साहित्य

जब सब मरते थे, मैं कहता था मैं भी मरूंगा एक दिन!

जब सब मरते थे, मैं कहता था मैं भी मरूंगा एक दिन!

19th June 2019 at 8:04 pm 0 comments

Sushobhit ================ जब सब मरते थे, मैं कहता था मैं भी मरूंगा एक दिन. जब मैं मरा मैंने कहा अब मर रहा हूँ. मरने के लिए आवश्यक था एकान्त इसलिए शोर थम गया और बुझा दी गई बत्तियां, सिनेमाघर की तरह. मैं बन गया एक दर्शक– सजग, सचेत, आत्मचेता. एक […]

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दुनिया प्रेम के इस रूप को कहाँ समझ पाई!

दुनिया प्रेम के इस रूप को कहाँ समझ पाई!

1st June 2019 at 8:01 am 0 comments

डॉ. सोनाली मिश्र ============== उसका नृत्य अप्सरा के नृत्य से कम न था, उसका सौन्दर्य अप्सरा के सौन्दर्य से कहीं बढ़कर था. उसने जब जन्म लिया नाचने वाली के घर तो माँ को लगा जैसे किसी अप्सरा ने ही उस पर तरस खा लिया हो और आ गयी हो उसकी […]

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आँधियाँ हक़ीक़त की तेज़ थीं बहुत लेकिन….!!आप खो जाएंगे इन नज़ारों में….

आँधियाँ हक़ीक़त की तेज़ थीं बहुत लेकिन….!!आप खो जाएंगे इन नज़ारों में….

25th May 2019 at 11:10 pm 0 comments

Mumtaz Naza ============ हसरतें जगाने का मन नहीं किया मेरा ये नगर बसाने का मन नहीं किया मेरा حسرتیں جگانے کا من نہیں کیا میرا یہ نگر بسانے کا من نہیں کیا میرا ख़ून का हर इक धब्बा कितना ख़ूबसूरत था ज़ख़्म-ए-दिल छुपाने का मन नहीं किया मेरा خون کا […]

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#iamstandwithblabla_लेकिन फिर भी उन्होंने जीना नहीं छोड़ा

#iamstandwithblabla_लेकिन फिर भी उन्होंने जीना नहीं छोड़ा

22nd May 2019 at 6:02 am 0 comments

Pratima Jaiswal सोचिए! आपकी बहन, बेटी या फिर पत्नी किसी से पहले प्रेम करती थीं और किसी वजह से शादी नहीं हो पाई, लेकिन फिर भी उन्होंने जीना नहीं छोड़ा। वो जीवन में आगे बढ़ीं और किसी और के साथ प्रेम और उम्मीद भरे सफर को आगे बढ़ाया। आगे बढ़ने […]

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वो किसी दूसरे शहर से आई है और दिल्ली में एक किराए के फ्लैट में रहती है

वो किसी दूसरे शहर से आई है और दिल्ली में एक किराए के फ्लैट में रहती है

17th May 2019 at 10:42 pm 0 comments

Pratima Jaiswal ऑफिस में मेरी एक दोस्त थी, जो कुछ दिनों से परेशान चल रही थी। 2-3 दिनों से शाम को घर जल्दी निकलती। मोबाइल की बैटरी फुल चार्ज रखती थी, ऐसे में अगर किसी वजह से वो मोबाइल चार्ज करना भूल जाती, तो उसके साथ पैनिक अटैक जैसी समस्या […]

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विरासत : तुम्हारे पति का गुस्सा उतरा या नहीं ?

विरासत : तुम्हारे पति का गुस्सा उतरा या नहीं ?

17th May 2019 at 10:16 pm 0 comments

रश्मि तारिका Poets & Writers Lives in Surat, Gujarat From Hisar, Haryana ============ विरासत संध्या होते ही सुधा ने मन्त्र जाप करते हुए मन्दिर और बाकी सब घर को रोशन कर दिया। फिर बेटे के कमरे में गई जो खामोशी से अपने लैपटॉप पर काम कर रहा था।बहू रसोई में […]

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‘सिसकियाँ लेता ‘कश्मीर’

‘सिसकियाँ लेता ‘कश्मीर’

16th May 2019 at 7:05 am 0 comments

Pradeep Kasni ========== ‘सिसकियाँ लेता स्वर्ग’ कश्मीर के हिंदी कवि निदा नवाज़ की एक ऐसी साहसिक डायरी है जो इकहरी अफ़वाहों और लगभग सच समझ लिये जाने वाले #झूठ_के_खिलाफ एक नया और वास्तविक #आईना दिखाती है। दरअसल यह डायरी निदा की आंशिक जीवनी है जो आम कश्मीरियों की भी जीवनी […]

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मैं ऐसे आदमी से घृणा करता हूँ जो बिलखने लगता है और वसीयतनामा लिखने बैठ जाता है

मैं ऐसे आदमी से घृणा करता हूँ जो बिलखने लगता है और वसीयतनामा लिखने बैठ जाता है

10th May 2019 at 1:03 am 0 comments

Kavita Krishnapallavi आदमी की सबसे प्यारी चीज़ होती है उसकी ज़िन्दगी। उसे जीने के लिए बस एक ही ज़िन्दगी मिलती है, और उसे अपनी ज़िन्दगी को इस तरह जीना चाहिए ताकि उसे कभी इस पछतावे की आग में न जलना पड़े कि उसने अपने साल यूँ ही बर्बाद कर दिये, […]

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#मोहताज़_लोमडी_या_बहादुर_शेर

#मोहताज़_लोमडी_या_बहादुर_शेर

9th May 2019 at 1:58 am 0 comments

Shamsher Ali Khan ================== #मोहताज़_लोमडी_या_बहादुर_शेर एक सौदागर (बिज़नेस मेन) बा-गरज़ तिजारत घर से निकला ! रास्ते में एक जंगल पड़ा! उसने देखा की एक अपाहिज़ लोमड़ी हैं! जिसके हाथ और पैर बिलकुल नहीं हैं! वैसे अच्छी खासी मोटी-ताज़ी,,,, !! सौदागर ने ख़्याल किया की यह तो चलने फिरने से माज़ूर […]

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*गीत नया गाता हूं*

*गीत नया गाता हूं*

6th May 2019 at 7:13 am 0 comments

Tabassum Shaikh Kashid ============== पहली अनुभूति: गीत नहीं गाता हूं बेनकाब चेहरे हैं, दाग बड़े गहरे हैं टूटता तिलिस्म आज सच से भय खाता हूं गीत नहीं गाता हूं लगी कुछ ऐसी नजर बिखरा शीशे-सा शहर अपनों के मेले में मीत नहीं पाता हूं गीत नहीं गाता हूं पीठ में […]

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