धर्मनिरपेक्षता का ढोंग, अहिंसा की बात करने वाली कांग्रेस के शासनकाल में हुआ था पुरुलिया हथियार कांड : मो. तारिक

भोपाल ! धर्मनिरपेक्षता का 15871150_1195791560476383_1468567784_nढोंग, अहिंसा की बात करने वाली कांग्रेस के शासनकाल में हुआ था पुरुलिया हथियार कांड-1995 ! जी हां यह सत्य है कि, रूसी एयरक्राफ्ट से ही 17 दिसंबर 1995 की रात को पुरुलिया कस्बे में हथियार गिराए थे पैराशूट की मदद से गिराए गए उन बक्सों में बुलगारिया में बनी 300 AK-4, AK-56 राइफल लगभग 15000 राउंड गोलियां कुछ मीडिया रिपोर्ट की संख्या इससे ज्यादा बताती है आधा दर्जन राकेट लांचर हथगोले पिस्तौल और अंधेरे में देखने वाले उपकरण शामिल थे ! रूसी एयरक्राफ्ट में मौजूद एक ब्रिटिश हथियार एजेंट पीटर ब्लीच और चालक दल के छह सदस्यों को फौरन गिरफ्तार करके उनके खिलाफ जहां शुरू कर दी गई लेकिन इस कांड का असली सूत्रधार बताया जाने वाला किम डेवी जो आश्चर्यजनक रूप से हवाई अड्डे से बच निकलने और अपने मूल देश डेनमार्क पहुंचने में कामयाब हो गया !

“साजिश के सूत्रधार भारत सरकार” क्योंकि 29 अप्रैल 2011 को टाइम्स नाउ पर प्रसारित एक इंटरव्यू में फरार भगोड़ा किम डेवी ने दावा किया कि पुरुलिया हथियार कांड भारत सरकार के इशारे पर अंजाम दिया गया था उसके मुताबिक जब केंद्र की कांग्रेस सरकार पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी को अस्थिर करना चाहती थी ! पीवी नरसिंहा राव की सरकार बंगाल में सत्ताधारी दल के केडर की हिंसा का जवाब हिंसा से देना चाहती थी इसलिए उसने ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई 5 के साथ मिलकर एक योजना बनाई फरार भगोड़ा किम डेवी ने बताया कि इस योजना के तहत विदेशों से हथियारों की खेप लाकर बंगाल के स्थानीय लोगों और नक्सल-वादियों हथियार बांटी जानी थी !

मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेखक निवेदन करता है कि …… यह मेरा कथन भी सत्य हो सकता है “साजिश के सूत्रधार भारत सरकार ही रही होगी !” क्योंकि “पुरुलिया हथियार कांड-1995″ कांड का असली सूत्रधार बताया जाने वाला किम डेवी जो आश्चर्यजनक रूप से हवाई अड्डे से बच निकलने और अपने मूल देश डेनमार्क पहुंचने में कामयाब हो गया ठीक उसी तरह जैसे भोपाल गैस कांड त्रासदी के मुख्य आरोपी एंडरसन को भगाया गया ? क्योंकि मैं लेखक भोपाल शहर का वासी हूं भोपाल गैस पीड़ितों के साथ ऐसा ही छल-कपट हुआ है कि गैस कांड 1984 मुख्य आरोपी एंडरसन को फरार करा दिया गया जब केंद्र व राज्य में कांग्रेस का ही शासनकाल रहा है !

संयुक्त राष्ट्र संघ को समझना होगा कि जो देश दुनिया में शांति और अमन की बात करते हैं हथियारों का कारोबार भी उन्हीं के देशों में होता है ! अवैध हथियारों के कारोबारऔर कमीशनखोरी से दुनिया खात्मे की ओर बढ़ रही है ! “हम कब तक यूं ही रहते आतंकवादी दंगा फसाद और नक्सलवादी गतिविधियों में काल के गाल में समाते-जान गवांते रहेंगे ! कहीं धर्म तू कहीं जात-पात के नाम पर हो रही है घर दुकान जलवाते रहेंगे ! हिंदू सिख ईसाई हो या मुसलमान मरता तो सिर्फ इंसान गंभीरता से सोचिए !”
“अब तो वैचारिक द्वंद हैं “
@मो. तारिक (स्वतंत्र लेखक)

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