साहित्य

अमीर ख़ुसरो गोरखपुर के बीआरडी हॉस्पिटल में भर्ती है, उन्हें आक्सीजन चढ़ रही है!

अमीर ख़ुसरो गोरखपुर के बीआरडी हॉस्पिटल में भर्ती है, उन्हें आक्सीजन चढ़ रही है!

7th November 2017 at 3:15 am 0 comments

एक बार गर्मियों के दिनों में अमीर खुसरो उत्तर प्रदेश के गांवों की यात्रा पर निकले थे । रास्ते में उनका मोबाइल डाटा खत्म हो गया, उन्होंने सोचा कि मैं किसी का wifi पासवर्ड माँग कर हॉटस्पॉट यूज़ कर लूंगा वह एक पनघट पर जा पहुँचे । वहां चार पनिहारिनें […]

Read more ›
कविता और विज्ञान

कविता और विज्ञान

7th November 2017 at 1:17 am 0 comments

Vinay Jha =============== कविता और विज्ञान :- चैटबॉक्स में एक सन्देश आज आया है – “आपकी कवितायें पढ़नी है”| उत्तर = (मर्त्यलोक के लोगों के लिए नहीं है मेरी कवितायें, अतः लिखकर फ़ेंक देता हूँ | एक नमूना = ) मैं कविक्रतु, यह मेरी सृष्टि क्योंकि मेरी माँ है प्रकृति […]

Read more ›
स्मृति दिवस ☆ जनकवि नागार्जुन ☆

स्मृति दिवस ☆ जनकवि नागार्जुन ☆

6th November 2017 at 2:51 am 0 comments

Pradeep Kasni =============== स्मृति दिवस ☆ जनकवि नागार्जुन | कविता • #सच_न_बोलना • ‘हज़ार-हज़ार बाहों वाली’ से मलाबार के खेतिहरों को अन्न चाहिए खाने को, डंडपाणि को लठ्ठ चाहिए बिगड़ी बात बनाने को! जंगल में जाकर देखा, नहीं एक भी बांस दिखा! सभी कट गए सुना, देश को पुलिस रही […]

Read more ›
रोटी तो पहचानते हैं ना हुज़ूर ?

रोटी तो पहचानते हैं ना हुज़ूर ?

6th November 2017 at 1:48 am 0 comments

Anand Kumar =============== ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ये इसलिए पुछा क्योंकि रोटी से जुड़ा कुछ पूछना था | रात में या सुबह के नाश्ते में जब रोटी आप खाते हैं तो वो कैसरोल में रखा होता है | नाम अंग्रेजी का है, Casserole तो जाहिर है ये भारत का कोई परंपरागत बर्तन तो […]

Read more ›
#घोघाबापा_का_प्रेत #कहानी _पार्ट 4

#घोघाबापा_का_प्रेत #कहानी _पार्ट 4

6th November 2017 at 1:42 am 0 comments

इं. प्रदीप शुक्ला _____________________________ इधर सज्जन जी महमूद गजनी की एक तिहाई सेना को नितांत अकेले ही तहस नहस करके, वीरगति को प्राप्त हो गए रेगिस्तान में। और उधर उनके बीस वर्षीय लड़के और घोघाराणा के प्रपौत्र ‘सामन्त’ को कुछ ज्ञात ही नहीं था। वो अपनी ऊँटनी पर उड़ा जा […]

Read more ›
#घोघाबापा_का_प्रेत #कहानी _पार्ट 3

#घोघाबापा_का_प्रेत #कहानी _पार्ट 3

6th November 2017 at 1:40 am 0 comments

इं. प्रदीप शुक्ला · _____________________________ सज्जन अन्दर पहुँच कर एक लम्बे चौड़े भयानक इंसान को अजीब तरीके से आभूषण और वस्त्र पहने गाव तकिये पर अधलेटा हुआ देखा। अगल बगल राक्षस जैसे हब्सी नंगी तलवारें लिए पत्थर की तरह अचल खड़े थे। उस बीच वाले इंसान के दोनों ओर सामने […]

Read more ›
#घोघाबापा_का_प्रेत #कहानी _पार्ट 2

#घोघाबापा_का_प्रेत #कहानी _पार्ट 2

6th November 2017 at 1:39 am 0 comments

#घोघाबापा_का_प्रेत #कहानी _पार्ट 2 _____________________________ सज्जन सिंह अपने सुपुत्र सामन्त और दूसरे कुछ योद्धाओं के साथ तेज ऊंटनियों पर रवाना हुए। दो रास्ते थे, एक बहुत लम्बा रास्ता सौराष्ट्र होकर जाता था जो कि आबादी वाला था और रेगिस्तान से होकर नहीं जाता था। दूसरा रास्ता रेगिस्तान के रेतीली खतरनाक […]

Read more ›
#घोघाबापा_का_प्रेत #कहानी _पार्ट 1

#घोघाबापा_का_प्रेत #कहानी _पार्ट 1

6th November 2017 at 1:37 am 0 comments

ये जो कहानी मैं शुरू करने जा रहा हूँ, ये इतिहास की वो सच्ची कहानी है, जिसको जानबूझ कर भरतवंशियों को नीचा दिखाने के लिए इतिहास से हटा दी गई है। (आइये, अपना इतिहास पुनर्जीवित करें!) _______________________________ भूमिका- आप सबने पढ़ा, सुना ही होगा कि अफगानिस्तान की गजनी का महमूद […]

Read more ›
महिलाओं को राजनीति में मुखर होना चाहिए : पढ़ें ‘सोनाली मिश्र’ के कुछ लेख!

महिलाओं को राजनीति में मुखर होना चाहिए : पढ़ें ‘सोनाली मिश्र’ के कुछ लेख!

6th November 2017 at 1:15 am 0 comments

सोनाली मिश्र ============== कोई भी सीट महिला सीट घोषित की जाती है, तो कई बार पुरुष नेताओं की पत्नियां ही प्रत्याशी होती हैं. यह एक स्वाभाविक सा ट्रेंड है. बहुत ही आम होता है यह कह देना कि नेताओं की पत्नियों को ही टिकट दिया. मैं इस चलन को राजनीति […]

Read more ›
#आधी_बीवी…अगर तेरा इरादा ऐसा था तो फिर….!!!

#आधी_बीवी…अगर तेरा इरादा ऐसा था तो फिर….!!!

5th November 2017 at 2:03 am 0 comments

Shakeel Ismail ============== #आधी_बीवी… आपकी बीवी के बदन का जितना हिस्सा ढका हुवा है उस पर ही आपका हक है लेकिन जो हिस्सा खुला हुवा है वो तो शामिलात है उसको देखने का हम सब को अधिकार है… केहते है कि काहिरा से उसवान जाने वाली गाडी में एक बुढा […]

Read more ›