#JUSTICE FOR ASIFA_बलात्कारियों के समर्थकों के हाथों में ‘तिरंगा’, इन्हें भी सज़ा देनी चाहिए!वीडियो!

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Sikander Kaymkhani
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यही वह जो तस्वीर में नजर आ रहे हैं हरामखोर हैं जो बलात्कारियों के फेवर में जुलूस निकाल रहे हैं हिंदुस्तान के झंडे का अपमान कर रहे हैं इनको झंडे के अपमान में सजा मिलनी चाहिए इनको बलात्कारियों के फेवर में जुलूस निकालने पर सजा मिलनी चाहिए इनके अंदर भी बलात्कारी ही है यह बात ख्याल रखें वरना यह कभी भी बलात्कारियों के फेवर में इस तरह देश के अंदर आग ना लगाते और इस तरह की रैलियों का आयोजन नहीं करते जरूरत है तस्वीर में देख कर इनको पहचानने की यह लोग भी बलात्कारी ही हैं यह अलग बात है कि यह लोगों का कोई कारण सामने नहीं आया होगा एक बलात्कारी ही बलात्कारी का फेवर कर सकता है एक अच्छा इंसान कभी भी बुरे इंसान का फेवर नहीं कर सकता इसलिए हम लोगों को चाहिए कि इन्हें भी सजा देनी चाहिए इन्हें समाज से बाई काट कर देना चाहिए उनके परिवारों से रिश्ते नाते तोड़ लेना चाहिए ताकि इनके घर वाले भी इन्हें सजा दे सके इनकी मां-बहन एक खुद इन्हें दूध काटते क्या वह औरतें नहीं है क्या उन्हें दर्द नहीं होता इस बात का मैंने तो सुना था कि औरत को औरत का दर्द सबसे ज्यादा होता है जबकि मर्द को मर्द की मर्द की तकलीफ से इतनी तकलीफ नहीं होती जितनी औरत को औरत की तकलीफ होती है औरत के साथ मर्द के एहसास से सौ गुना ज्यादा है औरत भी महसूस कर लेती है जो आप उसे देख कर सोच रहे होते हैं मगर मर जो है इस तरह की चीजों का अंदाजा नहीं लगा पाता तो क्या भारत की औरतों को बिल्कुल भी एहसास नहीं है कि 8 साल की बच्ची का कवि गुजरात में बलात्कार होता है कभी जम्मू में बलात्कार होता है कभी मंदिर में बलात्कार होता है और इन लोगों को पूजनीय बनाया जाता है यह कौन लोग हैं जो शंभूलाल बलात्कारी की तस्वीर भगवान राम के साथ लगाते हैं क्या इन लोगों के भगवान बलात्कारी हैं ऐसे लोग हैं यह इंसानों की गिनती में शुमार होने वाले लोग नहीं हैं यह भारतीय कहलाने के लायक भी नहीं है इन लोगों को इनके फेवर करने वाले लोगों को तमाम के तमाम को भारतीय दंड संहिता के तहत नई-नई दंड संहिता के तहत इनको सजा ए मौत दी जाए चौराहों पर लटकाया जाए ताकि व्रत हो आने वाली नस्लों को कोई भी किसी मासूम बच्ची की तरह किसी औरत की तरफ गलत नजर से ना देखें यूं तो मैं आडवाणी का अफेयर नहीं करता फिर भी जवानी में भी कहा था कि बलात्कार की सजा मौत होनी चाहिए और सिर्फ यह इस्लामी कानून यही एक रास्ता है जो एक बलात्कारी को सही सजा दे सकता है हमारे भारत भारत में इस सजा का प्रावधान कर देना चाहिए और चुन-चुनकर जितने भी बलात्कार केस में बंद है जो जमानत पर हैं जो सजा काट चुके हैं उन सब को लाकर बारी बारी बारी बारी 10या 15 को हर शहर में लटकाया जाए ऐसा कोई शहर बाकी ना रहे इस शहर में बलात्कारियों को फांसी ना हो हिंदुस्तान में बलात्कारियों की भरमार है आज हिंदुस्तान बलात्कार में अमेरिका को पीछे छोड़ गया है

नोट – लेख में कुछ शब्द खेद जनक हैं, आप पाठकों से उसके लिए हम खेद वयक्त करते हैं, लेख के मूल को समझें|

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