“Who’s Coming to Dinner” : यह शादी दोनो में से किसी के हित में नहीं है!

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अमरीकी समाज में नस्लभेद की समीक्षा, “Who’s Coming to Dinner” हूज़ कमिंग टू डिनर।

हालीवुड में बनने वाली इस फ़िल्म के डायरेक्टर का नाम है, Stanley Kramer, हूज़ कमिंग टू डिनर नामक फ़िल्म उस काल की फ़िल्म है जब अमरीका में रहने वाले श्यामवर्ण के लोग अपने अधिकारों के लिए आन्दोलन चला रहे थे। अमरीका में काले लोगों ने अपने अधिकार प्राप्त करने के उद्देश्य से सन 1955 से 1968 के बीच कई आन्दोलन चलाए। इनही आन्दोलनों में से एक आन्दोलन, मताधिकार से संबन्धित था जो 1954 में आरंभ हुआ और 1968 में समाप्त हुआ। हालांकि इस आन्दोलन के बाद अमरीका में रहने वाले अश्वेतों को मत डालने का अधिकार तो मिल गया किंतु वे आज भी अमरीकी समाज में सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक, शिक्षा, रोज़गार और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की समस्याओं से जूझ रहे हैं। अमरीका में रहने वाले श्यामवर्ण के लोगों ने अपने आन्दोलनों के माध्यम से जो अधिकार प्राप्त किये उनमें से एक अधिकार यह था कि काले लोग गोरों के साथ शादी कर सकते थे। सन 1967 में बनने वाली फ़िल्म, हूज़ कमिंग टू डिनर का मूल विषय भी यही है। 108 मिनट लंबी यह फ़िल्म, अपने भीतर एक विशेष आकर्षण रखती है।

हूज़ कमिंग टू डिनर के एक पात्र का नाम “मेट ड्रेटेन” है जिनकी भूमिका फ़िल्म में “स्पेंसर ट्रेसी” ने निभाई है। मेंट वास्तव में गार्डियन समाचारपत्र के प्रकाशक हैं। उनकी पत्नी का नाम क्रिस्टीना है जो कला से संबन्धि एक संग्रहालय की मालिक हैं। “मेट ड्रेटेन” का परिवार सेन फ़्रांसिसको का एक जानामाना परिवार है। मेट ड्रेटेन की एक बेटी है जिसका नाम “जूई” है। जूई 23 साल ही है। पढ़ने के लिए वह हवाना गई हुई है। जूई, हवाना से वापस सेन फ्रांसिसको आती है और उसके साथ 37 वर्षीय डाक्टर जान प्रेंटेस हैं जिनका संबन्ध श्यामवर्ण के लोगों से है अर्थात वे जूई की भांति गोरे नहीं बल्कि काले हैं। जूई और जान अभी हाल ही में एक-दूसरे से परिचित हुए हैं। वे एक-दूसरे से इतना अधिक प्रभावित हैं कि मात्र 10 दिनों की मुलाक़ात में ही वे शादी करने का इरादा कर लेते हैं। इसके लिए दोनो तैयार हैं। वे दोनो सेन फ़्रांसिसको आए ही इसीलिए है कि अपनी शादी के विषय से जूई के माता-पिता को अवगर करवाएं।

जब वे दोनों अपनी शादी की बात को जूई के पिता और माता को बताते हैं तो वे दोनो यह बात सुनकर अचंभित हो जाते हैं। बहुत कुछ कहने के बाद जूई अपनी मां को तो शादी के लिए तैयार कर लेती है किंतु उसके पिता दो जातियों के बीच विवाह के कड़े विरोधी हैं। वे किसी भी स्थिति में श्वेत और अश्वेत लोगों की शादी के पक्ष में नहीं हैं। मेट ड्रेटेन, अपने समाचारपत्र में आज़ादी और समानता की बातें करते हैं किंतु किसी अश्वेत व्यक्ति से अपनी बेटी की शादी के धुर विरोधी हैं। वे मानते हैं कि यह शादी दोनो में से किसी के हित में नहीं है और वे अमरीकी समाज में रहकर कभी भी खुश नहीं रह सकते।

