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अगर फ़िलिस्तीन का मुद्दा बीच में आता है, तो सऊदी अरब और इस्राईल…

अमरीका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि अगर सऊदी अरब और इस्राईल के बीच संबंधों को सामान्य बनाने वाले समझौते में, स्वतंत्र फ़िलिस्तीन देश की स्थापना का मुद्दा शामिल होता है, तो यह समझौता असंभव है।

बुधवार को येरूशलम पोस्ट के साथ एक साक्षात्कार में पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के विदेश मंत्री रह चुके पोम्पियो ने फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण पर आरोप लगाते हुए कहाः वर्तमान फ़िलिस्तीनी नेतृत्व के साथ दो-राज्यों के समाधान की कल्पना करना असंभव है।

पोम्पियो ने दावा किया कि यह कल्पना करना बहुत मुश्किल है कि कोई ऐसे नेताओं के साथ कैसे समझौता कर सकता है, जिन्होंने उनके सामने पेश किए गए हर उचित प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।

ग़ौरतलब है कि ट्रम्प प्रशासन ने तथाकथित अब्राहम एकॉर्ड के नाम पर इस्राईल को मान्यता देने के लिए अरब और मुस्लिम देशों पर दबाव बनाया था, लेकिन कुछ महत्वहीन देशों को छोड़कर कोई ट्रम्प के सामने नहीं झुका।

बहरीन और यूएई ने ट्रम्प के दबाव में आकर इस्राईल को मान्यता दे दी थी, लेकिन इसे फ़िलिस्तीनियों ने एकमत होकर अस्वीकार कर दिया और इसे पीठ में छुरा घोंपने और ग़द्दारी करने जैसा बताया।

सऊदी अरब का कहना है कि इस्राईल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तों में से एक स्वतंत्र फ़िलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना है।