साहित्य

*****हम एक अल्लाह को मानते हैं और एक रास्ते पर चलते हैं*****

*****हम एक अल्लाह को मानते हैं और एक रास्ते पर चलते हैं*****

January 15, 2017 at 1:33 am 0 comments

मोहम्मद आदिल – लखनऊ ————————- *एक हिन्दू ने मुस्लिम से सवाल किया* *यार तुम मुस्लिम हो?* *मुस्लिम – हाँ अल्हमदुलिल्लाह* *हिन्दू – यार तुम्हारे मज़हब मे तुम* *लोग* *अल्लाह के* *सिवा किसी को नही मानते।* *हमे देखो-हम मन्दिर भी जाते हैं,* *गुरूदारा भी जाते हैं।* *मस्जिद भी जाते हैं।* *33 करोड़ को मानते हैं।* *सब को बराबर दरजा देते हैं,* […]

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PART- 78 : : ईश्वरीय वाणी (क़ुरआन- सूरए जिन) : पवित्र क़ुरआन स्वयं अपना व्याख्याकर्ता है और इसकी कुछ आयतें, दूसरी आयतों का स्रोत हैं

PART- 78 : : ईश्वरीय वाणी (क़ुरआन- सूरए जिन) : पवित्र क़ुरआन स्वयं अपना व्याख्याकर्ता है और इसकी कुछ आयतें, दूसरी आयतों का स्रोत हैं

January 15, 2017 at 12:54 am 0 comments

सूरए जिन मक्के में नाज़िल हुआ और इसमें 28 आयतें हैं। सूरए जिन मक्के में नाज़िल हुआ और इसमें 28 आयतें हैं। इस सूरे में मुख्य रूप से जिन नामक अदृश्य जीवों, पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम पर उनके ईमान, उनके बीच काफ़िर व मोमिन जिनों के अस्तित्व और कुछ अन्य विषयों के बारे में बात की […]

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इस्लाम और मानवाधिकार PART 8 : इस्लाम धर्म ने मानवाधिकारों को बहुत उच्च स्थान प्रदान किया है!

इस्लाम और मानवाधिकार PART 8 : इस्लाम धर्म ने मानवाधिकारों को बहुत उच्च स्थान प्रदान किया है!

January 15, 2017 at 12:49 am 0 comments

प्राचीन काल से ही दार्शनिकों व विचारकों का मानना था कि मनुष्य के कुछ मूल अधिकार हैं। पश्चिमी दार्शनिकों की दृष्टि से इन अधिकारों का स्रोत मानवीय प्रवृत्ति है और बुद्धि भी इसे स्वीकार करती है। पुनर्जागरण के काल से पहले तक दार्शनिक प्रकृति व बुद्धि के साथ ही ईश्वरीय शिक्षाओं पर भी ध्यान देते थे लेकिन इसके बाद मानववादी […]

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…फिर भी ना जाने क्यों, खुद को आजमाती रही!!!!

…फिर भी ना जाने क्यों, खुद को आजमाती रही!!!!

January 13, 2017 at 1:13 am 0 comments

प्रीत प्रतिमां ————————– मैं फितरतन धोखा खाती रही, फिर भी ना जाने क्यों, खुद को आजमाती रही, बोझ खुशियों का उठाने के लिए, क्यों अपने आप पे जुल्म ढाती रही, देख कर दुनिया की चकाचौंध को, खुद को रौशनी की इक किरन के लिए तरसाती रही, चाहत में ईक घरौंदे के, क्यों अपने आप को, खराबों में भटकाती रही, क्यों […]

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कैसे पत्थर दिल हैं हम लोग, मालिक बुला रहा है और हमारे कान पर जूं नहीं रेंगती!

कैसे पत्थर दिल हैं हम लोग, मालिक बुला रहा है और हमारे कान पर जूं नहीं रेंगती!