इसी बीच जूई अपने मित्र जॉन से कहती है कि वह अपने मां-बाप को सेन फ्रांसिसको बुलाए ताकि कम से कम वह उनसे मिलकर कोई समाधान ढूंढे। जान के मां-बाप जूई को देखते ही चौंक जाते हैं। जान के पिता कहते हैं कि जूई और जॉन के विवाह का फैसला, खुली मूर्खता है। जॉन के माता-पिता जूई के घर आकर उसके मां-बाप ड्रेटेन और उनकी पत्नी क्रिस्टीना से परिचित होते हैं। सब आपस में जूई और जॉन की शादी की संभावना के बारे में बात करते हैं। इस शादी का सबसे अधिक विरोध जूई के पिता करते हैं क्योंकि वे जातिवादी विचारधारा के स्वामी हैं और उन्हें यह पसंद नहीं है कि कोई अश्वेत व्यक्ति किसी श्वेत लड़की से शादी करे। दूसरी ओर जान के पिता, अमरीकी समाज में फैले भेदभाव के कारण इस शादी के पक्ष में नहीं हैं। आरंभ में दोनो के बाप इस शादी का विरोध करते हैं किंतु जूई और जॉन के प्रेम को देखते हुए दोनो ही अपनी ज़िद छोड़कर शादी के लिए तैयार हो जाते हैं। हालांकि शादी का समर्थन करने के बावजूद अभी वे इस ओर से निश्चिंत नहीं हैं कि जूई और जॉन, अमरीकी समाज में एक अच्छा और सफल जीवन व्यतीत कर पाएंगे।

“Who’s Coming to Dinner” हूज़ कमिंग टू डिनर नामक फ़िल्म में बहुत ही गहराई से अमरीका में फैली जातिवादी विचारधारा के विषय को प्रदर्शित किया गया है। इस फ़िल्म से यह बताने की कोशिश की गई है कि उस काल में वहां पर श्वेत और अश्वेत वर्ण के लोगों के बीच शादी करना कितना कठिन काम था। यह फ़िल्म 1960 के दशक के अन्तिम वर्षों में उस समय रिलीज़ हुई जब अमरीका में श्यामवर्ण के लोग अपने अधिकारों को लेकर आन्दोलन कर रहे थे और उस दौर में यह आन्दोलन अपने चरम पर था।

कहते हैं कि जिस समय “Who’s Coming to Dinner” हूज़ कमिंग टू डिनर नामक फ़िल्म बनाई जा रही थी उस समय अमरीका के 17 राज्यों में विभिन्न जातियों विशेषकर गोरे और कालों के बीच विवाह पर प्रतिबंध लगा हुआ था लेकिन सन 1967 में, हूज़ कमिंग टू डिनर के प्रदर्शित होने के बाद अमरीका में यह प्रतिबंध हटा लिया गया। हालांकि यह बात पूरे विश्वास के साथ नहीं कही जा सकती कि कुछ अमरीकी राज्य में अन्तरजातीय विवाह पर लगा प्रतिबंध, केवल इस फ़िल्म के रिलीज़ होने से हट गया किंतु निश्चित रूप में इस फ़िल्म ने इसे हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आइए अब इस फ़िल्म के दृश्य की समीक्षा करते हैं।

