धर्म

इस्लाम में हिजाब ‘पर्दा, नक़ाब’ को 6 प्रकार के भागों में बांटा गया है

इस्लाम में हिजाब ‘पर्दा, नक़ाब’ को 6 प्रकार के भागों में बांटा गया है

22nd July 2018 at 4:31 am 0 comments

Khan Junaidullah ================ 1- हिजाब की सीमाएं; शरीर को वस्त्रों से ढकना जिसमें औरत और आदमी के लिए हिजाब की अलग अलग सीमाएं निर्धारित हैं,मर्द के कम से कम हिजाब पेट से लेकर घुटने तक का है , अर्थात यह मर्द के शरीर का वह हिस्सा है जो हमेशा कपड़े […]

Read more ›
एक नज़र इस्लाम मे क़ानून का स्तर

एक नज़र इस्लाम मे क़ानून का स्तर

21st July 2018 at 2:58 am 0 comments

Sikander Kaymkhani =================== ★#कानूनी_स्तर_को_बेहतर_बनाइये_और_इंसानियत_को_बचाइए★ आइये डाले एक नजर इस्लाम मे कानून का स्तर क़ानून के स्तर पर इस्लाम का काम : इस्लाम की ख़ूबी और विशेषता यह है कि वह अपराध हो जाने के बाद क़ानून का डंडा लेकर आने; पकड़-धकड़, गिरफ़्तार करने, और मुक़दमा चलाकर सज़ा देने का काम […]

Read more ›
तलाक़ की वजह से मुसलमानो में बहुओं को क़त्ल करने का रिवाज़ नहीं है

तलाक़ की वजह से मुसलमानो में बहुओं को क़त्ल करने का रिवाज़ नहीं है

20th July 2018 at 4:32 am 0 comments

Aahana Shaikh ===================== ज़िन्दगी को आसान बनाने का ज़रिया है #तलाक़ सुनने में थोड़ा अजीब लगता है मगर ये सच है मुसलमान मर्द बीवी के साथ सिर्फ मुहब्बत की वजह से ही रहता है, क्यों की निकाह एक समझौता है, और समझौते में गुंजाइश होती है की जब निबाह मुश्किल […]

Read more ›
सच्चा प्यार सिर्फ़ निकाह है, बाक़ी सब हवस ……

सच्चा प्यार सिर्फ़ निकाह है, बाक़ी सब हवस ……

20th July 2018 at 3:45 am 0 comments

ये तहरीर पढ़ने वाली तमाम बहनो से मेरी एक अपील है, ये बाते अपने पल्लू से बांध लें.. तमाम बहन, ये मान लें कि आपके भाई, आपके वालिद, वह वाहिद मर्द जात हैं जो आपकी एक जरा सी तकलीफ पर तिलमिला उठते हैं। उनकी इज्जत करों और तुम उनका गुरुर, […]

Read more ›
कुरआन और मज़हबी आज़ादी ‘समीक्षार्थ’

कुरआन और मज़हबी आज़ादी ‘समीक्षार्थ’

20th July 2018 at 12:39 am 0 comments

Azhar Shameem ================ इसमें कोर्इ शक नहीं कि कुरआन कहता है एक अल्लाह (ईश्वर) के सिवा किसी और की इबादत न की जाए। उसे ही खालिक, पालनहार, परवरदिगार, कुदरत वाला, आलिमुलगैयब, रिज्क देने वाला, जरूरतें पूरी करने वाला, सुख ओर दुख देने वाला, मौत और जिन्दगी का मालिक और सारे […]

Read more ›
स्थूल से सूक्ष्मता की ओर…..

स्थूल से सूक्ष्मता की ओर…..

19th July 2018 at 11:46 am 0 comments

सफल विपश्यी साधक चार सूक्ष्मताओं की चरमसीम सच्चाइयों का साक्षात्कार कर लेता है। चार परम सत्य का स्वयं साक्षात्कार कर कृतकृत्य हो जाता है। पहली सूक्ष्मता है काया की । कायानुपश्यना करता हुआ साधक प्रारंभ में काया के ठोसपने की अनुभूति करता है। बार-बार के अभ्यास से स्थूल से सूक्ष्मता […]

Read more ›
हम मरते भी है, जीते भी है और ज़िन्दा होते है

हम मरते भी है, जीते भी है और ज़िन्दा होते है

19th July 2018 at 11:11 am 0 comments

Shahnaj Begam ================== अल्लाह के नबी ने जब मुशरिकीन को समझाया के तुम फिर ज़िन्दा होगे तो उस वक़्त भी कुछ ऐसे लोग मौजूद थे जो कहते थे के ये सिर्फ ज़माने के इन्कलाबात है के हम मरते भी है जीते भी है और ज़िन्दा होते है। ये सब खूद […]

Read more ›
मुसलमानों के हाथों एंडलुशिया की विजय : एंडलुशिया में इस्लामी सभ्यता के आगमन

मुसलमानों के हाथों एंडलुशिया की विजय : एंडलुशिया में इस्लामी सभ्यता के आगमन

18th July 2018 at 8:47 pm 0 comments

एंडलुशिया या इबेरियन प्रायद्वीप दक्षिण पश्चिमी यूरोप का क्षेत्र है जिसमें स्पेन, पुर्तगाल और जिब्राल्टर का इलाक़ा शामिल है। यह क्षेत्र आठ सौ बरस तक इस्लामी सभ्यता का एक भाग रहा है और इसे राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक मैदानों में पूरब व पश्चिम के बीच संपर्क पुल की हैसियत […]

Read more ›
”हलाला” क्या है, इसको ज़रूर समझे : “हलाला” तलाक़ को रोकने का एक बैरियर है

”हलाला” क्या है, इसको ज़रूर समझे : “हलाला” तलाक़ को रोकने का एक बैरियर है

18th July 2018 at 7:18 pm 0 comments

Azad Foundations =============== ”हलाला” क्या है? इसको ज़रूर समझे। मुस्लिम समुदाय के हलाला के मसाएल को जिस गलत तरह से समाज मे रखा जा रहा है वो बेहद अफ़सोस जनक है। क्योंकि 1% ही मामले हलाला के देखने को मिलेंगे।मुझे नही लगता कि समाज मे बेरोज़गारी,शिक्षा से बढ़ा कोई और […]

Read more ›
अक़्ल_और_क़ल्ब : मुहम्मद_ﷺ_का_ख़त_बादशाह_ए_रोम_हरक्यूल_के_नाम

अक़्ल_और_क़ल्ब : मुहम्मद_ﷺ_का_ख़त_बादशाह_ए_रोम_हरक्यूल_के_नाम

17th July 2018 at 4:03 am 0 comments

sikandar kayamkhani ========== अक़्ल सही और ग़लत की पहचान बता सकती है सही रास्ता दिखा सकती है मगर क़ल्ब ही वो शेय है जो सही रास्ते पर चला सकता है सच को अपना सकता है। एक तारीख़ी वाक़या पेश कर रही हूँ आप ख़ुद देखिए कैसे बादशाह ए रोम हेरक्युल […]

Read more ›