साहित्य

प्रखर सूर्य के जैसा चमको…सद्चरित्र उत्थान लिखो तुम //*जन्मदिन मुबारक़\\*

प्रखर सूर्य के जैसा चमको…सद्चरित्र उत्थान लिखो तुम //*जन्मदिन मुबारक़\\*

21st October 2017 at 7:01 am 0 comments

@रश्मि शाक्य # =========== मेरे जन्मदिन पर ये गीत आपके बीच- जीवन पथ है बहुत कठिन पर संकल्पित जयगान लिखो तुम। एक अलग पहचान लिखो तुम ।। यौवन का उत्कर्ष अनूठा तन मन का संघर्ष अनूठा । तर्क कल्पना प्रेम अलंकृत काम भाव आकर्ष अनूठा । प्रखर सूर्य के जैसा […]

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भात, भात, भात,,,,थोड़ा हमको *भात* चाहिए//\\अनूप मणि त्रिपाठी//\\

भात, भात, भात,,,,थोड़ा हमको *भात* चाहिए//\\अनूप मणि त्रिपाठी//\\

19th October 2017 at 9:15 pm 0 comments

भात भात भात भात भात भात थोड़ा हमको चाहिए भात भात भात माँ भारती की जय हम भी तो बोलते हो वोट मांगते तो दर को खोलते सरकार जो बन गई सरकार करें बात भात भात भात थोड़ा हमको चाहिए भात भात भात चूल्हें की आग ठंडी पर हर तरफ […]

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खिड़की के बाहर संस्कार, संस्कृति, मयार्दा, लोकलज्जा बेशर्मी से खिसियानी हंसी हंस रहे थे!

खिड़की के बाहर संस्कार, संस्कृति, मयार्दा, लोकलज्जा बेशर्मी से खिसियानी हंसी हंस रहे थे!

18th October 2017 at 9:06 pm 0 comments

Pratima Jaiswal ————————- …और एक बार फिर से ‘संपादक महोदय’ को ये कहानी अश्लील लगी. सुहागरात की संस्कारी रात शादी का सर्कस खत्म हो चुका था. सब अपने-अपने मकसद को पूरा करके जाने की तैयारी में थे. किसी को अपने 23 कैरेट के जेवर दिखाने थे, तो किसी को रिश्तेदारों […]

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HAPPY DIWALI *उस रोज़ ‘दिवाली’ होती है*अटल बिहारी वाजपेयी की कविता*

HAPPY DIWALI *उस रोज़ ‘दिवाली’ होती है*अटल बिहारी वाजपेयी की कविता*

18th October 2017 at 9:00 pm 0 comments

Chaitali Khattar – Kanpur  ************** आज दिवाली इस पावन त्यौहार शुभ पर्व पे आज के इस दौर अटल बिहारी वाजपेयी अटल जी जैसे व्यक्ति प्रेरणा स्त्रोत है पहले भारतीय प्रधान मंत्री जो कि कांग्रेस दल के नही थें लेखक राजनेता व् कवि पद्म विभूषन भारत रत्न , ये मेरे लिए […]

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#मुहब्बत की झूठी कहानी पे रोए – डा.मधुसूदन उपाध्याय का लेख!

#मुहब्बत की झूठी कहानी पे रोए – डा.मधुसूदन उपाध्याय का लेख!

18th October 2017 at 2:53 am 0 comments

और यह भी कि दुनिया के हर ताजमहल की कहानी में एक शाहजहां होता है एक मुमताज होती है और कहानी के उत्तरार्ध में होता है एक पुरूषोत्तम नागेश ओक। ताज एक छल है और मुमताज एक ड्रामा। मुमताज! सामान्यतः माना जाता है कि वो बहुत खूबसूरत और समर्पित पत्नी […]

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”चाँद” को भगवान् राम से शिकायत है, आइये देखते हैं….एक मधुर कविता!

”चाँद” को भगवान् राम से शिकायत है, आइये देखते हैं….एक मधुर कविता!

17th October 2017 at 12:14 am 0 comments

  Chaitali Khattar – Kanpur ============ चाँद को भगवान् राम से यह शिकायत है कि दिवाली का त्योहार अमावस की रात में मनाया जाता है और क्योंकि अमावस की रात में चाँद निकलता ही नहीं है इसलिए वह कभी भी दीपावली मना नहीं सकता। यह एक मधुर कविता है कि […]

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#पापा, ये मुसलमान है ना…*इनके हाथ से कुछ मत लेना, इनसे हमारी दुश्मनी है*

#पापा, ये मुसलमान है ना…*इनके हाथ से कुछ मत लेना, इनसे हमारी दुश्मनी है*

15th October 2017 at 4:48 am 0 comments

Sharoon Khan Shammi =============== #मुसलमान_है_ना पापा, ये मुसलमान है ना। ट्रेन में सामने वाली बर्थ पर बैठी फॅमिली को देख कर बच्चे ने पिता से पूछा। हां बेटा, पिता ने संक्षिप्त जवाब दिया *इनके हाथ से कुछ मत लेना। माँ ने हिदायत दी।* क्यों? बच्चे का छोटा सा सवाल। जो […]

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//\\कितनी मोहक है हँसी तेरी….जैसे बादलों से छलकतीं बूँदें//\\

//\\कितनी मोहक है हँसी तेरी….जैसे बादलों से छलकतीं बूँदें//\\

12th October 2017 at 4:55 am 0 comments

@रश्मि शाक्य # =============== कितनी मोहक! है हँसी तेरी/ जैसे किसी अमराई में कोयल कूकती/ जैसे बादलों से छलकतीं बूँदें/ छमाछम गिरतीं करतीं हैं तरंगित/ नदी के जल को/ जैसे खन से खनकी हो कोई चूड़ी/ किसी गोरी कलाई में / जैसे कमल सर में/ खिल रहा हो धीरे- धीरे…./ […]

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#देवदासियों की चीखो से गूंजते गुम्बद : VIDEO

#देवदासियों की चीखो से गूंजते गुम्बद : VIDEO

10th October 2017 at 1:43 pm 0 comments

Anjali Sharma ================ यूँ तो मुझे आप सब देवदासी के नाम से पुकारते हैं जिसका अर्थ “देवता की दासी” यानी ….. ईश्वर की सेवा करने वाली पत्नी होता है..!! पर यह सच से कोसों दूर है। कुछ ऐसे जैसे दिन में तपते सूरज के नीचे बिना कि सी आश्रय के […]

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लघु-कथा- “धर्म का अधर्म” :: आजादी से पहले का एक गाँव!

लघु-कथा- “धर्म का अधर्म” :: आजादी से पहले का एक गाँव!

8th October 2017 at 1:31 am 0 comments

Suryansh Mulnivashi ================= लघु-कथा- “धर्म का अधर्म” (आजादी से पहले का एक गाँव) पंडित जी सुबह सुबह मंदिर को निकले लेकिन थोड़ी ही देर में वापस घर की ओर तेज क़दमों से आते दिखे तो नुक्कड़ पर पान की दूकान पर खड़े रणबीर सिंह ने पूछा… क्या हुआ शास्त्री जी […]

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