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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने कांग्रेस से दिया इस्तीफ़ा!

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।.

रेड्डी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता एवं लोकसभा सदस्य मणिकम टैगोर ने रविवार को कहा कि जिन लोगों ने पार्टी से सब कुछ हासिल किया और आंध्र प्रदेश कांग्रेस को खत्म कर दिया, वे अब भाजपा में चले। रेड्डी अविभाजित आंध्र प्रदेश के आखिरी मुख्यमंत्री थे।


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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया।

आंध्र प्रदेश में कांग्रेस को झटका देने वाले पूर्व सीएम किरण कुमार रेड्डी अब जल्द ही बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, किरण कुमार रेड्डी इन दिनों बीजेपी हाईकमान के संपर्क में हैं. इतना ही नहीं बीजेपी नेताओं के साथ वह दो दौर की बैठक भी कर चुके हैं. सारे पहलुओं पर बात फाइनल हो चुकी है, अब वह किसी भी दिन बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं. उन्होंने शनिवार (11 मार्च) को ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था.

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से कांग्रेस में हो रही अपनी उपेक्षा से वह नाराज थे और इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़ लिया. उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र के जरिए अपना इस्तीफा भेजा था. लेटर में उन्होंने लिखा था कि उनके इस खत के माध्यम से उनका कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा स्वीकार किया जाए. उन्होंने पार्टी छोड़ने के कारणों का जिक्र नहीं किया था.

अविभाजित आंध्र के आखिरी सीएम रहे

किरण कुमार रेड्डी के नाम अविभाजित आंध्र प्रदेश के आखिरी मुख्यमंत्री होने की उपलब्धि दर्ज है. आंध्र और तेलंगाना के बंटवारे के समय अविभाजित सूबे के मुख्यमंत्री रहे किरण कुमार रेड्डी ने 11 नवंबर, 2010 को मुख्यमंत्रीपद की शपथ ली थी. आंध्र प्रदेश के बंटवारे को लेकर उन्होंने कांग्रेस नीत यूपीए सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया था. आंध्र प्रदेश के बंटवारे का विरोध में रेड्डी ने 10 मार्च 2014 को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था.

कांग्रेस से इस्तीफा देकर बनाई थी नई पार्टी

राज्य के बंटवारे के विरोध में उन्होंने कांग्रेस पार्टी भी छोड़ दी थी और 12 मार्च 2014 को जय समैक्य आंध्र पार्टी के नाम से एक क्षेत्रीय दल की स्थापना की थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने के लिए पूरी ताकत झोंकी, हालांकि पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था. तकरीबन चार साल बाद 13 जुलाई 2018 को वापस कांग्रेस में लौट आए थे, लेकिन पार्टी में ज्यादा अहम भूमिका निभाने से दूर रहे.