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आयरलैंड सँसद में इज़राईल के खिलाफ हुआ बिल पास-सामानों का किया जायेगा बायकॉट, तिलमिलाया इज़राईल

नई दिल्ली: आयरलैंड की संसद में पास हुए बिल की प्रतिक्रिया में शनिवार को लिबरमैन ने कहा कि डबलिन में दूतावास को तुरंत बंद कर देना चाहिए।

लिबरमैन के प्रवक्ता ने कहाः “आयरलैंड की सेनेट ने इस्राईल के बहिष्कार पर आधारित एक ख़तरनाक व चरमपंथी सोच वाले लोकाधिकारवादी क़दम का समर्थन किया है जो इस्राईल-फ़िलिस्तीन के बीच बातचीत के अवसर के लिए नुक़सानदेह है, इसका पश्चिम एशिया की कूटनैतिक प्रक्रिया पर नकारात्मक असर पड़ेगा।”

ग़ौरतलब है कि आयरलैंड में बुधवार को इस बिल के पास होने पर इस्राईल ने आयरलैंड के राजदूत को तलब किया था।

बुधवार को इससे पहले आयरलैंड की सेनेट में यह बिल 25-20 मतों के साथ पारित हुआ जिसका नाम “आर्थिक गतिविधियों पर नियंत्रण” है। इस बिल का आयरलैंड के सभी राजनैतिक धड़ों ने समर्थन किया।

इस बिल का प्रस्ताव एक निर्दलीय सेनेटर फ़्रांसेस ब्लैक ने रखा था। उन्होंने इस बिल पर वोटिंग से पहले अपने साथियों से अपील की थी कि वे इस बिल का समर्थन कर यह दर्शाएं कि “आयरलैंड की विदेश नीति अंतर्राष्ट्रीय क़ानून, मानवाधिकार और न्याय का हमेशा साथ देगी।”

ग़ौरतलब है कि इस्राईल अतिग्रहित पश्चिमी तट पर 1967 से जबसे उसने इस क्षेत्र पर हमला किया था, अवैध कालोनियों का निर्माण करता आ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय पश्चिमी तट और पूर्वी बैतुल मुक़द्दस पर इस्राईल के नियंत्रण को अवैध मानता है और उसका कहना है कि पूर्वी बैतुल मुक़द्दस भविष्य के फ़िलिस्तीनी स्टेट की राजधानी होगा।

बहुत से देशों ने इस बात के लिए कि ज़ायोनी शासन पूर्वी बैतुल मुक़द्दस के संबंध में अपना दावा वापस ले ले, फ़िलिस्तीनियों की भूमि पर अवैध कालोनियों में बनी वस्तुओं के बहिष्कार की नीति अपनायी है। इस नीति के तहत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक अभियान जारी है जिसे बीडीएस मूवमंट कहा जाता है।