धर्म

इस्लाम क्या है और मुस्लिम किसे कहते है : संशित परिचय

इस्लाम क्या है और मुस्लिम किसे कहते है : संशित परिचय

6th July 2018 at 10:25 pm 0 comments

#_इस्लाम_क्या_है_? “..सम्पूर्ण प्रशंशा उस एक सत्य इश्वर (अल्लाह) के लिए है जो सारे संसार का रचियेता और पालनकर्ता है, और इश्वर की शांति और कृपा हो उसके अंतिम संदेष्ठा मुहम्मद सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम पर|..” इस्लाम धर्म एक ऐसा धर्म है जिसके बारे में खुद मुसलमानों को और गैरमुसलमानो को सबसे […]

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अल्लाह कौन है ?

अल्लाह कौन है ?

6th July 2018 at 10:22 pm 0 comments

हमारे मन में यह प्रश्न बार बार उभरता है कि अल्लाह कौन है ? वह कैसा है ? उस के गुण क्या हैं ? वह कहाँ है ? अल्लाह का शब्द मन में आते ही एक महान महिमा की कल्पना मन में पैदा होती है जो हर वस्तु का स्वामी […]

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पवित्र क़ुरआन पार्ट 35_हिंदी अनुवाद ‘सूरए फ़ातिर’

पवित्र क़ुरआन पार्ट 35_हिंदी अनुवाद ‘सूरए फ़ातिर’

6th July 2018 at 10:19 pm 0 comments

35 सूरए फातिर ================ सूरए फातिर (पैदा करने वाला) मक्के में नाजि़ल हुआ और उसकी पैंतालिस (45) आयतें हैं खु़दा के नाम से (शुरू करता हूँ) जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है हर तरह की तारीफ खु़दा ही के लिए (मख़सूस) है जो सारे आसमान और ज़मीन का पैदा […]

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#ईश्वरीय वाणी पार्ट 37 : सूरए अल-नम्ल : : पवित्र क़ुरआन अज्ञानता और अंधकार से मुक्ति दिलाता है!

#ईश्वरीय वाणी पार्ट 37 : सूरए अल-नम्ल : : पवित्र क़ुरआन अज्ञानता और अंधकार से मुक्ति दिलाता है!

6th July 2018 at 10:15 pm 0 comments

अल-नम्ल सूरे की आयतें मक्के में विभिन्न अवसरों पर नाज़िल हुईं। क़ुरान के अन्य सूरों के विपरीत इस सूरे में बिस्म… का ज़िक्र दो बार हुआ है। एक बार सूरे के शुरू में और दूसरी बार 30वीं आयत में हज़रत सुलेमान की ओर से सबा की रानी को लिखे गए […]

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आयतें और निशानियां : क्योंकि तुम सिर्फ़ नसीहत करने वाले हो : पार्ट 4

आयतें और निशानियां : क्योंकि तुम सिर्फ़ नसीहत करने वाले हो : पार्ट 4

6th July 2018 at 10:12 pm 0 comments

वर्तमान समय में विभिन्न चीज़ों के बारे में जो अनुसंधान किये जा रहे हैं उनसे ईश्वर की महनता का पता चलता है। जैसे-जैसे अनुसंधानों के रिज़ल्ट सामने आर रहे हैं उनसे पता चल रहा है कि सृष्टि को कितनी सूक्ष्मता के साथ बनाया गया है। सूरज, चांद, पेड़-पौधे, पहाड़ और […]

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#मस्जिद और इबादत part 28_इस्लाम में मस्जिद की अहमियत!!”मस्जिदे गौहरशाद!!

#मस्जिद और इबादत part 28_इस्लाम में मस्जिद की अहमियत!!”मस्जिदे गौहरशाद!!

6th July 2018 at 10:09 pm 0 comments

मस्जिद, मुसलमानों का सार्वजनिक और विभिन्न वर्गों के लोगों के उपस्थित होने का स्थल है। इस प्रकार से यह स्थल इस्लामी समाज को आगे बढ़ाने और मुसलमानों के बीच वैचारिक समन्वय पैदा करने का बेहतरीन स्थान समझा जाता है क्योंकि मस्जिद यद्यपि समाज की एक छोटी इकाई समझी जाती है […]

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#इस्लाम और मानवाधिकार : पार्ट 34

#इस्लाम और मानवाधिकार : पार्ट 34

6th July 2018 at 10:02 pm 0 comments

चयन का अधिकार मूल अधिकारों में से है, इसे औपचारिकता प्रदान करना, वास्तव में राजनीतिक आज़ादी को औपचारिकता प्रदान करना है, जिसे चयन की आज़ादी या मताधिकार की आज़ादी कहा जाता है। यह अधिकार दो स्तर पर राजनीतिक व्यवस्था की स्थापना और शासक के चयन के समय इस्तेमाल होता है। […]

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#इस्लाम ने मनुष्य को ज़िम्मेदार इन्सान बनाया : अल्लाह के ख़ास बन्दे पार्ट 14

#इस्लाम ने मनुष्य को ज़िम्मेदार इन्सान बनाया : अल्लाह के ख़ास बन्दे पार्ट 14

6th July 2018 at 9:58 pm 0 comments

आपको याद होगा कि पिछले कार्यक्रम में हमने हज़रत अली के जीवन के कुछ पहलुओं की चर्चा की थी और आज भी उनके जीवन के कुछ अन्य पहलुओं पर प्रकाश डालेंगे। अज्ञानता के काल में क़ुरैश का बोलबाला था, पूरे अरब में अज्ञानता की संस्कृति प्रचलित थी, उस समय अरब […]

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मन के भीतर रात और दिन हैं, उजाला और अँधेरा हैं !!

मन के भीतर रात और दिन हैं, उजाला और अँधेरा हैं !!

6th July 2018 at 7:38 pm 0 comments

उत्तर काल काल ================ मन के भीतर रात और दिन हैं । उजाला और अँधेरा हैं !! भीतर गर उजाला /उजास हो और उसे महसूस करो तो बाहर भी वह दिखेगा. (1)मन के बाहर अँधेरे का अहसास हो तो भीतर के उजाले से उसे देखो और उस उजाले से परखने […]

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फिर औरत को मुक़ाम मिला, इज़्ज़त मिली, रूतबा मिला

फिर औरत को मुक़ाम मिला, इज़्ज़त मिली, रूतबा मिला

6th July 2018 at 2:57 am 0 comments

Sikander Kaymkhani =============· पहले औरत क़ीमती हया वाली थी, मज़लूम थीं, लेकिन कहा जाता है उस मुआशरे ने औरत को कमतर, लौंडी, रुस्वाई, हिक़ारत में रखा हुआ था…. फिर औरत को मुक़ाम मिला, इज़्ज़त मिली रूतबा मिला, इस मुआशरे में औरत को उसका हक़ दिया गया तो औरत ने खुद […]

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