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इस्राईल और अमेरिका यह जान लें, ”तूफ़ान अल-अक़्सा” कभी ख़त्म नहीं होगा : सुप्रीम लीडर ईरान

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का कहना है कि ऐतिहासिक तूफ़ान अल-अक़सा घटना ने पूरी तरह से और वास्तविक रूप से इस क्षेत्र में अमरीका की नीतियों के कार्यक्रम को तबाह कर दिया है।

बसीज सप्ताह के अवसर पर आज सुबह पूरे देश से आए स्वयं सेवियों के एक समूह ने सुप्रीम लीडर से मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने फ़िलिस्तीनियों के तूफ़ान अल-अक़्सा आप्रेशन की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईश्वर ने चाहा तो यह तूफ़ान जारी रहेगा और यह अमरीका के कार्यक्रम को तबाह कर देगा।


सुप्रीम लीडर ने ग़ज़्ज़ा के हालात की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐतिहासिक तूफ़ान अल-अक़सा घटना ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ है लेकिन यह अमरीकी नीतियों का विरोध है।


अयातुल्लाहिल उज़मा सैयद अली खामेनेई का कहना था कि ज़ायोनी शासन ने ग़ज़्ज़ा की जनता के ख़िलाफ़ अपराध में जो बर्बर और क्रूर कार्रवाई की, उसने न केवल इस शासन को बेइज़्ज़त कर दिया बल्कि उसने अमेरिका की इज़्ज़त की भी हवा निकाल दी।


सुप्रीम लीडर का कहना था कि इस अपराध ने प्रसिद्ध यूरोपीय देशों की प्रतिष्ठा तो छीन ली ही बल्कि पश्चिमी सभ्यता और संस्कृति की इज़्ज़त भी छीन ली।


उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिम की संस्कृति और सभ्यता वही सभ्यता जब वह वह फॉस्फोरस बमों से पांच हज़ार बच्चों को मारता है, तो एक पश्चिम की अमुक सरकार कहती है कि इस्राईल अपनी रक्षा कर रहा है। क्या यह आत्मरक्षा है? यह पश्चिमी संस्कृति है। इस मुद्दे ने पश्चिमी संस्कृति को पूरी तरह से बेइज़्ज़त कर दिया।


इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि पिछले 50 दिनों की त्रासदी फ़िलिस्तीन में ज़ायोनी शासन के 75 साल पुराने अपराधों का सारांश है, तूफ़ान अल-अक्सा को ख़त्म नहीं किया जा सकता और उनको यह जान लेना चाहिए कि यह स्थिति भी जारी नहीं रहेगी।


इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान, फ़िलिस्तीन में जनमत संग्रह और लोगों की राय में विश्वास रखता है। इस्लामी गणतंत्र ईरान का विचार, ज़ायोनियों और यहूदियों को समुद्र में फेंकना नहीं है।