साहित्य

*शिव ही चन्दन है, शिव ही अभिनन्दन है!!*

*शिव ही चन्दन है, शिव ही अभिनन्दन है!!*

19th November 2017 at 11:38 pm 0 comments

Mamta Varshney —————— *शिव ही मीत है, शिव ही प्रीत है!!* *शिव ही जीवन है, शिव ही प्रकाश है!!* *शिव ही सांस है, शिव ही आस है!!* *शिव ही प्यास हैै, शिव ही ज्ञान है!!* *शिव ही ससांर है, शिव ही प्यार है!!* *शिव ही गीत है, शिव ही संगीत […]

Read more ›
‘चरित्रहीन’ स्त्री

‘चरित्रहीन’ स्त्री

18th November 2017 at 11:59 pm 0 comments

Chaitali Khattar- Kanpur  ============== स्त्री तबतक ‘चरित्रहीन’ नहीं हो सकती जबतक कि पुरुष चरित्रहीन न हो। संन्यास लेने के बाद गौतमबुद्ध ने अनेक क्षेत्रों की यात्रा की। एक बार वे एक गांव गए। वहां एक स्त्री उनके पास आई और बोली आप तो कोई राजकुमार लगते हैं। क्या मैं जान […]

Read more ›
प्रो. लहरी पेंशन से सिर्फ़ भोजन का पैसा रखते हैं, बाकी बीएचयू को दान देते हैं!

प्रो. लहरी पेंशन से सिर्फ़ भोजन का पैसा रखते हैं, बाकी बीएचयू को दान देते हैं!

17th November 2017 at 5:36 am 0 comments

Syed Tashhirul Islam =================== जिस दौर में लाशों को भी वेंटीलेटर पर रखकर बिल भुनाने से कई डॉक्टर नहीं चूकते, उस दौर में इस देवतुल्य चिकित्सक की कहानी दिल को गदगद कर देती है। जब तमाम डॉक्टर सरकारी नौकरी छोड़ प्राइवेट प्रैक्टिस से करोड़ों का अस्पताल खोलना फायदमंद समझते हैं, […]

Read more ›
”मुझे अपने बेटे के लिए एक बहू की आवश्यकता है”

”मुझे अपने बेटे के लिए एक बहू की आवश्यकता है”

17th November 2017 at 5:08 am 0 comments

Shaheen Khan ============= कुछ बेटियों को मेरी बात का बुरा जरूर लगेगा ।पर सच हैं जिन बेटियों से घर का काम नही होता।उनको कहीं पर भी जीवन में उचित सम्मान ओर उचित स्थान नही मिलता एक वकील साहब ने अपने बेटे का रिश्ता तय किया…. कुछ दिनों बाद, वकील साहब […]

Read more ›
झूठा ग़ुलाम_पार्ट 2_एक रात ख़लीफ़ा हारून ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमकी से कहा कि मैं…!

झूठा ग़ुलाम_पार्ट 2_एक रात ख़लीफ़ा हारून ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमकी से कहा कि मैं…!

17th November 2017 at 4:44 am 0 comments

हमने बताया था कि ख़लीफ़ा हारून रशीद अपने मंत्री जाफ़र बरमकी के साथ बदले हुए भेष में बग़दाद शहर में टहल रहा था कि उसे बूढ़ा मछुआरा नज़र आया जिसे उस दिन कोई मछली नहीं मिल पायी थी। हारून रशीद ने उससे कहा कि तुम चलो और चलकर दजला नदी […]

Read more ›
झूठा ग़ुलाम_पार्ट 1_एक रात ख़लीफ़ा हारून ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमकी से कहा कि मैं…!

झूठा ग़ुलाम_पार्ट 1_एक रात ख़लीफ़ा हारून ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमकी से कहा कि मैं…!

14th November 2017 at 7:20 pm 0 comments

एक रात ख़लीफ़ा हारून ने अपने वज़ीर जाफ़र बरमकी से कहा कि मैं चाहता हूं कि आज रात शहर में चक्कर लगाऊं और देखूं कि हमारे कमांडर और कर्मचारी किस तरह सेवा कर रहे हैं। लोगों का उनके बारे में क्या विचार है। यदि किसी के बारे में शिकायत मिली […]

Read more ›
इसके बाद जो हुआ वो मैं ज़िन्दगी भर नहीं भुला सकता!

इसके बाद जो हुआ वो मैं ज़िन्दगी भर नहीं भुला सकता!

14th November 2017 at 6:47 pm 0 comments

Rakesh Bhatia ================ ~एक दिन मंगलवार की सुबह वॉक करके रोड़ पर बैठा हुआ था,हल्की हवा और सुबह का सुहाना मौसम बहुत ही अच्छा लग रहा था,तभी वहाँ एक Hundai tucson आकर रूकी, और उसमें से एक वृद्ध उतरे, अमीरी उसके लिबाज और व्यक्तित्व दोनों बयां कर रहे थे। वे […]

Read more ›
।।समाज की हर कुंठा का समाधान है यौनि।।

।।समाज की हर कुंठा का समाधान है यौनि।।

14th November 2017 at 5:05 am 0 comments

#सभ्य_समाज_की_असभ्य_सोच_घिनोनी_मानसिकता_पर___यह_लेख ।।समाज की हर कुंठा का समाधान है यौनि।। एक लड़का एक लड़की को पसंद करता है। लड़की पसंद नहीं करती तो लड़का उसका बलात्कार करके अंगभंग कर देता है और फिर उसके सिर को गाड़ी से कुचल देता है। एक लड़की बहुत बहादुर बनती है, छींटाकशी बर्दाश्त नहीं करती […]

Read more ›
कवयित्री सुजाता

कवयित्री सुजाता

14th November 2017 at 3:39 am 0 comments

Dhruv Gupt ============== कवयित्री सुजाता ! बुद्ध की कथाओं की सुजाता को हम उस स्त्री के तौर पर ही जानते हैं जिसने कठोर तपस्या के कारण मरणासन्न बुद्ध को खीर खिलाकर उन्हें नया जीवन और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टि दी थी। इस एक प्रसंग के कारण सुजाता का गौतम […]

Read more ›
​प्रेम क्या है…?

​प्रेम क्या है…?

13th November 2017 at 9:27 pm 0 comments

Mudit Mishra =============== ​प्रेम क्या है…? ____________________ मैनें सुना है, एक बहुत पुराना वृक्ष था. आकाश में सम्राट की तरह उसके हाथ फैले हुए थे. उस पर फूल आते थे तो दूर-दूर से पक्षी सुगंध लेने आते. उस पर फल लगते थे तो तितलियाँ उड़तीं. उसकी छाया, उसके फैले हाथ, […]

Read more ›