साहित्य

शाहजहां के ज़माने में कश्मीर के गवर्नर ”अली मरदान खां” ने ‘शिव की स्तुति’ में ये लिखी कविता थी

शाहजहां के ज़माने में कश्मीर के गवर्नर ”अली मरदान खां” ने ‘शिव की स्तुति’ में ये लिखी कविता थी

17th July 2018 at 4:05 pm 0 comments

अली मरदान खां साहब शाहजहां के ज़माने में कश्मीर के गवर्नर थे. उन्होंने शिव की स्तुति में यह कविता लिखी थी. फारसी में. पेश है — हुमा असले महेश्वर बूद शब शाए कि मन दीदम (वह वास्तव में महेश्वर थे जिनको मैंने एक रात को देखा) गज़नफर चरम बरदर (बर-तन) […]

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प्रेम तो औरत ही करती है, पुरुष तो प्रेम का भोग करता है

प्रेम तो औरत ही करती है, पुरुष तो प्रेम का भोग करता है

11th July 2018 at 2:54 am 0 comments

लेखक जगदीश्वर चतुर्वेदी ============== स्त्री-पुरूष के प्रेम में वस्तुत: प्रेम तो औरत ही करती है, पुरुष तो प्रेम का भोग करता है। पुरुष में देने का भाव नहीं होता। वह सिर्फ स्त्री से पाना चाहता है। प्रेम के इस लेने ,देने वाले भाव में स्त्री का अस्तित्व दांव पर लगा […]

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#जानवर : उन्होंने इंसानों जैसे कपड़े पहन रखे थे लेकिन वे इंसान नहीं थे

#जानवर : उन्होंने इंसानों जैसे कपड़े पहन रखे थे लेकिन वे इंसान नहीं थे

2nd July 2018 at 12:13 am 0 comments

Prerana Sarwan ================= वो कमरे में परेशान – सी इधर-उधर चक्कर लगा रही थी। उसे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या करे। क्योंकि परसों के तेज तूफान में एक बार जो पॉवर गया तो अड़तालीस घण्टे हो गए अभी तक नहीं आया। मोबाइल डिस्चार्ज, लैंडलाइन […]

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मोहे सावन खूब सतायो साजन :    प्रीत प्रतिमां

मोहे सावन खूब सतायो साजन : प्रीत प्रतिमां

29th June 2018 at 11:02 am 0 comments

🌸 🌸 प्रीत प्रतिमां 🌸 🌸 मोहे सावन खूब सतायो साजन, मोहे सावन खूब सतायो तुम परदेसी दूर बसे हो मोरे अंग अंग अग्नि लगायो मोहे सावन खूब सतायो बरसें बादर बिजुरी चमके कोयल मोर पपीहा बोले मोरा चंचल मन भरमायो मोहे सावन खूब सतायो नन्हीं नन्हीं बूंदनीयों ने बहुत […]

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एक तअससुर —– मोमिन की हर अदा से मोअत्तर फ़ज़ाएँ हैं

एक तअससुर —– मोमिन की हर अदा से मोअत्तर फ़ज़ाएँ हैं

28th June 2018 at 1:44 am 0 comments

मेहदी अब्बास रिज़वी ” मेहदी हललौरी ” वाया N Jamal Ansari ============== एक तअससुर —– अर्ज़ो समा से आती है ईमान की ख़ुशबू, फैली हुई जहाँ में है रमज़ान की ख़ुशबू। दिन रात सुबहो शाम इबादत का सिलसिला, बेशक ये करबला के है सुलतान की ख़ुशबू। छोटा बड़ा नहीं है […]

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पता नहीं वो कौन थे कम से कम मेरे पिता नहीं थे!!नॉट माई बाइयोलॉजिकल फ़ादर!!

पता नहीं वो कौन थे कम से कम मेरे पिता नहीं थे!!नॉट माई बाइयोलॉजिकल फ़ादर!!

20th June 2018 at 3:43 am 0 comments

Neelam Samnani Chawla नॉट माई बाइयोलॉजिकल फादर ****************************** पता नहीं वो कौन थे कम से कम मेरे पिता नहीं थे ना ही मेने उनके साथ सालो बिताए की उन्हे पिता के रूप में देखो| पर किसी से जुड़ने के लिए हज़ारो सालो का रिश्ता होना ज़रूरी है क्या ? ज़रूरी […]

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एक सुनार की हिक़ायत

एक सुनार की हिक़ायत

18th June 2018 at 3:15 am 0 comments

Sikander Khanjada Khan ============== एक नेक फ़ित़रत और पाक औ़रत का शोह़र सुनार था उसके घर में पानी भरने के लिए शख्स मुक़र्रर था ! जो तीस बरस से उसके घर आकर पानी भरा करता था मगर कभी उसने इस नेक औरत की तरफ ऑख उठाकर भी नही देखा था […]

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मैं तो मरकर भी मेरी जान तुझे चाहूंगा!

मैं तो मरकर भी मेरी जान तुझे चाहूंगा!

13th June 2018 at 6:55 am 0 comments

Dhruv Gupt =============== मैं तो मरकर भी मेरी जान तुझे चाहूंगा ! भारतीय उपमहाद्वीप के महानतम गायकों में एक ‘शहंशाह-ए-ग़ज़ल’ मेहदी हसन ने अपनी भारी, गंभीर आवाज़ में मोहब्बत और दर्द को जो गहराई दी थी, वह ग़ज़ल गायिकी के इतिहास की एक दुर्लभ घटना थी। मेहदी हसन को सुनना […]

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हमने देखा है सियासत के हाथो पिसता ये निज़ाम,,,,प्रताप

हमने देखा है सियासत के हाथो पिसता ये निज़ाम,,,,प्रताप

13th June 2018 at 2:56 am 0 comments

Vikram Partap Jp ============ दरिया देखे होंगें तूने समुन्दर नही देखा होगा रोशन करे यो चिराग वो बवंडर नही देखा होगा शोंक से देखें होगे तूने बुलंद ज़मींदोज़ महल तूने हम फकीरो का हसता खंडहर नही देखा होगा हमने देखा है सियासत के हाथो पिसता ये निज़ाम तुम मिटे हो […]

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#देवदासी_का_मर्म : जिस्म फ़रोशी को बढ़ावा देती ”औरत” की दिल दहला देने वाली कहानी!

#देवदासी_का_मर्म : जिस्म फ़रोशी को बढ़ावा देती ”औरत” की दिल दहला देने वाली कहानी!

13th June 2018 at 1:48 am 0 comments

नीलोफर अनवर =========== #देवदासी_का_मर्म_मेरी_कलम_से वेष्या व्रत्ति ( जिस्म फरोशी ) को बढ़ावा देती औरत समाज की दिल दहला देने वाली कहानी यूँ तो मुझे आप सब #देवदासी के नाम से पुकारते हैं जिसका अर्थ #देवता_की_दासी यानी ….. #ईश्वर_की_सेवा_करने_वाली_पत्नी होता है… पर यह सच से कोसों दूर है। कुछ ऐसे जैसे […]

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