साहित्य

#6_दिसम्बर_एक_दर्द_भरी_कहानी

#6_दिसम्बर_एक_दर्द_भरी_कहानी

6th December 2017 at 6:48 pm 0 comments

Raj Katala Sandwa =============== #6_दिसम्बर_एक_दर्द_भरी_कहानी✍🏻✍🏻✍🏻 आँसु जरूर बह जायेगा!!! 6 दिसम्बर 1956 बाबासाहब भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस ।। जय भीम जय भीम जय भीम ————- राजधानी दिल्ली रात के 12 बजे थे! रात का सन्नाटा और अचानक दिल्ली, मुम्बई, नागपुर मे चारो और फोन की घंटीया बज उठी! राजभवन […]

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अँधेरे समय में प्रतिवाद और प्रतिरोध की बुलंद आवाज़ रवीश कुमार को उनके जन्मदिन पर ‘सरला माहेश्वरी’ की कविता के साथ बधाई

अँधेरे समय में प्रतिवाद और प्रतिरोध की बुलंद आवाज़ रवीश कुमार को उनके जन्मदिन पर ‘सरला माहेश्वरी’ की कविता के साथ बधाई

6th December 2017 at 8:55 am 0 comments

Arun Maheshwari =============== आज पाँच दिसम्बर ! हमारे समय के प्रखर और जागरुक पत्रकार, अँधेरे समय में प्रतिवाद और प्रतिरोध की बुलंद आवाज रवीश कुमार को उनके जन्मदिन पर सरला की इस कविता के साथ बहुत बहुत बधाई। तदात्मानम सृज्याहम !! सरला माहेश्वरी ओ रवीश कुमार ! क्या दिखा रहे […]

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ईरानी कवि हैं साबिर हक़ा_कविता से पेट नहीं भरता, सो पैसे कमाने के लिए ईंट-रोड़ा ढोना पड़ता है।

ईरानी कवि हैं साबिर हक़ा_कविता से पेट नहीं भरता, सो पैसे कमाने के लिए ईंट-रोड़ा ढोना पड़ता है।

4th December 2017 at 4:50 pm 0 comments

Translation Geet Chaturvedi Courtesy:Sher Singh Ajay Yadav ———– via – Satyendra PS =============== एक ईरानी कवि हैं साबिर हक़ा। मजदूर हैं। तेहरान में रहते हैं। चूंकि कविता से पेट नहीं भरता, सो पैसे कमाने के लिए ईंट-रोड़ा ढोना पड़ता है। एक इंटरव्‍यू में साबिर कहते हैं, ”मैं थका हुआ हूं. […]

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‘दरवेश फिर मिलेंगे’…कुंडली के गुणों का क्या ड्रामा है?

‘दरवेश फिर मिलेंगे’…कुंडली के गुणों का क्या ड्रामा है?

3rd December 2017 at 10:46 pm 0 comments

Pratima Jaiswal ============== आज बाजार पहले से ज्यादा गुलजार लग रहा था. सामने मिठाई की दुकान पर बड़ी-सी लग्जरी कार खड़ी थी. अचानक खिड़की का शीशा नीचे सरका और आवाज आई ‘भईया… 1 किलो काजू कतली पैक करना’. जानी-पहचानी आवाज सुनकर पीछे मुड़कर देखा. वाह! कुंडली के साढ़े तीन गुण […]

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आम आदमी होने का दर्द

आम आदमी होने का दर्द

3rd December 2017 at 4:07 am 0 comments

Parul Jain ================ आम आदमी होने का दर्द बचपन में जब चिलचिलाती गर्मी में हमारे सरकारी स्कूल के सरकारी नल में पानी नहीं आता था तो हमारी टीचर को स्टाफ रूम में रखे ठन्डे पानी के जग से ठंडा पानी पीते देखकर कुछ शरारती बच्चे कहते कि मैडम तो V.I.P […]

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और ख़ाक़ी वर्दी, नेता जी के कुर्ते को छू गई!

और ख़ाक़ी वर्दी, नेता जी के कुर्ते को छू गई!

1st December 2017 at 11:43 am 0 comments

Afroz Alam Sahil ================ उस दिन यमुना किनारे धोबी घाट पर एक रस्सी पर नेताजी जी का सफ़ेद खादी कुर्ता और एक पुलिस अधिकारी की खाकी वर्दी एक विचारधारा की तरह टंगे हुए थे. इतने में हवा का एक झोंका आया और खाकी वर्दी, नेता जी की कुर्ते को छू […]

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जब अकबर बादशाह का सारा ख़ज़ाना जंग में ख़ाली हो गया तो…!!!

जब अकबर बादशाह का सारा ख़ज़ाना जंग में ख़ाली हो गया तो…!!!

30th November 2017 at 4:56 am 0 comments

अकबर बादशाह का सारा खज़ाना जंग में खत्म हो गया, अकबर ने बीरबल से पूछा कि और पैसा कहां से मिल सकता है, बीरबल ने जवाब दिया कि एक धन्ना सेठ है वह आपको पैसा दे सकता है, अकबर को बहुत ताज्जुब हुआ कि इतना पैसा उसके पास कैसे आया, […]

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सिन्दबाद की कहानी

सिन्दबाद की कहानी

29th November 2017 at 7:39 am 0 comments

फार्स में सिन्दबाद नाम का एक राजा रहता था। फार्स में सिन्दबाद नाम का एक राजा रहता था। उसके पास प्रशिक्षित बाज़ एक बाज़ था जिसे वह बहुत चाहता था और उसे अपने से अलग नहीं करता था। सिन्दबाद के आदेश से बाज़ की गर्दन में सोने का बना एक […]

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#पांच सितारा शादी और हम….#हादसे और सोनाली

#पांच सितारा शादी और हम….#हादसे और सोनाली

29th November 2017 at 7:30 am 0 comments

सोनाली मिश्र ============== · पांच सितारा शादी और हम ************* अब शादी का कार्ड आने पर पहले की तरह नहीं होता कि जाया जाए! अजनबीपन की एक दीवार जैसे सामने खड़े हो जाती है. एक चमक, चमकीली दुनिया, महंगे से महंगे डिज़ाईनर परिधानों से सजी औरतें, सब एक आर्टिफिशियल सा! […]

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हाँ…..मैं ग़रीब की बेटी हूं!!!!

हाँ…..मैं ग़रीब की बेटी हूं!!!!

27th November 2017 at 3:48 am 0 comments

Chaitali Khattar =============· हाँ मैं गरीब की बेटी हूं जिंदगी को सितम मैं कहती हूं मजबूरियों में भी खुश रहती हूं चंद बूंदों से पेट भर लेती हूं क्योंकि मैं गरीब की बेटी हु ठंडी में ठिठुर लेती हूं बरसात में भीग लेती हूं गर्मी पाँव जलाती है तो पत्थरों […]

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