साहित्य

शोहरत की ख़ातिर … !!! ( उर्दू अफ़साना)

शोहरत की ख़ातिर … !!! ( उर्दू अफ़साना)

9th August 2017 at 3:50 pm 0 comments

( मोहम्मद खुर्शीद अकरम ‘ सोज़’ ) ———————— वह ख़ुद पेशे से एक डॉक्टर थी ,लेकिन हर वक़्त मर्ज़-ए-इज़्तिराब में मुब्तला रहती थी । दरअस्ल उस के इज़्तिराब यानि बेचैनी की वजह यह थी कि वह सारी दुनिया में मशहूर होना चाहती थी , शोहरा-ए-आफ़ाक़ बनना चाहती थी और शोहरत […]

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देश प्रेम की कविता उर्फ़ सारे जहां से अच्छा…!!!

देश प्रेम की कविता उर्फ़ सारे जहां से अच्छा…!!!

9th August 2017 at 3:45 pm 0 comments

Mukul Saral —————————- वरिष्ठ कवि-लेखक अजय सिंह का आज जन्मदिन है। यूं तो सरकारी तौर पर वह 15 अगस्त के दिन पैदा हुए लेकिन उस दिन से विभाजन की त्रासदी भी जुड़ी होने की वजह से वह भारत छोड़ो आंदोलन के दिन जिसे बहुत लोग आज़ादी का असली दिन मानते […]

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“भारत में गर न होता मुसलमान, तो क्या होता श्रीमान?

“भारत में गर न होता मुसलमान, तो क्या होता श्रीमान?

9th August 2017 at 1:30 am 0 comments

मुसलमान न होते तो जी चंगा होता दंगा-वंगा होता न ही कोई पंगा होता ख़ुशहाली होती घर-घर में बदहाली का न टंटा होता खिलते फूल चमन-चमन रहते सब ही मौज मगन बेरोज़गारों की फ़ौज न होती भ्रष्टाचारियों की मौज न होती फ़्रॉड न होता दफ़्तरों में नेकी होती अफ़सरों में […]

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?? ख़्वाब भी …हक़ीक़त भी ??

?? ख़्वाब भी …हक़ीक़त भी ??

8th August 2017 at 12:18 am 0 comments

Rizwan Aijazi ————————– सच्चे इरादे हों तो क़ुदरत चमत्कार करती है किताबें लिखने दूसरी बार गोवा गया तो मपसा में एक अतिसामान्य से गेस्ट हॉउस में रुका । दस दिन का किराया तय किया 3000 रूपये । थोड़ा बहुत मोलभाव कराया ,ज़्यादा मोलभाव मेरे बस की नहीं होती । ख़ैर […]

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संवेदनाएँ मर चुकी हैं हमारी : हम रक्षाबंधन मना रहे हैं और कुछ परिवार मातम!

संवेदनाएँ मर चुकी हैं हमारी : हम रक्षाबंधन मना रहे हैं और कुछ परिवार मातम!

8th August 2017 at 12:04 am 0 comments

Rizwan Aijazi – Jaipur · ————————— कितनी संवेदनाएँ मर चुकी हैं हमारी हम रक्षाबंधन मना रहे हैं और कुछ परिवार मातम सोशल मीडिया चुप हैं आप चुप हैं ,मैं चुप हूँ क्या क़ुसूर था इन बेगुनाहों का बस ये शासन ,प्रशासन ,रेलवे की लापरवाही का शिकार हुए हैं । क्या […]

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क्योकि आप जैसा भाई उस बहन को छेड़ रहा है : नीलू ख़ान की क़लम से!

क्योकि आप जैसा भाई उस बहन को छेड़ रहा है : नीलू ख़ान की क़लम से!

7th August 2017 at 8:38 pm 0 comments

आज रक्षा बंधन हैं जो भाई बहन का पवित्र पर्व है , आज के दिन भाई के बिना बहन अधूरी है और बहन के बिना भाई सभी, खुश हैं और धूम धाम से इसे मना रहे हैं ! जो लाजमी भी हैं (जरुरी है ) पर किसी ने भी इस […]

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एक मुल्ले का खून : खून के दाग़ हाथों से इतनी आसानी से छूट जाते हैं?

एक मुल्ले का खून : खून के दाग़ हाथों से इतनी आसानी से छूट जाते हैं?

7th August 2017 at 1:29 am 0 comments

Tashhirul Islam ———————— एक मुल्ले का खून प्रमोद बाबू को तमाशे की खबर पहले ही मिल चुकी थी। बार-बार चेहरे का पसीना पोंछते तेज कदमों से घर पंहुचे थे, जहां प्रकाश पसीने से नहाया वाश बेसिन में हाथ धोता मिला था। “क्या लगता है बेटा… खून के दाग हाथों से […]

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सुना है मोदी सरकार गौ मंत्रल्या बनाने जा रही है : *आज की गौमाता*

सुना है मोदी सरकार गौ मंत्रल्या बनाने जा रही है : *आज की गौमाता*

7th August 2017 at 1:24 am 0 comments

Jeffrey Partap ——————— सुना है मोदी सरकार गौ मंत्रल्या बनाने जा रही है क्या उसमे कोई गौ तरबीयत का बन्दा बी होगा क्यों के गौ एक अति शांति प्रिय प्राणी है जब बी कोई शादी होती है तो अक्सर यह कहा जाता है के फलां लड़का या लड़की गौ तुल्य […]

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*ग़ज़ल***लेके पेग़ाम भी मुहब्बत का कोई अख़बार घर नहीँ आता*

*ग़ज़ल***लेके पेग़ाम भी मुहब्बत का कोई अख़बार घर नहीँ आता*

7th August 2017 at 12:27 am 0 comments

*ग़ज़ल* Siraj Khan Tonki ——————- कोई इल्ज़ाम सर नहीँ आता बोलना सच अगर नहीँ आता लेके पेग़ाम भी मुहब्बत का कोई अख़बार घर नहीँ आता उसके किरदार पे नज़र रखना रात बच्चा जो घर नहीँ आता फ़ज्र के वक़्त की अज़ाँ सुनके वो ईशा तक मगर नहीँ आता बाद तेरे […]

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#हाँ, #लहू #बोल #रहा #है!!!!

#हाँ, #लहू #बोल #रहा #है!!!!

6th August 2017 at 1:51 am 0 comments

रचना & लेखः- अंजुम फ़िरदौसी ——————— #हाँ ,#लहू #बोल #रहा #है। न ज़ात न पात, इंसाॅ के लिए। इस प्यारे हिन्दुस्ताँ के लिए। रहबर के लिए, राही के लिए।। हाँ ,वर्दी हर ख़ाकी के लिए।। हर मर्ज़ ,हर एक नारी के लिए। इस जीवन की गाड़ी के लिए।।।।।।। #हाँ,#लहू #बोल […]

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