साहित्य

मेरे वतन का बुरा हाल है, मोदी का बुरा हर साल है…!!!

मेरे वतन का बुरा हाल है, मोदी का बुरा हर साल है…!!!

18th April 2018 at 3:51 am 0 comments

Sagar_parvez =============== मेरे वतन का बुरा हाल है, मोदी का बुरा हर साल है… खून मेरा क्यों खौल रहा है क्यों दिल बाग़ी बोल बोल रहा है इस धरती पर रहने वाले कितने हैं दुख सहने वाले सबकी आँखें सूख गई हैं ढूंढ के लाओ रोने वाले उन रुदलियों को […]

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दसवीं एवं ग्याहरवीं सदी के कवि मोहम्मद हुसैन नज़ीरी नीशापुरी : पार्ट 2

दसवीं एवं ग्याहरवीं सदी के कवि मोहम्मद हुसैन नज़ीरी नीशापुरी : पार्ट 2

18th April 2018 at 3:14 am 0 comments

मोहम्मद हुसैन नज़ीरी नीशापुरी, दसवीं शताब्दी हिजरी के उत्तरार्ध में ईरान के नीशापुर नगर में पैदा हुए और इसी शहर में उन्होंने आरंभिक ज्ञान प्राप्त किया। अभी वे युवा हुए ही थे कि उनकी शायरी का डंका ख़ुरासान से बाहर भी बजने लगा। वे युवाकाल में अपनी शायरी की क्षमता […]

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ज़ैनब को नम आंखों से श्रद्धांजलि ….😓😓😓

ज़ैनब को नम आंखों से श्रद्धांजलि ….😓😓😓

16th April 2018 at 5:29 am 0 comments

Jassal Naresh – Vienna, Austria · ============= माँ मेरा कसूर नही था, एक चाचू से चॉकलेट ही तो ली थी .. पापा सा वो लगता था !! मुझे बोला तुम बेटी हो मेरी !! उसके पहलू मे बैठ गई मै .. चॉकलेट खाती, बाते करती .. हाथ मेरे सर पर […]

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महान मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब आलमगीर और चवन्नी की कहानी!

महान मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब आलमगीर और चवन्नी की कहानी!

12th April 2018 at 2:52 am 0 comments

जैनब सिद्दीकी ============== मुल्ला अहमद जियून हिन्दुस्तान के मुगल बादशाह औरंगज़ेब आलमगीर के उस्ताद थे. औरंगज़ेब अपने उस्ताद का बहुत एह्तराम करते थे और उस्ताद भी अपने शागिर्द पर फख्र करते थे. जब हिंदुस्तान के बादशाह बने तो उन्होंने अपने गुलाम के ज़रिए उस्ताद को पैगाम भेजा कि वह किसी […]

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अफ़सोस : पैसा देकर लड़की भेजी जा रही है!!!

अफ़सोस : पैसा देकर लड़की भेजी जा रही है!!!

9th April 2018 at 10:55 pm 0 comments

जान अब्दुल्लाह ============= शाहनवाज़ ( बदला हुआ नाम) और शबाना ( बदला हुआ नाम) दोनो एक दूसरे से प्यार करते थे दोनो ने निकाह कर लिया। निकाह के बाद दोनों ने बच्चे हुए 2 बच्चे हो गए, अब शादी में वो आनंद भी न रहा परमानंद की तलाश में शाहनवाज़ […]

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1 घंटे बाद मुझे संयोग से चिक्की अधमरी हालत में मिल गई !~!!!

1 घंटे बाद मुझे संयोग से चिक्की अधमरी हालत में मिल गई !~!!!

5th April 2018 at 3:31 am 0 comments

Pratima Jaiswal ==================== जब मैं किसी भूखे कुत्ते को बिस्किट खिलाती हूं, तो आसपास के लोग देखकर कहते हैं कि यही बिस्किट किसी भिखारी को खिला देती. जब मैं किसी कुत्ते को पीटते हुए देखती और उसे बचाने की कोशिश करती हूं, तो सुनने को मिलता है कि इस देश […]

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व्यंग तरंग : कसम से आज पहली अप्रैल है, वही दिनों की फिर दरकार है कसम से,,,,

व्यंग तरंग : कसम से आज पहली अप्रैल है, वही दिनों की फिर दरकार है कसम से,,,,

1st April 2018 at 12:10 am 0 comments

Jeffrey Partap ================= आज का दिन बड़ा कमाल है कसम से आज पहली अप्रैल है रखी गयी थी नींव कल चन्द देश पतन सूत्रिया कार्यकर्मो की चार साल पहले बोली लगी धर्मो की उसकी आज दंगो रूपी फसल तैयार है कसम से आज पहली अप्रैल है नोटबन्दी की बात पुराणी […]

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“Who’s Coming to Dinner” : यह शादी दोनो में से किसी के हित में नहीं है!

“Who’s Coming to Dinner” : यह शादी दोनो में से किसी के हित में नहीं है!

31st March 2018 at 2:06 am 0 comments

अमरीकी समाज में नस्लभेद की समीक्षा, “Who’s Coming to Dinner” हूज़ कमिंग टू डिनर। हालीवुड में बनने वाली इस फ़िल्म के डायरेक्टर का नाम है, Stanley Kramer, हूज़ कमिंग टू डिनर नामक फ़िल्म उस काल की फ़िल्म है जब अमरीका में रहने वाले श्यामवर्ण के लोग अपने अधिकारों के लिए […]

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नयी सरकार बनी, पहले भ्रष्टाचार के बहुत खिलाफ़ थे,,,एक IPS अधिकारी का सरकारी वयवस्था पर तंज़!

नयी सरकार बनी, पहले भ्रष्टाचार के बहुत खिलाफ़ थे,,,एक IPS अधिकारी का सरकारी वयवस्था पर तंज़!

31st March 2018 at 12:22 am 0 comments

Amitabh Thakur =================== गलत सन्देश नयी सरकार बनी, एक नए मंत्री कहीं दिखे, पहले भ्रष्टाचार के बहुत खिलाफ थे, भ्रष्टाचारियों पर कठोरतम कार्यवाही की अनवरत मांग करते थे, भ्रष्टाचार मिटाने की बात करते नहीं थकते थे. किसी भले आदमी ने उनकी बातों को हकीकत समझ लिया, मेरे सामने उन्हें कहा, […]

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मुझसे प्यार करने वाले लोग मुझे ज़हरीला न बनने देने के लिए काफ़ी हैं

मुझसे प्यार करने वाले लोग मुझे ज़हरीला न बनने देने के लिए काफ़ी हैं

29th March 2018 at 5:16 pm 0 comments

Pratima Jaiswal =============== हमारे कुछ गिने-चुने अपने लोग हमें जहरीला बनने से रोके हुए हैं। उनका होना ही हमारे अंदर जहर को हमेशा के लिए और पूरी तरह फैलने नहीं देता। हम रूखे तो हुए हैं लेकिन इतना जहरीला नहीं हो पाते कि सड़क पर घूमते किसी कुत्ते को लात […]

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