January 11, 2017 at 4:14 am 0 comments

Shahid Raza ———————— ●शैतान ने कोई ज़िना किया था? ●कोई क़तल किया था? ●शराब पी थी? ●जुआ-खेला था? ●क्या किया था इस ने? ●कोई शिर्क किया था इसने? इस ने एक सजदे का इनकार किया था सिर्फ़ एक सजदे का इनकार किया और हमेशा के लिए मर्दूद हो गया और मुस्लमान को होश नहीं जो दिन में पाँच नमाज़ों में […]

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दिखाये कौन मुझे रास्ता तुम्हारे बाद,,,कोई नहीं है मेंरा रहनुमा तुम्हारे बाद

दिखाये कौन मुझे रास्ता तुम्हारे बाद,,,कोई नहीं है मेंरा रहनुमा तुम्हारे बाद

January 11, 2017 at 1:00 am 0 comments

Siya Sachdev ************************ ख़बर किसी की न अपना पता तुम्हारे बाद। ये ज़िन्दगी भी है इक सानेहा तुम्हारे बाद। दिखाये कौन मुझे रास्ता तुम्हारे बाद। कोई नहीं है मेंरा रहनुमा तुम्हारे बाद। क़रीब कैसे रहे कोई दूर जाकर भी समझ में आया है ये फ़लसफ़ा तुम्हारे बाद। नहीं हो तुम तो मैं किसके लिए करुँगी सिंगार पलट के देखा नहीं […]

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खुदा मुशरिकों से बेज़ार है और उसका रसूल भी, पस अगर तुम तौबा कर लो, तो तुम्हारे हक़ में बेहतर हैं!!

खुदा मुशरिकों से बेज़ार है और उसका रसूल भी, पस अगर तुम तौबा कर लो, तो तुम्हारे हक़ में बेहतर हैं!!

January 10, 2017 at 3:10 am 0 comments

खुदा मुशरिकों से बेज़ार है और उसका रसूल भी, पस अगर तुम तौबा कर लो, तो तुम्हारे हक़ में बेहतर हैं!! Azhar Shameem ————————- Anwarul Hassan ki post – quran akhiri kitab se —————————– पैम्फलेट मे लिखी पहले क्रम की आयत हैं: ‘‘फिर, जब हराम के महीने बीत जाएं, तो ‘मुशरिकों’ को जहां कही पाओ कत्ल करो, और पकड़ो, और […]

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‘नबी-ए-करीम सअव की हमदर्दी और मुहब्बत ने बिलाल-ए-हब्शी को रहती दुनिया तक के लिये मिसाल बना दिया’

‘नबी-ए-करीम सअव की हमदर्दी और मुहब्बत ने बिलाल-ए-हब्शी को रहती दुनिया तक के लिये मिसाल बना दिया’

January 10, 2017 at 2:40 am 0 comments

ऐलान नबुव्वत के चंद रोज़ बाद नबी-ए-करीम सलअल्लाह अलैहि वसल्लम एक रात मक्का की एक गली से गुज़र रहे थे कि उन्हें एक घर में से किसी के रोने की आवाज़ आई। आवाज़ में इतना दर्द था कि आप सल अल्लाहअलैहि वसल्लम बेइख़्तयार उस घर में दाख़िल हो गए । देखा तो एक नौजवान जो कि हब्शा का मालूम होता […]

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सुल्तान-ए-औलिया गौस-ए-आज़म हज़रत अब्दुल क़ादिर जिलानी इरशाद फ़रमाते है…”’

सुल्तान-ए-औलिया गौस-ए-आज़म हज़रत अब्दुल क़ादिर जिलानी इरशाद फ़रमाते है…”’

January 10, 2017 at 1:45 am 0 comments

*हुजूर गौस ए आज़म राह्मतुल्लाही अलैय की जब पैदाइश हुई तो आपके साथ जितने भी बच्चे पैदा हुए आपके करम से और निस्बत से सब कामिल वाली गुजरे..। *आप एक बार घर के बाहर खड़े थे उस वक़्त वहा से एक बुजुर्ग का गुज़र हुआ तो उन बुजुर्ग हजरत ने सुन्नत अदा करते हुए आपसे पहले सलाम किया तो हुजूर […]

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#औरत और पर्दा part-1 :: इस्लाम ने औरतों को क़ैद नहीं किया बल्कि गंदी निगाहों से बचा कर महफ़ूज़ किया है!

#औरत और पर्दा part-1 :: इस्लाम ने औरतों को क़ैद नहीं किया बल्कि गंदी निगाहों से बचा कर महफ़ूज़ किया है!

January 10, 2017 at 1:13 am 0 comments

Azhar Shameem ————————– _______________________ एक बार एक शख़्स बैंक से एक बड़ी रक़म कैश लेकर निकला और उसे खुले आम हाथों में लेकर सड़क पर जा रहा था । कुछ बदमाशों ने उसे लूट लिया. वह शख़्स अपनी रिपोर्ट लिखवाने थाने गया, तो पुलिस ने कहा : आपको पैसों को छुपा कर निकलना चाहिये था, खुले आम लेकर निकल कर […]

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