साहित्य

💐💐💐ग़ज़ल💐💐💐अगर नींद उसने चुराई न होती

💐💐💐ग़ज़ल💐💐💐अगर नींद उसने चुराई न होती

13th August 2018 at 4:58 am 0 comments

Ashkara Khanam Kashf ============= 💐💐💐ग़ज़ल💐💐💐 ग़मे ज़िंदगी से रिहाई न होती अगर आतिशे दिल बुझाई न होती जो आँँखों से उसने पिलाई न होती मिरी इस तरह जग हँसाई न होती यूँ आवाज़ रब को लगाई न होती घड़ी जो मुसीबत की आई न होती सज़ा जो ये शैताँ ने […]

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……….अभी तो मैं जवान हूँ!!

……….अभी तो मैं जवान हूँ!!

10th August 2018 at 1:33 am 0 comments

न ग़म कशोद-ओ-बस्त का, न वादा-ए-अलस्त का……….अभी तो मैं जवान हूँ!! गज़लों की यह महफ़िल अपने पहले पड़ाव तक पहुँच चुकी है। आज हम आपके सामने महफ़िल-ए-गज़ल का २५वाँ अंक लेकर हाज़िर हुए हैं। आगे बढने से पहले हम इस बात से मुतमईन होना चाहेंगे कि जिस तरह इस महफ़िल […]

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….एक गज़ल जिसके कारण तीन फ़नकार कूच कर गए

….एक गज़ल जिसके कारण तीन फ़नकार कूच कर गए

10th August 2018 at 1:24 am 0 comments

आज की गज़ल को क्या कहूँ, कुछ ऐसी कहानी हीं इससे जुड़ी है कि अगर कुछ न भी हो तो बहुत कुछ कहा जा सकता है,फिर भी दिल है कि एक शब्द कहने या लिखने से पहले सौ बार सोचने की सलाह दे रहा है। यूँ तो मेरे पास लगभग […]

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*”जिसे “दोहराये” सारा जहां, वो “दास्तान” हो जाओ !*

*”जिसे “दोहराये” सारा जहां, वो “दास्तान” हो जाओ !*

8th August 2018 at 4:36 am 0 comments

Chaitali Khattar •••••••••••••••••••••••••••••• “ज़मीं” पर रखो “पैर”, और “आसमान” हो जाओ, “जिसे “दोहराये” सारा जहां, वो “दास्तान” हो जाओ ! “बेख़बरी” के “आलम” से “मुल्क़” है “लरज़ाया” हुआ, “हो “ख़बर” जिसकी सबको, वो “इन्सानियत” का “पैग़ाम” हो जाओ ! “अगर “निगाह” में बस “ख़ार”(काँटे) ही नज़र आते हैं, “खिलाओ “गुल” […]

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जो हम दुसरो को देंगे, वहीं लौट कर आयेगा…

जो हम दुसरो को देंगे, वहीं लौट कर आयेगा…

8th August 2018 at 2:21 am 0 comments

Aayaan Rana ·================ गाँव में एक किसान रहता था जो दूध से दही और मक्खन बनाकर बेचने का काम करता था.. एक दिन बीवी ने उसे मक्खन तैयार करके दिया वो उसे बेचने के लिए अपने गाँव से शहर की तरफ रवाना हुवा.. वो मक्खन गोल पेढ़ो की शकल मे […]

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हम सब नीग्रो हैं, हम सब काले हैं।।…

हम सब नीग्रो हैं, हम सब काले हैं।।…

5th August 2018 at 7:20 am 0 comments

महेन्द्र ‘नेह’ ———————— हम सब जो तूफानों ने पाले हैं हम सब जिन के हाथों में छाले हैं हम सब नीग्रो हैं, हम सब काले हैं।। जब इस धरती पर प्यार उमड़ता है हम चट्टानों का चुम्बन लेते हैं सागर-मैदानों ज्वालामुखियों को हम बाहों में भर लेते हैं। हम अपने […]

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नरभक्षक : आतंकी सोच ने मारा है, आगे का काम पुलिस का था

नरभक्षक : आतंकी सोच ने मारा है, आगे का काम पुलिस का था

1st August 2018 at 7:58 am 0 comments

Suraj Kumar Bauddh ================ नरभक्षक ! वह बाजार निकला था मीट खरीदने के खातिर वह बाजार निकला था गाय बेचने के खातिर पर घात लगाए बैठे नरभक्षक उस पर टूट पड़े हथियारबद्ध। बेशक भीड़ बेनाम होती है, बेशक भीड़ बेशक्ल होती है। पर भीड़ इतनी क्रूर नहीं होती। हिंसक निर्दयी […]

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प्रेम का आत्मिक अहसास v/s संभोग

प्रेम का आत्मिक अहसास v/s संभोग

24th July 2018 at 7:27 am 0 comments

वाया : Indu Karasi ============== वाट्सअप पर आज सुबह मित्र उपेंद्र जी ने हमारे एक अन्य प्रिय मित्र की छोटी सी स्टोरी या कहूँ उनकी स्त्रियों कीे करुण स्थिति के प्रति समाजिक आत्मिक वेदना को, उपेंद्र जी ने मुझे कई दिन पहले डरते हिचकते भेजा जिसे मेने अभी पढा ओर […]

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#वो_कैसी_औरतें_थीं

#वो_कैसी_औरतें_थीं

20th July 2018 at 8:17 pm 0 comments

वो कैसी औरतें थीं जो गीली लकड़ियों को फूंक कर चूल्हा जलाती थीं जो सिल पर सुर्ख़ मिर्चें पीस कर सालन पकाती थीं सुबह से शाम तक मसरूफ़, लेकिन मुस्कुराती थीं भरी दोपहर में सर अपना ढक कर मिलने आती थीं जो पंखे हाथ से झलती थीं और बस पान […]

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पापा, ये मुसलमान है ना, हमसे नफ़रत करने वाले लोग हैं, इनसे हमारी सालो की दुश्मनी है

पापा, ये मुसलमान है ना, हमसे नफ़रत करने वाले लोग हैं, इनसे हमारी सालो की दुश्मनी है

20th July 2018 at 3:39 am 0 comments

Shamsher Ali Khan =================== पापा, ये मुसलमान है ना। ट्रेन में सामने वाली बर्थ पर बैठी फॅमिली को देख कर बच्चे ने पिता से पूछा। हां बेटा, पिता ने संक्षिप्त जवाब दिया *इनके हाथ से कुछ मत लेना। माँ ने हिदायत दी।* क्यों? बच्चे का छोटा सा सवाल। जो कभी […]

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