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अगर ज़रूरी हुआ तो अमेरिका, ईरान के परमाणु कार्यक्रम के ख़िलाफ़ सैन्य शक्ति का इस्तेमाल कर सकता है : अमेरिकी प्रतिनिधि राबर्ट माले

ईरान के मामलों में अमेरिकी प्रतिनिधि राबर्ट माले ने कहा है कि अगर ज़रूरी हुआ तो अंतिम विकल्प के रूप में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ सैन्य शक्ति का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसी प्रकार राबर्ट माले ने कहा कि ईरान के साथ परमाणु समझौते के लिए हम अपना समय नष्ट नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि परमाणु समझौते को जीवित करना और ईरान से प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए वार्ता वाशिंग्टन की कार्यसूची में भी नहीं है। माले ने सोमवार को एक सम्मेलन में भाषण देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के साथ उन मामलों पर ध्यान केन्द्रित किये हुए है जो अमेरिका के लिए लाभप्रद हों और अगर इस समय ईरान के साथ वार्ता में कुछ नहीं होने वाला है तो अमेरिका भी अपने समय को नष्ट नहीं करेगा।

सीएनएन ने राबर्ट माले के हवाले से रिपोर्ट दी है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए अब भी कूटनयिक मार्ग के प्रति कटिबद्ध है और ईरान में अशांति के हालात में वह अपना ध्यान व प्रयास मास्को- यूक्रेन जंग पर केन्द्रित कर रखा है। इसी प्रकार उन्होंने यह भी दावा किया कि वियना वार्ता में हम बारमबार परमाणु समझौते के बहुत निकट पहुंच गये थे परंतु ईरान ने नई मांग कर दी जिसकी वजह से वार्ता अपने मार्ग से हट गयी।

जानकार हल्कों का मानना है कि अमेरिका और उसके पिछलग्गूओं के अंदर ईरान पर हमला का साहस नहीं है और अगर होता तो वे अब तक बहुत पहले कर चुके होते और यह वह बिन्दु है जिसे अमेरिकी बहुत अच्छी तरह समझते हैं।