#MeToo_आलोक नाथ का नाम लेने में कोई झिझक नहीं थी : विंता नंदा

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आलोक नाथ पर बलात्कार और उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली लेखिका-निर्देशक विंता नंदा ने कहा कि उन्हें एक्टर का नाम लेने में कोई झिझक नहीं थी लेकिन उन्हें ये मालूम नहीं था कि 20 सालों तक उन पर गहरा असर डालने वाली यह घटना सोशल मीडिया पर इतना बड़ा मुद्दा बन जाएगी. नंदा ने कहा कि उन्होंने अभी तक यह निर्णय नहीं लिया है कि उनका अगला कदम क्या होगा लेकिन उनका पहला कदम ”अपनी रक्षा” करना है.

उन्होंने पीटीआई से कहा, ”मैंने 20 साल तक मुझ पर असर डालने वाली बात सालों से दबा कर रखी. ये घटना मेरी हर स्थिति के केंद्र में रही. मैंने एक लेखक और एक इंसान के तौर पर अपना विश्वास गंवा दिया. इसने पूरी तरह मुझे बदल दिया.”

विंता नंदामैं चाहती हूं कि जिसने मेरे साथ ऐसा किया, उसे सजा मिले लेकिन मैं अभी कुछ नहीं कह रही क्योंकि मैं नहीं जानती मैं आगे क्या करने जा रही हूं. मैंने कोई योजना नहीं बनाई है.

ये पूछे जाने पर कि उन्होंने सीधे तौर पर आलोक नाथ का नाम क्यों नहीं लिया, इस पर नंदा ने कहा कि ऐसा कोई डर नहीं था लेकिन वह विशिष्ट लोगों के समूह को संबोधित कर रही थीं. नंदा ने कहा, ”ये मेरा फेसबुक पेज है और मुझे इसके (घटना के) इतना बड़ा मुद्दा बनने की उम्मीद नहीं थी. ये मेरे, दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच था और हर कोई जानता है कि कौन ‘संस्कारी’ है. इस पर हजारों टिप्पणियां आईं और कई लोगों ने मुझसे पूछा कि वह व्यक्ति कौन है. उसका नाम लेने में कोई झिझक नहीं थी.”

अपनी पोस्ट में नंदा ने ‘सबसे संस्कारी व्यक्ति’ कहलाने वाले आलोक नाथ पर 19 साल पहले एक से ज्यादा बार उनका बलात्कार करने का आरोप लगाया है.

पूर्व पत्रकार और मंत्री एम जे अकबर पर अश्लील ऑफर देने के आरोप

मौजूदा विदेश मंत्री राज्य मंत्री एम जे अकबर भी #MeToo कैंपेन में फंस गए हैं. अकबर कई अखबारों और पत्रिकाओं के संपादक रह चुके हैं. अकबर पर महिला पत्रकारों की सहमति के खिलाफ कदम उठाने और होटल के कमरों में उनसे असहज करने वाले इंटरव्यू करने के आरोप लगाए गए हैं.

कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि सीनियर जर्नलिस्ट रहे अकबर होटल के कमरे में उनका इंटरव्यू लेते थे और उन्हें अपने बिस्तर और शराब ऑफर करते थे. एक महिला ने हार्वे विन्सिटन्स ऑफ द वर्ल्ड नाम से लिखे पोस्ट में कहा है कि अकबर गंदे फोन कॉल, टेक्स्ट, और असहज करने वाले कॉम्प्लिेंट्स में माहिर हैं.

बॉलीवुड एक्टर रजत कपूर पर भी सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा है. उन पर दो महिलाओं ने आरोप लगाया है. इनमें से एक महिला ने कहा है कि रजत कपूर ने उनसे उनके शरीर का नाप पूछा था.

वहीं एक अन्य महिला ने कहा है कि रजत उसके साथ किसी ऐसे कमरे में शूटिंग करना चाहते थे जो खाली हो. इन दोनों महिलाओं के सामने आने के बाद कपूर ने अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी है.

देश में #MeToo कैंपेन की शुरुआत AIB कॉमेडी शो के उत्सव चक्रवर्ती पर आरोपों से हुई. उत्सव ने एक क्रूज में एक गुटखा कंपनी के कर्मचारियों के हंगामे और अभद्रता पर टिप्पणी की थी. इसके बाद एक महिला ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि उत्सव इस तरह के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं लेकिन खुद वह उसका सेक्सुअल हैरेसमेंट कर चुके हैं. इसके बाद AIB ने इस मामले में सफाई दी और उत्सव को शो से हटा दिया.

