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दानिश, बासित, रहमान, आदिल बाइज़्ज़त बरी,,,आतंकी पत्रकार अब क्या करेंगे? क्या वे माफ़ी मांगेंगे ?

दानिश, बासित, रहमान, आदिल बाइज़्ज़त बरी,,,आतंकी पत्रकार अब क्या करेंगे? क्या वे माफ़ी मांगेंगे ?

7th August 2017 at 11:28 pm 0 comments

Wasim Akram Tyagi ————————– कहते हैं पुलिस रस्सी का सांप बना देती है, मगर हिन्दी जगत के कई मीडिया संस्थानो ने अब रस्सी का सांप बनाने में पुलिस को कई मील पीछे छोड़ दिया है। बीते छ तारीख को एटीएस ने देवबंद से कुछ छात्रों को पूछताछ के लिये हिरासत […]

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ये लोग आरएसएस की आलोचना करके किसी से अपने निजी रिश्ते ख़राब नही करना चाहते!

ये लोग आरएसएस की आलोचना करके किसी से अपने निजी रिश्ते ख़राब नही करना चाहते!

7th August 2017 at 7:02 pm 0 comments

Abbas Pathan via Arham Zubairi —————- मैं बहुत से कांग्रेसियो को जानता हूं जिनके मुंह से कभी भी आरएसएस के खिलाफ उफ़ तक नही निकलती। वे सिर्फ कांग्रेस समर्थक नही बल्कि पार्टी में किसी न किसी पद पे बैठे है। कोई ब्लोक अध्यक्ष है तो कोई साहब वार्ड अध्यक्ष तो […]

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फिर शायद उनको इसलिए मार दिया गया कि उनका नाम आशू ओर वसीम था!

फिर शायद उनको इसलिए मार दिया गया कि उनका नाम आशू ओर वसीम था!

7th August 2017 at 4:07 pm 0 comments

Aamir Zuven ———————– अलीगढ़ शहर में रक्षा बंधन वाले दिन साम्प्रदायिक माहौल बनाने के लिए किसी के दो भाइयों को मार दिया गया कुछ लोग चाहते होंगे कि एक्शन का रिएक्शन हो ओर वो अपनी चुनावी रोटियां सेकें वो दो भाई भी अपनी बहनों के लिए उतना ही माईने रखते […]

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हिंदुस्तान की तस्वीर तीन साल में और बजबजा गई..!!

हिंदुस्तान की तस्वीर तीन साल में और बजबजा गई..!!

7th August 2017 at 3:39 pm 0 comments

Syed Salman Simrihwin ————————– बेशक आज 70 सालों में देश में सही राजनीति हुई होती तो हिंदुस्तान की तस्वीर आज इतनी घिनौनी नहीं होती..बाकी तीन साल में तस्वीर और बजबजा गई..!! आजकी राजनीति सिर्फ अपने गुनाहों को ढकने..छिपाने और दबा देने का एक मजबूत औजार बन चुकी है..सत्ता की चादर […]

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टॉप पर BJP, हाशिये पर कांग्रेस – संघ/बीजेपी का सत्ता के शिखर पर पहुंचना लोकतंत्र के लिए बड़ा ख़तरा!

टॉप पर BJP, हाशिये पर कांग्रेस – संघ/बीजेपी का सत्ता के शिखर पर पहुंचना लोकतंत्र के लिए बड़ा ख़तरा!

7th August 2017 at 3:00 am 0 comments

संघ की तारीफ इस मायने में करना होगी कि पिछले 90 वर्षों से वह अपने मकसद के लिए लगातार बिना रुके, बिना थके काम करता आया है, संघ का अपना जो एजेंडा है वह किसी से छिपा हुआ नहीं है, 2014 लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद संघ अपने […]

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कार्ल मार्क्स : धर्म के प्रति नफ़रत से विचार के एक नये धरातल तक!

कार्ल मार्क्स : धर्म के प्रति नफ़रत से विचार के एक नये धरातल तक!

6th August 2017 at 12:55 pm 0 comments

Sagar_parvez ————————- कार्ल मार्क्स : जिसके पास अपनी एक किताब है धर्म के प्रति नफरत से विचार के एक नये धरातल तक यह सच है कि मार्क्स ने धर्म को हमेशा एक भूल, एक भ्रम माना। अपने वैचारिक जीवन का प्रारम्भ उन्होंने धर्म के प्रति सख्त नफरत के साथ किया […]

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जनसत्ता की दो खबरों के शीर्षक देखिये!

जनसत्ता की दो खबरों के शीर्षक देखिये!

5th August 2017 at 9:59 pm 0 comments

Wasim Akram Tyagi ———————– जनसत्ता की दो खबरों के शीर्षक देखिये (1) मुसलमान पोती से शादी करते हैं। (2) मुस्लिम टीचर ने सोशल मीडिया पर डाली छात्रा के साथ आपत्ती जनक फोटो। यह शीर्षक इतना बताने के लिये काफी है कि मीडिया ने मुसलमानों और इस्लाम को बदनाम करने की […]

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नाम बदलने का चलन : द्रोणाचार्य जैसे व्यक्ति पर खेल पुरस्कार क्यों??

नाम बदलने का चलन : द्रोणाचार्य जैसे व्यक्ति पर खेल पुरस्कार क्यों??

5th August 2017 at 9:13 pm 0 comments

Seema Passi ——————– नाम बदलने का चलन शुरू किया गया है, मुस्लिम नाम वाले कई स्थानों और शहरों के नाम बदले गये है या बदलने का प्रस्ताव है । इसमें कुछ भी गलत नहीं है क्योंकि ये सभी वो आक्रमणकारी थे जिन्होंने देश में जमकर उत्पात मचाया, लोगों को गुलाम […]

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क्या सीपीएम में बहुमतवादियों ने पार्टी को फिर एक बार तोड़ने का निर्णय ले लिया है?

क्या सीपीएम में बहुमतवादियों ने पार्टी को फिर एक बार तोड़ने का निर्णय ले लिया है?

5th August 2017 at 3:38 am 0 comments

Sagar_parvez ———————– ऐसा लगता है कि सीपीआई(एम) में प्रकाश करात के नेतृत्व में बहुमतवादियों ने भाजपा के खिलाफ एकजुट प्रतिरोध में कांग्रेस को शामिल करने के मामले में चल रहे मतभेदों को उनकी अंतिम परिणति तक ले जाने, अर्थात पार्टी को तोड़ डालने तक का निर्णय ले लिया है । […]

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चरमपंथ के ख़िलाफ़ सेना का साथ क्यों दे रहे कश्मीरी?

चरमपंथ के ख़िलाफ़ सेना का साथ क्यों दे रहे कश्मीरी?

4th August 2017 at 10:19 pm 0 comments

बशीर मंज़र – वरिष्ठ पत्रकार —————— पिछले दो महीनों से कश्मीर घाटी में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों को रोकने की कार्रवाइयों में खासा वृद्धि हुई है. खासकर उस दक्षिणी हिस्से में जिसे नई पीढ़ी के चरमपंथ का गढ़ माना जाता है. जून-जुलाई 2017 के महीने में लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख अबू दुजाना […]

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