हिंदू-मुस्लिम की शादी होना कोई लव जिहाद नहीं है, इस्लाम शांति और आत्मसमर्पण का धर्म है : सैफ़ अली ख़ान

करीना कपूर खान और सैफ अली खान 20 दिसंबर को बेटे तैमूर के प्राउड पैरेंट बन गए। पिता बनने पर सैफ अली खान ने खुद सोशल मीडिया पर इस खुशखबरी को शेयर किया था। साथ ही करीना के दोस्त करण जौहर ने करीना के बेटे तैमूर के नाम का खुलासा किया था।बेटे का नाम तैमूर रखने पर लोगों ने सैफीना को काफी क्रिटिसाइज किया। यहां तक कि ट्विटर पर तैमूर अली खान ट्रेंड भीtj saif-ali-khan_1482577293 करने लगा। लोगों का मानना है कि तैमूर हिंदुओं का नरसंहार करने वाला क्रूर शासक था। इसलिए ऐसा नाम नहीं रखना चाहिए था। एक ओर जहां सैफ के बेटे के नाम की आलोचना हो रही थी दूसरी ओर सामने आया सैफ का दो साल पुराना खुला खत। उनका ये खत आलोचना करने वाले लोगों पर करारा तमाचा है। सैफ ने ये खत अपनी और करीना की शादी से दो साल बाद यानी 2014 में लिखा था। उन्होंने अंतर्जातीय विवाह से लेकर लव जिहाद तक पर अपनी बात खुलकर रखी थी। सैफ का कहना है, ‘जब मैंने और करीना ने शादी की तो कई तरह की धमकियां मिलीं। लव जिहाद के बारे में खूब बातें हुईं। हमने अपने नए घर में हवन के साथ कुरान भी पढ़ा और पुजारी ने पवित्र जल भी छिड़का।’सैफ ने आगे कहा ‘कई अच्छे लोग अपनी बेटी मुस्लिमों को देना पसंद नहीं करते। वो धर्म परिवर्तन, तलाक और बहुविवाह से डरते हैं। ये सब वाकई बहुत आउटडेटेड हो चुका है। इस्लाम को आधुनिक होना होगा।सैफ ने लिखा, ‘इस्लाम इससे ज्यादा कभी नापसंद नहीं किया गया। मैंने इस्लाम को हमेशा ही शांति और आत्मसमर्पण का धर्म माना। लेकिन वक्त के साथ लोगों ने इसका गलत इस्तेमाल किया इसलिए मैंने खुद को लोगों के बनाए सभी धर्मों से अलग कर लिया।सैफ की मानें तो ‘मुझे लगता है कि सबके लिए एक कानून होना चाहिए। हमें खुद को एक राष्ट्र की तरह देखना होगा। धर्म को सबसे आखिर में आना चाहिए। हिंदू-मुस्लिम की शादी होना कोई लव जिहाद नहीं है।

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