20th October 2018 at 12:26 am 0 comments

By : सरला माहेश्वरी ======= इसीलिये Me Too ! नहीं…नहीं… तुम्हारी बंद मुट्ठी में अब नहीं सिसकूँगी अपनी सारी घृणा जमा हुआ आक्रोश ले किसी सुनामी की तरह सारे अवरोधों को तोड़ बाहर निकल आऊँगी मैं ! अब इन आँखों में तुम्हें लाचारी नहीं दहकती हुई आग दिखेगी याचना करते […]

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मीटू को नैतिकता का पैमाना न बनाइए!

मीटू को नैतिकता का पैमाना न बनाइए!

17th October 2018 at 3:31 am 0 comments

सोनाली मिश्र ============== आज चूंकि हम सब मीटू की चर्चा कर ही रहे हैं, और इरा त्रिवेदी और विंता नंदा आदि के कारण एक एक वर्ग इसका मज़ाक उड़ा ही रहा है, ऐसे में मैं फिर से कहना चाहूंगी कि यौन शोषण, या उत्पीडन जैसे मुद्दे केवल एक उच्च वर्ग […]

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आदर्श जैसा होता है, हम वैसे ही हो जाते हैं!

आदर्श जैसा होता है, हम वैसे ही हो जाते हैं!

14th October 2018 at 4:13 am 0 comments

सोनाली मिश्र ============= हो सकता है बात कुछ अजीब लगे, आज के नज़रिए से थोड़ी क्या बहुत पुरातनपंथी लगे, मगर यह बात पूरी तरह से सच है कि यदि हमारे सामने रोने धोने वाले आदर्श होंगे हम भी वही रोने धोने वाले हो जाएंगे. भारतीय समाज में स्त्री का मूल […]

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#चंडीगढ के “लैंप वाले बाबा जी”

#चंडीगढ के “लैंप वाले बाबा जी”

13th October 2018 at 2:21 am 0 comments

🎩तस्वीर चंडीगढ के निवासी “लैंप वाले बाबा जी ” की है। एक समय था जब मैंने व्यक़्क्तिगत रूप से यह मान लिया था के सोशल मीडिया अब केवल राजनीतिक बहसबाज़ी और फेक न्यूज़ का अड्डा बन चुका है। परन्तु यह स्वीकार करने मे मुझे आज लेश मात्र भी संकोच नहीं […]

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कैसा अचरज था कि तुम वही किताब पढ़ रही थीं, जिसे मैं पढ़ चुका था…

कैसा अचरज था कि तुम वही किताब पढ़ रही थीं, जिसे मैं पढ़ चुका था…

11th October 2018 at 4:55 am 0 comments

Sushobhit Singh Saktawat ============= कैसा अचरज था कि तुम ठीक वही किताब पढ़ रही थीं, जिसे मैं पढ़ चुका था. एक चेक उपन्यास. तुमने नाम बतलाया था तो मैं चहककर बोला- “ओह, यह तो पढ़ा है. मेरे पास भूरे रंग के कवर वाला हार्डबाउंड है. और तुम्हारे पास?” तुमने मुझे […]

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हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार और लोकप्रिय कवि पंडित सुरेश नीरव के ज्येष्ठ पुत्र सृजन चतुर्वेदी हुए पंचतत्वों में लीन

हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार और लोकप्रिय कवि पंडित सुरेश नीरव के ज्येष्ठ पुत्र सृजन चतुर्वेदी हुए पंचतत्वों में लीन

20th September 2018 at 12:11 am 0 comments

Poonam Matia सृजन चतुर्वेदी हुए पंचतत्वों में लीन ———————————— ग़ाज़ियाबाद – हिंदी के वरिष्ठ पत्रकार और लोकप्रिय कवि पंडित सुरेश नीरव के ज्येष्ठ पुत्र सृजन चतुर्वेदी का आज हिंडन श्मशान घाट पर दाह संस्कार कर दिया गया। सृजन पहले भी गंभीर चोटों से लड़ कर उभरे हैं अपनी फाइटिंग स्पिरिट […]

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☹️ 😢☹️वृद्ध आश्रम 😢☹️😢 – एक बार पूरी कहानी पढ़ियेगा ज़रूर 🙏🙏

☹️ 😢☹️वृद्ध आश्रम 😢☹️😢 – एक बार पूरी कहानी पढ़ियेगा ज़रूर 🙏🙏

16th September 2018 at 2:11 am 0 comments

Anwar Khursheed ================ विशेष अनुरोध – – एक बार पूरी कहानी पढ़ियेगा ज़रूर 🙏🙏 निशा काम निपटा कर बैठी ही थी, की फोन की घंटी बजने लगी। मेरठ से विमला चाची का फोन था ,”बिटिया अपने बाबू जी को आकर ले जाओ यहां से। बीमार रहने लगे है , बहुत […]

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आईये आज आपको लिये चलते हैं आदर्श ग्राम की ओर…..

आईये आज आपको लिये चलते हैं आदर्श ग्राम की ओर…..

10th September 2018 at 4:12 am 0 comments

Santosh Kumar Singh ================= गांव की कहानी के कारवां को आगे बढ़ाते हुए आईये आज आपको लिये चलते हैं आदर्श ग्राम नवानी की ओर..कहानी कलमबद्ध किया है..डॉ रीता सिंह ने..लिखती हैं…. मधुबनी जिले के झंझारपुर प्रखण्ड का नवानी गाँव। शादी के चार दिन बाद में गाँव गई। गाडी गाँव के […]

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