साहित्य

कवियित्री चन्द्रकांता सिवाल हुई अंतरराष्ट्रीय “नेपाल-भारत साहित्य सेतु सम्मान” से सम्मानित, बढ़ाया दिल्ली का मान

कवियित्री चन्द्रकांता सिवाल हुई अंतरराष्ट्रीय “नेपाल-भारत साहित्य सेतु सम्मान” से सम्मानित, बढ़ाया दिल्ली का मान

21st August 2018 at 1:57 am 0 comments

क्रान्तिधरा साहित्य अकादमी मेरठ द्वारा नेपाल की वाणिज्यिक नगरी बीरगंज में त्रिदिवसीय भारत-नेपाल साहित्यिक महोत्सव का आयोजन भारतीय राज दूतावास नेपाल, नेपाल भारत सहयोग मंच एवं हिमालिनी हिन्दी मासिक पत्रिका मुख्य सहयोगी रहे। इस भव्य आयोजन का उद्धघाटन नेपाल के मुख्यमंत्री माननीय लालबाबू राउत के कर कमलों से वीरगंज नेपाल […]

Read more ›
ओ पिया,,,आपने मन की सुना देते हो…. मेरे मन की भी सुनो कभी

ओ पिया,,,आपने मन की सुना देते हो…. मेरे मन की भी सुनो कभी

18th August 2018 at 1:41 am 0 comments

Vikram Partap Jp ================= ओ पिया आपने मन की सुना देते हो मेरे मन की भी सुनो कभी याद करो वो वक़्त सुनहरा चाय की रेहड़ी पे आना मेरा छुप जाना तेरा केतली पीछे सपने पुराने फिर बुनो कभी मेरे दिल की भी सुनो कभी दिल्ली तुमको खूब है भाई […]

Read more ›
💐💐💐ग़ज़ल💐💐💐अगर नींद उसने चुराई न होती

💐💐💐ग़ज़ल💐💐💐अगर नींद उसने चुराई न होती

13th August 2018 at 4:58 am 0 comments

Ashkara Khanam Kashf ============= 💐💐💐ग़ज़ल💐💐💐 ग़मे ज़िंदगी से रिहाई न होती अगर आतिशे दिल बुझाई न होती जो आँँखों से उसने पिलाई न होती मिरी इस तरह जग हँसाई न होती यूँ आवाज़ रब को लगाई न होती घड़ी जो मुसीबत की आई न होती सज़ा जो ये शैताँ ने […]

Read more ›
……….अभी तो मैं जवान हूँ!!

……….अभी तो मैं जवान हूँ!!

10th August 2018 at 1:33 am 0 comments

न ग़म कशोद-ओ-बस्त का, न वादा-ए-अलस्त का……….अभी तो मैं जवान हूँ!! गज़लों की यह महफ़िल अपने पहले पड़ाव तक पहुँच चुकी है। आज हम आपके सामने महफ़िल-ए-गज़ल का २५वाँ अंक लेकर हाज़िर हुए हैं। आगे बढने से पहले हम इस बात से मुतमईन होना चाहेंगे कि जिस तरह इस महफ़िल […]

Read more ›
….एक गज़ल जिसके कारण तीन फ़नकार कूच कर गए

….एक गज़ल जिसके कारण तीन फ़नकार कूच कर गए

10th August 2018 at 1:24 am 0 comments

आज की गज़ल को क्या कहूँ, कुछ ऐसी कहानी हीं इससे जुड़ी है कि अगर कुछ न भी हो तो बहुत कुछ कहा जा सकता है,फिर भी दिल है कि एक शब्द कहने या लिखने से पहले सौ बार सोचने की सलाह दे रहा है। यूँ तो मेरे पास लगभग […]

Read more ›
*”जिसे “दोहराये” सारा जहां, वो “दास्तान” हो जाओ !*

*”जिसे “दोहराये” सारा जहां, वो “दास्तान” हो जाओ !*

8th August 2018 at 4:36 am 0 comments

Chaitali Khattar •••••••••••••••••••••••••••••• “ज़मीं” पर रखो “पैर”, और “आसमान” हो जाओ, “जिसे “दोहराये” सारा जहां, वो “दास्तान” हो जाओ ! “बेख़बरी” के “आलम” से “मुल्क़” है “लरज़ाया” हुआ, “हो “ख़बर” जिसकी सबको, वो “इन्सानियत” का “पैग़ाम” हो जाओ ! “अगर “निगाह” में बस “ख़ार”(काँटे) ही नज़र आते हैं, “खिलाओ “गुल” […]

Read more ›
जो हम दुसरो को देंगे, वहीं लौट कर आयेगा…

जो हम दुसरो को देंगे, वहीं लौट कर आयेगा…

8th August 2018 at 2:21 am 0 comments

Aayaan Rana ·================ गाँव में एक किसान रहता था जो दूध से दही और मक्खन बनाकर बेचने का काम करता था.. एक दिन बीवी ने उसे मक्खन तैयार करके दिया वो उसे बेचने के लिए अपने गाँव से शहर की तरफ रवाना हुवा.. वो मक्खन गोल पेढ़ो की शकल मे […]

Read more ›
हम सब नीग्रो हैं, हम सब काले हैं।।…

हम सब नीग्रो हैं, हम सब काले हैं।।…

5th August 2018 at 7:20 am 0 comments

महेन्द्र ‘नेह’ ———————— हम सब जो तूफानों ने पाले हैं हम सब जिन के हाथों में छाले हैं हम सब नीग्रो हैं, हम सब काले हैं।। जब इस धरती पर प्यार उमड़ता है हम चट्टानों का चुम्बन लेते हैं सागर-मैदानों ज्वालामुखियों को हम बाहों में भर लेते हैं। हम अपने […]

Read more ›
नरभक्षक : आतंकी सोच ने मारा है, आगे का काम पुलिस का था

नरभक्षक : आतंकी सोच ने मारा है, आगे का काम पुलिस का था

1st August 2018 at 7:58 am 0 comments

Suraj Kumar Bauddh ================ नरभक्षक ! वह बाजार निकला था मीट खरीदने के खातिर वह बाजार निकला था गाय बेचने के खातिर पर घात लगाए बैठे नरभक्षक उस पर टूट पड़े हथियारबद्ध। बेशक भीड़ बेनाम होती है, बेशक भीड़ बेशक्ल होती है। पर भीड़ इतनी क्रूर नहीं होती। हिंसक निर्दयी […]

Read more ›
प्रेम का आत्मिक अहसास v/s संभोग

प्रेम का आत्मिक अहसास v/s संभोग

24th July 2018 at 7:27 am 0 comments

वाया : Indu Karasi ============== वाट्सअप पर आज सुबह मित्र उपेंद्र जी ने हमारे एक अन्य प्रिय मित्र की छोटी सी स्टोरी या कहूँ उनकी स्त्रियों कीे करुण स्थिति के प्रति समाजिक आत्मिक वेदना को, उपेंद्र जी ने मुझे कई दिन पहले डरते हिचकते भेजा जिसे मेने अभी पढा ओर […]

Read more ›