साहित्य

बड़ी उम्र में प्रेम — तबस्सुम फ़ातिमा

बड़ी उम्र में प्रेम — तबस्सुम फ़ातिमा

18th April 2019 at 2:56 am 0 comments

Tabassum Fatima =========== बड़ी उम्र में प्रेम — तबस्सुम फ़ातिमा बड़ी उम्र में प्यार और ग्लानि का एहसास एक साथ होता है / नए कोमल लिबास में रूमानी एहसास के साथ बच्चे भी शामिल हो जाते हैं कभी कभी जवानी की दहलीज़ पर क़दम रखने वाली बेटी भी / बड़ी […]

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आज धरा से आसमान का मिलन हो गया…

आज धरा से आसमान का मिलन हो गया…

14th April 2019 at 4:59 am 0 comments

स्रुष्टी के निर्माता ने स्रुष्टी चलाने के लिए नर ओर मादा की रचना की…ओर उसी के कारण हर जीव में जातीय इच्छाए रखी…कुदरत के रहस्य को जाना जाय तो ब्रहमांन्ड को समझना कठीन नहीं होगा…. शंकराचार्य के एक वाक्य का भी विरोधा भासी मतलब कंइ लोग ने निकाला… ब्रह्म सत्य […]

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लेकिन गधा अपनी ज़िद पर अटका हुआ था…

लेकिन गधा अपनी ज़िद पर अटका हुआ था…

11th April 2019 at 9:14 am 0 comments

Anwar Khursheed एक दिन मुल्ला नसरुद्दीन जोश जोश में अपने गधे को घर की छत पर ले गए… जब नीचे उतारने लगे तो गधा नीचे उतर ही नहीं रहा था । बहुत कोशिश के बाद भी जब नाकाम हुए तो ख़ुद ही नीचे उतर गए और गधे के नीचे उतरने […]

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नैतिक व अनैतिक शुचिता बोध से परे है साहित्‍य

नैतिक व अनैतिक शुचिता बोध से परे है साहित्‍य

7th April 2019 at 2:50 pm 0 comments

सोनाली मिश्र ========= पाखी का मुख पृष्‍ठ जब देखा तो लग गया था कि हंगामा होगा, पर न जाने क्‍यों लग रहा था कि लोग परिपक्‍व हो गए हैं और अब विमर्श तो करेंगे पर बहस नहीं। पर दुर्भाग्‍य से यह नहीं हुआ और एक पत्रिका की विषय सामग्री के […]

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आज अर्चना दीदी को याद करने का दिन था

आज अर्चना दीदी को याद करने का दिन था

7th April 2019 at 1:35 am 0 comments

सोनाली मिश्र ========= आज अर्चना दीदी को याद करने का दिन था। जो उनसे जुड़ा था, उन सभी ने उन्‍हें याद किया। आज सुबह सुबह ही प्रभा दीदी के पास पहुुंच गई थी। प्रभा दीदी को जब अपनी डिग्री दिखाई तो मन में एक टीस हुई, कि काश यह एक […]

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गुज़रा हुआ ज़माना !

गुज़रा हुआ ज़माना !

6th April 2019 at 1:41 am 0 comments

Dhruv Gupt _ Ex IPS officer ================= अपने लंबे पुलिस जीवन के कुछ अनुभव ऐसे रहे जो आज रिटायरमेंट के वर्षों बाद भी सोचने पर सुख देते हैं, दुख देते हैं और परेशान करते हैं। आज उस दौर का अपना सबसे दुखद अनुभव आपसे साझा करना चाहता हूं। बात 1981 […]

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,,,तो क्या मैं सचमुच मर गया,,,नहीं, मैं जिंदा हूं,,,और गा रहा हूं!!!

,,,तो क्या मैं सचमुच मर गया,,,नहीं, मैं जिंदा हूं,,,और गा रहा हूं!!!

2nd April 2019 at 4:37 am 0 comments

Himanshu Kumar =========== जहाँ मैं रहता हूं वहाँ घरों में पंखे नहीं होते, क्योंकि यहाँ गर्मी भी नहीं होती, हम एक गांव में रहते हैं, यहाँ महंगाई भी कम है, मकान दो हज़ार रूपये महीने में मिल जाता है, दूध भी तीस रूपये किलो में मिल जाता है, दिल्ली में […]

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मार्च 2002 से मार्च 2019 : कितना कठिन है न्याय का सफ़र!

मार्च 2002 से मार्च 2019 : कितना कठिन है न्याय का सफ़र!

30th March 2019 at 10:28 pm 0 comments

Arun Maheshwari ============ मार्च 2002 से मार्च 2019 !  कितना कठिन है न्याय का सफ़र ! बिलकिस बानो ! गुजरात 2002 का भयावह नरसंहार ! गर्भवती बिलकिस बानो के साथ हत्यारे गिरोह ने सामूहिक बलात्कार किया और उसके परिवार के सात सदस्यों को मार डाला। बिलकिस बानो आज भी लड़ […]

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वो मेरी ग़लती थी…….औऱ अपने हाथ से तलाक़ के काग़ज़ात फाड़ दिए

वो मेरी ग़लती थी…….औऱ अपने हाथ से तलाक़ के काग़ज़ात फाड़ दिए

26th March 2019 at 5:06 am 0 comments

पति ने पत्नी को किसी बात पर तीन थप्पड़ जड़ दिए, पत्नी ने इसके जवाब में अपना सैंडिल पति की तरफ़ फेंका, सैंडिल का एक सिरा पति के सिर को छूता हुआ निकल गया। मामला रफा-दफा हो भी जाता, लेकिन पति ने इसे अपनी तौहीन समझी, रिश्तेदारों ने मामला और […]

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जावेद अख़्तर की ताज़ा नज़्म

जावेद अख़्तर की ताज़ा नज़्म

25th March 2019 at 11:54 pm 0 comments

जावेद अख़्तर की ताजा नज़्म आई है। उर्दू जिस सादाबयानी और साफ़गोई के लिए जानी जाती है, उसका जादू इस नज़्म में देखा जा सकता है। यह एक तूफ़ानी आह्वान है, उन सभी के लिए जो लिख बोल सकते हैं, वे जहां कहीं और जैसे भी लिख-बोल रहे हों! Jo […]

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