धर्म

सृष्टि के रहस्य : पार्ट 3

सृष्टि के रहस्य : पार्ट 3

13th November 2018 at 3:11 am 0 comments

ज़्यादातर लोग अपने जीवन में कुछ सवालों का जवाब चाहते हैं। इसमें साधारण लोगों से लेकर विचारक भी शामिल हैं। लोगों को अपने जीवन के विभिन्न चरणों में कुछ ऐसे सवालों का सामना होता है कि अगर उन्होंने उसकी अनेक बार अनदेखी की हो लेकिन अंत में उसके बारे में […]

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#ईश्वरीय वाणी पार्ट 44 : सूरे लुक़मान : : पवित्र क़ुरआन अज्ञानता और अंधकार से मुक्ति दिलाता है!

#ईश्वरीय वाणी पार्ट 44 : सूरे लुक़मान : : पवित्र क़ुरआन अज्ञानता और अंधकार से मुक्ति दिलाता है!

13th November 2018 at 3:08 am 0 comments

सूरे लुक़मान पवित्र क़ुरआन का इकतीसवां सूरा है। इसमें 34 आयतें हैं और यह मक्के में उतरा है। इस सूरे का नाम लुक़मान इसलिए पड़ा है कि इसमें तत्वदर्शी हज़रत लुक़मान की नसीहतों का उल्लेख है। इस सूरे के शुरु में ईश्वर ने क़ुरआन को तत्वदर्शिता का मार्ग दिखाने वाला […]

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आयतें और निशानियां : क्योंकि तुम सिर्फ़ नसीहत करने वाले हो : पार्ट 11

आयतें और निशानियां : क्योंकि तुम सिर्फ़ नसीहत करने वाले हो : पार्ट 11

13th November 2018 at 3:02 am 0 comments

मधुमक्खी ईश्वर की उत्कृष्ट रचनाओं में से एक है, यह एक ऐसा अद्भुत जीव है जो अपने छोटे जीवनकाल में कभी आराम नहीं करता है। इस दुनिया में पाया जाने वाला प्रत्येक जीव अपनी क्षमता के अनुसार काम करता है और जितना ईश्वर ने उसपर ज़िम्मेदारी डाली है उसे पूरा […]

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#इस्लाम ने मनुष्य को ज़िम्मेदार इन्सान बनाया : अल्लाह के ख़ास बन्दे पार्ट 21

#इस्लाम ने मनुष्य को ज़िम्मेदार इन्सान बनाया : अल्लाह के ख़ास बन्दे पार्ट 21

13th November 2018 at 2:59 am 0 comments

एक विचारधारा है जो पूरे इतिहास में बाक़ी है, इसलिए कि लोगों का भाग्य मानव समाज की इमामत और नेतृत्व पर निर्भर करता है। निसंदेह अगर हज़रत अली को वह स्थान दे दिया मिल जाता जो ईश्वर ने उनके लिए विशेष किया था और पैग़म्बरे इस्लाम (स) के बाद समाज […]

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#इस्लाम और मानवाधिकार : पार्ट 41

#इस्लाम और मानवाधिकार : पार्ट 41

13th November 2018 at 2:52 am 0 comments

हमने इस्लामी अदालत में आरोपी व्यक्ति के कुछ अधिकारों की चर्चा की थी। यातना देने और प्रतिड़ित करने पर रोक वह चीज़ है जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया गया है और मानवाधिकार के समझौतों और आधुनिक व्यवस्था में भी इसे स्वीकार किया गया है और मानवाधिकार विरोधी कार्यवाही यानी […]

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#मस्जिद और इबादत part 35_इस्लाम में मस्जिद की अहमियत ”ईरान की मस्जिदे वकील*

#मस्जिद और इबादत part 35_इस्लाम में मस्जिद की अहमियत ”ईरान की मस्जिदे वकील*

13th November 2018 at 2:46 am 0 comments

मस्जिद के राजनैतिक संचालन के बारे में बात करेंगे और ईरान की एक प्रख्यात मस्जिद, मस्जिदे वकील से आपको परिचित कराएंगे। पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम इस्लामी समाज के नेता व शासक के रूप में मस्जिद का संचालन पूरी तरह से अपने हाथ में रखते थे। उनके […]

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पवित्र क़ुरआन पार्ट 40_हिंदी अनुवाद ‘सूरए अल मोमिन’

पवित्र क़ुरआन पार्ट 40_हिंदी अनुवाद ‘सूरए अल मोमिन’

13th November 2018 at 2:38 am 0 comments

40 सूरए अल मोमिन ========== सूरए अल मोमिन मक्का में नाजि़ल हुआ मगर ‘‘अल लज़ीना यूजादेलूना’’ आयत के सिवा और इसकी (85) पिच्चासी आयतें हैं ख़ुदा के नाम से (शुरू करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान और निहायत रहम वाला है हा मीम (1) (इस) किताब (क़ुरआन) का नाजि़ल करना (ख़ास […]

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#शोहर_की_दूसरी_बीवी*

#शोहर_की_दूसरी_बीवी*

13th November 2018 at 1:47 am 0 comments

सिकंदर कायमख़ानी ============ एक ताजिर की बीवी थी, अल्लाह तआला ने उसको नेकी भी दी थी और हुस्नो जमाल भी दिया था- वो ज़िंदगी गुज़ारती रही- उसका खाविंद सफर के लिए किसी दूसरे शहर जाता है- कुछ दिनों के वक़्फे से उसे उस शहर जाना पड़ता है, वहां उसे रहना […]

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#माँगना_हो_तो_अल्लाह_से_मांगो

#माँगना_हो_तो_अल्लाह_से_मांगो

12th November 2018 at 5:36 am 0 comments

Sikander Kaymkhani ============== अल्लाहश्री अब्दुल्लाह पुत्र अब्बास (रज़ि0) का बयान है कि एक दिन मैं अल्लाह के अन्तिम संदेष्टा मुहम्मद सल्ल0 के पीछे सवारी पर बैठा था कि आपने फऱमायाः «ऐ बेटे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाता हूं: अल्लाह को याद रख, अल्लाह तेरी रक्षा करेगा। अल्लाह को याद रख […]

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हुज़ूर सअव ने फ़रमाया बेशाक़ ”अल्लाह के फ़रिश्ते ज़मीन में घूमते रहते हैं और मेरी उम्मत का सलाम मुझ तक पहुचाते हैं”

हुज़ूर सअव ने फ़रमाया बेशाक़ ”अल्लाह के फ़रिश्ते ज़मीन में घूमते रहते हैं और मेरी उम्मत का सलाम मुझ तक पहुचाते हैं”

12th November 2018 at 5:31 am 0 comments

अबू हुरैरा रदी अल्लाहू अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया अगर तुम में से कोई मुझे सलाम करता है तो अल्लाह सुबहानहु मेरी रूह को वापस लौटा देता है. और मैं उसके सलाम का जवाब देता हूँ सुनन अबू दाऊद, जिल्द 2, 273-हसन. अत-तबरानी , […]

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