साहित्य

ईरानी कवि हैं साबिर हक़ा_कविता से पेट नहीं भरता, सो पैसे कमाने के लिए ईंट-रोड़ा ढोना पड़ता है।

ईरानी कवि हैं साबिर हक़ा_कविता से पेट नहीं भरता, सो पैसे कमाने के लिए ईंट-रोड़ा ढोना पड़ता है।

4th December 2017 at 4:50 pm 0 comments

Translation Geet Chaturvedi Courtesy:Sher Singh Ajay Yadav ———– via – Satyendra PS =============== एक ईरानी कवि हैं साबिर हक़ा। मजदूर हैं। तेहरान में रहते हैं। चूंकि कविता से पेट नहीं भरता, सो पैसे कमाने के लिए ईंट-रोड़ा ढोना पड़ता है। एक इंटरव्‍यू में साबिर कहते हैं, ”मैं थका हुआ हूं. […]

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‘दरवेश फिर मिलेंगे’…कुंडली के गुणों का क्या ड्रामा है?

‘दरवेश फिर मिलेंगे’…कुंडली के गुणों का क्या ड्रामा है?

3rd December 2017 at 10:46 pm 0 comments

Pratima Jaiswal ============== आज बाजार पहले से ज्यादा गुलजार लग रहा था. सामने मिठाई की दुकान पर बड़ी-सी लग्जरी कार खड़ी थी. अचानक खिड़की का शीशा नीचे सरका और आवाज आई ‘भईया… 1 किलो काजू कतली पैक करना’. जानी-पहचानी आवाज सुनकर पीछे मुड़कर देखा. वाह! कुंडली के साढ़े तीन गुण […]

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आम आदमी होने का दर्द

आम आदमी होने का दर्द

3rd December 2017 at 4:07 am 0 comments

Parul Jain ================ आम आदमी होने का दर्द बचपन में जब चिलचिलाती गर्मी में हमारे सरकारी स्कूल के सरकारी नल में पानी नहीं आता था तो हमारी टीचर को स्टाफ रूम में रखे ठन्डे पानी के जग से ठंडा पानी पीते देखकर कुछ शरारती बच्चे कहते कि मैडम तो V.I.P […]

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और ख़ाक़ी वर्दी, नेता जी के कुर्ते को छू गई!

और ख़ाक़ी वर्दी, नेता जी के कुर्ते को छू गई!

1st December 2017 at 11:43 am 0 comments

Afroz Alam Sahil ================ उस दिन यमुना किनारे धोबी घाट पर एक रस्सी पर नेताजी जी का सफ़ेद खादी कुर्ता और एक पुलिस अधिकारी की खाकी वर्दी एक विचारधारा की तरह टंगे हुए थे. इतने में हवा का एक झोंका आया और खाकी वर्दी, नेता जी की कुर्ते को छू […]

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जब अकबर बादशाह का सारा ख़ज़ाना जंग में ख़ाली हो गया तो…!!!

जब अकबर बादशाह का सारा ख़ज़ाना जंग में ख़ाली हो गया तो…!!!

30th November 2017 at 4:56 am 0 comments

अकबर बादशाह का सारा खज़ाना जंग में खत्म हो गया, अकबर ने बीरबल से पूछा कि और पैसा कहां से मिल सकता है, बीरबल ने जवाब दिया कि एक धन्ना सेठ है वह आपको पैसा दे सकता है, अकबर को बहुत ताज्जुब हुआ कि इतना पैसा उसके पास कैसे आया, […]

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सिन्दबाद की कहानी

सिन्दबाद की कहानी

29th November 2017 at 7:39 am 0 comments

फार्स में सिन्दबाद नाम का एक राजा रहता था। फार्स में सिन्दबाद नाम का एक राजा रहता था। उसके पास प्रशिक्षित बाज़ एक बाज़ था जिसे वह बहुत चाहता था और उसे अपने से अलग नहीं करता था। सिन्दबाद के आदेश से बाज़ की गर्दन में सोने का बना एक […]

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#पांच सितारा शादी और हम….#हादसे और सोनाली

#पांच सितारा शादी और हम….#हादसे और सोनाली

29th November 2017 at 7:30 am 0 comments

सोनाली मिश्र ============== · पांच सितारा शादी और हम ************* अब शादी का कार्ड आने पर पहले की तरह नहीं होता कि जाया जाए! अजनबीपन की एक दीवार जैसे सामने खड़े हो जाती है. एक चमक, चमकीली दुनिया, महंगे से महंगे डिज़ाईनर परिधानों से सजी औरतें, सब एक आर्टिफिशियल सा! […]

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हाँ…..मैं ग़रीब की बेटी हूं!!!!

हाँ…..मैं ग़रीब की बेटी हूं!!!!

27th November 2017 at 3:48 am 0 comments

Chaitali Khattar =============· हाँ मैं गरीब की बेटी हूं जिंदगी को सितम मैं कहती हूं मजबूरियों में भी खुश रहती हूं चंद बूंदों से पेट भर लेती हूं क्योंकि मैं गरीब की बेटी हु ठंडी में ठिठुर लेती हूं बरसात में भीग लेती हूं गर्मी पाँव जलाती है तो पत्थरों […]

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झूठा ग़ुलाम_पार्ट 3_एक रात ख़लीफ़ा हारून ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमकी से कहा कि मैं…!

झूठा ग़ुलाम_पार्ट 3_एक रात ख़लीफ़ा हारून ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमकी से कहा कि मैं…!

24th November 2017 at 11:47 pm 0 comments

हमने बताया कि एक रात ख़लीफ़ा हारून रशीद अपने मंत्री जाफ़र बरमकी के साथ भेस बदल कर बग़दाद में घूम रहा था कि उसका सामना एक बूढ़े मछुआरे से हुआ। उसे उस दिन एक भी मछली नहीं मिली थी। हमने बताया कि एक रात ख़लीफ़ा हारून रशीद अपने मंत्री जाफ़र […]

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“ऐ रंगरेज़ मेरे”

“ऐ रंगरेज़ मेरे”

23rd November 2017 at 8:50 pm 0 comments

Sushobhit Saktawat ______________ उसने उस दिन सफ़ेद लिबास पहना था! अपने रंगरेज़ के लिए ही तो! झक-सफ़ेद, हँस के पांख जैसा धवल, के जिस पर दाग़ लगाने के लिए रंग का एक छींटा भी काफ़ी था, पर उसे क्‍या पता था कि उस दिन बारिश होगी! एक दिन पहले ही […]

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