उत्सव का मामला सामने आने के बाद देश में एक तरह से #METOO कैंपेन चल पड़ा. सोशल मीडिया पर महिलाओं ने अपने साथ यौन प्रताड़नों की घटना का बेधड़क होकर जिक्र करना शुरू कर दिया है.

बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता की ओर से बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगाए जाने बाद सोशल मीडिया पर इस तरह की शिकायतों की बाढ़ आ गई है. इसे भारत का ‘#MeToo कैंपेन’ कहा जा रहा है.

अब तक मनोरंजन, मीडिया, राजनीति और साहित्य की दुनिया से जुड़े कई नामचीन लोगों पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लग चुके हैं. #MeToo कैंपेन में घिरे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो गई है. सेक्सुअल हैरसमेंट के आरोप से घिरे हिन्दुस्तान टाइम्स के राजनीतिक संपादक प्रशांत झा को संस्थान ने उनके पद से हटा दिया है.

मामी फिल्म महोत्सव के आयोजकों ने तय किया है कि वह एआईबी की फिल्म “चिंटू का बर्थडे” और रजत कपूर की फिल्म “कड़ख” को अपने शोकेस से हटाएगा.

1990 के दशक के मशहूर शो ‘तारा’ की लेखिका और निर्माता विंता नंदा ने एक्टर आलोक नाथ पर करीब दो दशक पहले उनके साथ रेप करने का आरोप लगाया है. आलोक नाथ परदे पर अपनी ‘संस्कारी’ छवि के लिए जाने जाते हैं. नंदा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा, “मैंने इस क्षण के आने का 19 साल से इंतजार किया.”

नंदा ने कहा कि वह फिल्म और टीवी उद्योग में सबसे ‘संस्कारी’ व्यक्ति माने जाते थे. नंदा ने लिखा कि #MeToo मूवमेंट ने उन्हें भी अपने इस दुखद दास्तां को बयां करने के लिए प्रेरित किया.

नंदा ने लिखा, “वह एक शराबी, लापरवाह और बुरा शख्स था लेकिन वह उस दशक का टेलीविजन स्टार भी था, इसलिए न केवल उसे उसके बुरे व्यवहार के लिए माफ कर दिया जाता था बल्कि कई लोग उसे और भी ज्यादा बुरा बनने के लिए उकसाते थे. उन्होंने कहा कि उसने शो की मुख्य एक्ट्रेस को भी परेशान किया, जो उसमें बिल्कुल दिलचस्पी नहीं दिखाती थी.

अपने साथ हुए सबसे बुरी घटना का जिक्र करते हुए नंदा ने कहा कि एक बार वह आलोकनाथ के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुई और वहां से देर रात दो बजे के करीब घर जाने के लिए निकलीं. उनके ड्रिंक में कुछ मिला दिया गया था.

नंदा ने पोस्ट में लिखा, “मैं घर जाने के लिए खाली सड़क पर पैदल ही चलने लगी.रास्ते में उस शख्स ने गाड़ी रोकी, जो खुद चला रहा था और कहा कि मैं उनकी गाड़ी में बैठ जाऊं, मुझे घर छोड़ देगा. मैं उस पर विश्वास करके गाड़ी में बैठ गई. इसके बाद मुझे बेहोशी सी छाने के चलते हल्का-हल्का याद है. मुझे याद है कि मेरे मुंह में और ज्यादा शराब डाली गई और मेरे साथ काफी हिंसा की गई. अगले दिन जब दोपहर को मैं उठी, तो मैं काफी दर्द में थी. मेरे साथ सिर्फ दुष्कर्म ही नहीं किया गया था बल्कि मुझे मेरे घर ले जाकर मेरे साथ नृशंस व्यवहार किया गया था.”
उन्होंने कहा, “मैं अपने बिस्तर से उठ नहीं सकी. मैंनै अपने कुछ दोस्तों को इस बारे में बताया लेकिन सभी ने मुझे इस घटना को भूलकर आगे बढ़ने की सलाह दी.”

नंदा ने इस तरह के वाकये का शिकार हुए लोगों से सामने आकर अपनी बात रखने की अपील की है.

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