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अमृतपाल सिंह को अवैध हिरासत में लिया गया, उसकी जान को बड़ा ख़तरा : हाईकोर्ट में याचिका दाख़िल, कोर्ट ने पंजाब सरकार समेत अन्य से जवाब तालाब किया : रिपोर्ट

‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। अब हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।

बठिंडा निवासी इमरान सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के कानूनी सलाहकार हैं। इस संगठन के प्रमुख दीप सिद्धू थे और उनकी मौत के बाद यह पद अमृतपाल ने संभाला था। 18 मार्च को केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार के साथ मिलकर जालंधर से अमृतपाल को अवैध हिरासत में ले लिया।

याचिकाकर्ता ने कहा कि अमृतपाल सिंह को अवैध हिरासत में लिया गया है और इसका कारण तक स्पष्ट नहीं किया गया है। अमृतपाल के परिजनों तक को इस संदर्भ में जानकारी नहीं दी जा रही है, जो उसकी जान को बड़ा खतरा है। याचिकाकर्ता ने सुरक्षित अवैध हिरासत से छुड़ाने का निर्देश जारी करने की हाईकोर्ट से अपील की। साथ ही वारंट ऑफिसर नियुक्त करने का पंजाब सरकार को निर्देश जारी करने की अपील की।

याचिकाकर्ता ने बताया कि वारंट ऑफिसर की नियुक्ति के लिए वह तय की गई फीस जमा करवाने को तैयार हैं। याचिका पर रविवार को ही सुनवाई करने की अपील की गई थी। इसके बाद जस्टिस एनएस शेखावत के निवास स्थान पर याची पक्ष को सुना गया और याचिका पर पंजाब सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।

36 घंटे से अमृतपाल की तलाश जारी, अब तक 112 समर्थक गिरफ्तार

अजनाला थाने पर हमले के आरोपी एवं खालिस्तान समर्थक अमृतपाल पर रविवार को तीन और एफआईआर दर्ज कर दी गई हैं। जालंधर के सलेमा गांव में मिली उसकी काले रंग की ईसुजू गाड़ी में अवैध हथियार मिले हैं। गाड़ी- हथियार छोड़ चाचा के साथ भागे कट्टरपंथी अमृतपाल की तलाश में बीते 36 घंटों से ऑपरेशन जारी है।

रविवार को उसके 34 और साथी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। अब तक उसके 112 समर्थक दबोचे जा चुके हैं। कई नजरबंद कर दिए गए हैं। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पूरे पंजाब में सुरक्षाबल फ्लैग मार्च कर रहे हैं। इसी बीच, सूबे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और 24 घंटे के लिए स्थगित कर दी गई हैं, जो सोमवार दोपहर 12 बजे तक बंद रहेंगी। कई जिलों में धारा 144 लागू है।\

अमृतपाल के खिलाफ ये केस दर्ज
अमृतपाल के खिलाफ रविवार को पहला मामला उसकी गाड़ी से मिले अवैध हथियारों के संबंध में दर्ज किया गया है। दूसरा मामला जालंधर में बैरिकेड तोड़ने और तीसरा केस अमृतसर में दर्ज किया गया है। सात सहयोगियों को भी शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।

ये हथियार बरामद
अमृतसर से गिरफ्तार अमृतपाल के सहयोगियों से छह अवैध राइफल, एक लाइसेंसी पिस्तौल, एक रिवाल्वर और 322 कारतूस मिले हैं। ईसुजू गाड़ी से एक वॉकी टॉकी, तलवार, राइफल व 57 कारतूस मिले हैं। पुलिस ने अमृतपाल के पैतृक गांव स्थित घर की भी तलाशी ली।

अमृतपाल के डेरे में रहते थे सातों आरोपी
अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी सतिंदर सिंह ने बताया कि खालिस्तान समर्थक अमृतपाल और उसके साथी गुरभेज सिंह ने आरोपियों को हथियार और कारतूस मुहैया करवाए थे। आरोपियों की पहचान हरमिंदर सिंह, गुरवीर सिंह, अजयपाल सिंह, बलजिंदर सिंह, अमनदीप सिंह, सवरीत सिंह और गुरलाल सिंह के रूप में हुई है। ये सभी अमृतपाल सिंह के डेरे पर रहते थे।

पंजाब और हरियाणा सीएम आवास की सुरक्षा बढ़ी, सीमाओं पर BSF व पुलिस की तैनाती

खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह और उसके समर्थकों पर शिकंजा कसने से पंजाब के साथ चंडीगढ़ में भी हलचल बढ़ गई है। पुलिस ने पंजाब के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास और चंडीगढ़ की सभी सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वहीं, चंडीगढ़ के डीसी विनय प्रताप सिंह ने शहर में धारा-144 लागू कर धरना-प्रदर्शन और हथियार रखने पर रोक लगा दी है।

नयागांव समेत अन्य सीमाओं पर पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। 29 मार्च से चंडीगढ़ में जी-20 की बैठक होने जा रही है। इस वजह से भी चंडीगढ़ में सुरक्षा बेहद कड़ी कर गई है। चंडीगढ़-मोहाली सीमा समेत नौ जगहों पर पुलिस के साथ बीएसएफ की तैनात कर दी गई है। सभी जगह नाके लगाकर शहर में प्रवेश होने वाली गाड़ियों की जांच की जा रही है। पुलिस की तरफ से बताया गया कि कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए लगाए गए नाके अगले कुछ दिनों तक 24 घंटे लगे रहेंगे। इसके अलावा 27 मार्च से शहर को छह दिन के लिए नो फ्लाइंग जोन भी घोषित किया गया है।

डीसी विनय प्रताप सिंह की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, शहर में किसी भी प्रदर्शन से पहले अनुमति लेनी होगी। प्रशासन ने पहले भी इस संबंध में आदेश जारी किया था लेकिन शहर में धरने प्रदर्शन जारी रहे और अब फिर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। धारा-144 के तहत पांच या उससे अधिक लोग अगर शहर के सार्वजनिक स्थल पर कानून व्यवस्था को भंग करते हैं तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि प्रशासन को ये सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग शहर में धरना-प्रदर्शन कर शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके चलते ही धारा-144 लागू की गई है। यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री और सरकारी कर्मचारियों पर कामकाज के दौरान लागू नहीं होंगे। आदेश 21 मार्च से लागू होकर 19 मई तक प्रभाव में रहेगा।

लोग हथियारों का कर सकते हैं गलत उपयोग: डीसी
चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में हथियार और शस्त्र रखने पर रोक लगा दी है। डीसी की तरफ से अगले 60 दिनों के लिए यह आदेश जारी किया गया है। डीसी ने कहा है कि इन हथियारों का लोग गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे शांति भंग होने के साथ ही लोगों की जान को भी खतरा है। यही कारण है कि घातक हथियार, भाले, लाठी, तलवार, चाकू और आयरन रॉड आदि रखने पर रोक लगा दी है। यह आदेश पुलिस, मिलिट्री और पैरामिलिट्री कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगे लेकिन ये सभी कर्मी अपनी सर्विस यूनिफॉर्म में ड्यूटी के दौरान ही हथियारों को साथ रख सकेंगे।