“Who’s Coming to Dinner” हूज़ कमिंग टू डिनर नामक फ़िल्म का यह सीन पिक्चर आरंभ होने के 27 मिनट के बाद शुरू होता है। इससे पहले दिखाया जाता है कि जॉन और जूई शादी के बारे में अपने फैसले से जूई के मां-बाप को अवगत करवाते हैं। इस समय जूई के पिता और उसकी माता एक कमरे में बैठे हैं। जूई के पिता मेट कुर्सी पर बैठ हुए हैं और अपनी बीवी क्रिस्टीना से अपनी बेटी की शादी के बारे में बात कर रहे हैं। इसी बीच जान आ जाता है। वह दरवाज़ा खटखटाकर अंदर आने की अनुमति चाहता है। अनुमति मिलने के बाद वह जूई के पिता मेट की कुर्सी के निकट खड़ा होकर बात करना शुरू कर देता है। वह कहता है कि आपको समझ लेना चाहिए कि हम दोनों ने शादी का फैसला कर लिया है। जूई इसके लिए पूरी तरह से राज़ी है। मेट कहता है कि तुम लोग हमारी इजाज़ के बिना ही शादी करोगे? इसके उत्तर में जॉन कहता है कि नहीं एसा बिल्कुल नहीं है। आपकी अनुमति के बिना शादी हो ही नहीं सकती। अब जूई की मां, क्रिस्टीना कहती है कि जॉन तुमने यह फैसला क्यों लिया? इसपर जान कहता है कि वास्तव में यह घटनाक्रम इतनी तेज़ी से घटा कि मैं भी समझ नहीं सका। इस निर्णय से दो हफ़्ते पहले तक मेरे लिए यह बात किसी भी स्थिति में स्वीकार्य योग्य नहीं थी। दो हफ़्ते पहले तक मैं जूई को जानता ही नहीं था। वह कहता है कि रंगों का कोई महत्व नहीं होता अतः इस बारे में मतभेद नहीं होना चाहिए। वह कहता है कि जूई का मानना है कि मतभेद नामकी कोई चीज़ है ही नहीं।

फिर जॉन कहता है कि मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि हमारी शादी के कारण यदि कोई आपके लिए कोई समस्या आती है तो फिर मैं शादी नहीं कर सकूंगा। इसपर जूई के पिता मेट कहते हैं कि समस्या से तुम्हारा मतलब क्या है? जॉन कहता है कि आप दोनों का व्यवहार। जूई आप दोनों को बहुत मानती है। मेरी शादी के बाद यदि आपके और जूई के बीच संबन्धों में तनाव पैदा होता है तो यह उसके लिए बहुत सख़्त होगा। एसे में मुझको नहीं मालूम कि मैं इस मसले को कैसे सुलझाऊंगा। वह कहता है कि मैं आप लोगों के लिए किसी समस्या का कारण नहीं बनना चाहता। इसपर मेट कहते हैं कि आपका बहुत-बहुत शुक्रिया डाक्टर कि आपने यह बात हमको बताई।

जॉन कहता है कि एक बात को मैं पूरी तरह से स्पष्ट करना चाहता हूं। मुझको आपकी बेटी से प्यार है। मैं चाहता हूं कि वह हमेशा खुश रहे। उसको खुश रखने के लिए मैं सबकुछ करूंगा। वह कहता है कि मेरा यह मानना है कि आपकी सहमति के बिना हमारी शादी का कोई अर्थ नहीं रह जाता। यही वजह है कि मैं चाहता हूं कि इस शादी के बारे में आपका जो भी विचार है उसे स्पष्ट ढंग से आप मुझको अवश्य बताइए। इसपर मेट कहते हैं कि धन्यवाद डाक्टर ठीक है।

यहां पर ध्यान योग्य बात यह है कि सेन फ्रांसिसको आने से पहले जूई ने जॉन से कहा था कि उसके माता-पिता हमारी शादी का विरोध नहीं करेंगे और यदि वे एसा करते भी हैं तो भी उसका फैसला बदलने वाला नहीं है। इसके बावजूद जॉन, जूई के माता-पिता से मिलकर उनके विचार जानना चाहता है। वह अपने निर्णय से जूई के घरवालों को पूरी तरह से अवगत करवा देता है। यह विषय बताता है कि अमरीकी समाज में गोरे और काले लोगों के बीच विवाह कितनी बड़ी समस्या थी क्योंकि दोनो के सहमत होने के बावजूद इस मार्ग में कई बाधाएं थीं। इससे पता चलता है कि सन 1960 के दशक में अमरीकी समाज में नस्लभेद की जड़े कितनी गहरी थीं।