साहित्य

अबुल कलाम आज़ाद की मूल अंग्रेज़ी की दो छोटी कविताओं के अनुवाद : दो ‘लिंचिंग’ कविताएँ

अबुल कलाम आज़ाद की मूल अंग्रेज़ी की दो छोटी कविताओं के अनुवाद : दो ‘लिंचिंग’ कविताएँ

25th March 2019 at 11:45 pm 0 comments

Ashutosh Kumar अबुल कलाम आज़ाद की मूल अंग्रेज़ी की दो छोटी कविताओं के अनुवाद .इन दोनों का साझा उनवान है – ‘ 2 Lynching Poems ‘ इनमें से पहली कविता का उनवान है – ‘ A Lynched Leaf’. दूसरी का ‘Two’ मुझे to lynch का सटीक हिंदी पर्याय नहीं मिला. […]

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शिकवा जवाब-ए-शिकवा : सर अल्लामा मुहम्मद इक़बाल

शिकवा जवाब-ए-शिकवा : सर अल्लामा मुहम्मद इक़बाल

24th March 2019 at 6:25 am 0 comments

Tanveer Tyagi =============== क्यूँ ज़याँ-कार बनूँ सूद-फ़रामोश रहूँ फ़िक्र-ए-फ़र्दा न करूँ, महव-ए-ग़म-ए-दोश रहूँ नाले बुलबुल के सुनूँ और हमा-तन गोश रहूँ हम-नवा मैं भी कोई गुल हूँ कि ख़ामोश रहूँ जुरअत-आमोज़ मेरी ताब-ए-सुख़न है मुझ को शिकवा अल्लाह से ख़ाकम-ब-दहन है मुझ को…। है बजा शेवा-ए-तस्लीम में मशहूर हैं हम […]

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सरसों इस बार रोक लेगी घर बसंत को या चल पड़ेगी पिया संग

सरसों इस बार रोक लेगी घर बसंत को या चल पड़ेगी पिया संग

21st March 2019 at 12:25 pm 0 comments

Shayak Alok ============= सरसों जानती है बसंत हर बरस लौटने वाला चिरई है जो आएगा तो खिल जाएगी गंध फूलेगी सरसों और बरस पड़ेगा पीला लाल-धानी-सुआपंखी-मिट्टई-नीला सरसों चटक हरी है अभी पेड़ों के पत्तों ने रंगत बदल ली है गुलदाउदी ने दावत दी है आएगा बसंत तो सरसों ने लीपा […]

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राजा का पिटारा

राजा का पिटारा

14th March 2019 at 7:32 pm 0 comments

सोनाली मिश्र ======== राजा का पिटारा राजा खोलता है एक दिन पिटारा और एक दिन वो करता है मुनादी घोषणाओं की। उसका बेटा सब सीखता है। राजा के बेटे का सब सीखना जरूरी है, वैसे ही जैसे एक खानसामे का बेटा जान जाता है मसालों के संयोजन के बारे में, […]

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आज मार्क्स के स्मृति दिवस पर उन्हें याद करते हुए- –

आज मार्क्स के स्मृति दिवस पर उन्हें याद करते हुए- –

14th March 2019 at 6:34 pm 0 comments

Arun Maheshwari ============ आज मार्क्स के स्मृति दिवस पर उन्हें याद करते हुए- – बुडापेस्ट के मेमेंटो पार्क में सरला माहेश्वरी बुडापेस्ट शहर से दूर निर्जन, निर्वासित मूर्तियाँ ! पूजा के बाद जैसे देवी-देवताओं की विसर्जित मूर्तियाँ ! विसर्जित ! या खंडित मूर्तियाँ ! जिनकी और पूजा नहीं की जाती […]

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नज़्म —नफ़ीस जुमले

नज़्म —नफ़ीस जुमले

12th March 2019 at 8:48 pm 0 comments

Siya Sachdev ============= नज़्म —नफ़ीस जुमले ये साफ़ अल्फ़ाज़ मोती जैसे हरूफ़ सब मीठे मिश्री जैसे ये मख्मलीं गुफ़्तगू के लहजे ये शहद जैसे नफ़ीस जुमले जो सेहर अंगेज़ अदा में बुन कर लबों पे रखते हैं कलियां चुन कर वो जाल उल्फ़त का फेंकते हैं वो गुल फ़साहत के […]

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या खुदा दुनिया तेरी सूनी है औरत के बग़ैर

या खुदा दुनिया तेरी सूनी है औरत के बग़ैर

9th March 2019 at 2:22 pm 0 comments

निराशी निर्मम ========== जलबिन्दुनिपातेन क्रमशः पूर्यते घटः। स हेतुः सर्वविद्यानां धर्मस्य च धनस्य च॥ A pitcher can be filled drop-by-drop and so is the case with your wealth, Vidya(sciences) and Dharma. *🔸शब्दार्थ* :— *क्रमशः*= क्रमपूर्वक *जल-विन्दु-निपातेन*= पानी की एक बूंद गिरने से *घटः*= घड़ा *पूर्यते*= भर जाता है *सः*= यही […]

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विनता कहती हैं कि घोड़े की पूँछ सफ़ेद है, कद्रू का कहना है कि वह काली है

विनता कहती हैं कि घोड़े की पूँछ सफ़ेद है, कद्रू का कहना है कि वह काली है

9th March 2019 at 2:09 pm 0 comments

Hindi Kavita ============ शर्तें वहाँ नहीं लगतीं , जहाँ अस्पष्टता हो ; बल्कि उन्हें वहीं लगाया जाता है जहाँ अत्यधिक निश्चिन्तता होती है। सूरज का सातवाँ घोड़ा अवसर पाते ही रथ छोड़ कर भाग आता है। वह घोड़ा जिसे धर्मवीर भारती के क़िस्सागो मित्र माणिक मुल्ला बचपन की सवारी कहते […]

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स्त्री सम्बन्धी कुछ संस्कृत लोकभाषा और अंग्रेजी शब्दों की व्युत्पत्ति : स्त्री सम्बन्धी शब्द

स्त्री सम्बन्धी कुछ संस्कृत लोकभाषा और अंग्रेजी शब्दों की व्युत्पत्ति : स्त्री सम्बन्धी शब्द

9th March 2019 at 2:04 pm 0 comments

Arun Upadhyay स्त्री सम्बन्धी कुछ संस्कृत लोकभाषा और अंग्रेजी शब्दों की व्युत्पत्ति- (१) मेहरारू-संस्कृत-मेहना अथवा महिला +रू। मेह = मेघ का प्राकृत। संस्कृत मेह = स्राव या मूत्र। ऋग्वेद में धन बढ़ाने वाला, धन का स्राव करने वाला- यदिन्द्र चित्र मेहना ऽस्ति त्वादातमद्रिवः (ऋक्, ५/३९/१) जैसे दुर्गासप्तशती में -काञ्चनस्रावी छत्र […]

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अब कुछ अच्छा नहीं लगता, लौट आओ फिर से…..

अब कुछ अच्छा नहीं लगता, लौट आओ फिर से…..

6th March 2019 at 10:58 am 0 comments

कृष्ण मुहम्मद ========= वो लड़की को पागल कंहू या हमनवा ? कुछ पता नहीं वो सचमुच की काबिलेतारीफ थीं ,, जब उस से प्रेम हुआ था तब मैंने कहा था “तुम्हारी आँखों में जादू है। एक तिलिस्म है जो मुझे मुझे मोम सा पिघला देता है” । मेरे इतने कहने […]

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