विशेष

ऐसी माफ़ी अल्लाह के दरबार से कभी नहीं मिलती

Farooque Rasheed Farooquee
=================
·
. हमारी बड़ी ग़लती
एक बड़ी कमी नज़र आती है पूरी उम्मत में। हर इंसान —– वो दुनियादार हो या दीनदार —— ग़लती इंसान के साथ करता है, धोका इंसान को देता है, हक़ इंसान का मारता है, दिल इंसान का दुखाता है, तकलीफ़ इंसान को पहुॅंचाता है और माफ़ी अल्लाह से माॅंगता है। इंसान यह तय कर लेता है कि दूसरे का हक़ नहीं देगा, दूसरे का क़र्ज़ वापस नहीं करेगा और अल्लाह से माफ़ी माॅंग लेगा। ऐसी माफ़ी अल्लाह के दरबार से कभी नहीं मिलती। लोग तरह-तरह की बीमारियों से रोज़ मर रहे हैं लेकिन ऐसा लगता है कि हमें हमेशा यहीं रहना है। काश! उम्मत की समझ में यह बात आ जाए के तीन-चौथाई दीन बंदों के हक़ से वाबस्ता है। क़र्ज़ उसका भी माफ़ नहीं होता जो अल्लाह की राह में शहीद हो जाता है। वादाख़िलाफ़ी करना, दूसरों की ग़ैरमौजूदगी में उनकी बुराई करना, दूसरों का मज़ाक़ उड़ाना, नाइंसाफ़ी करना और हक़ मारना वग़ैरह ऐसे गुनाह हैं जो बहुत ज़्यादा किए जा रहे हैं। दूसरों के हक़ देकर दुनिया ही में उन्हें राज़ी कर लें। अल्लाह ऐसे गुनाहों को माफ़ नहीं करेगा और हश्र के मैदान मे कोई इंसान किसी इंसान को नहीं पहचानेगा।
(फ़ारूक़ रशीद फ़रूक़ी)

ہماری بڑی غلطی
ایک بڑی کمی نظر اتی ہے پوری امت میں۔ ہر انسان —— وہ دنیادار ہو یا دیندار —— غلطی انسان کے ساتھ کرتا ہے، دھوکہ انسان کو دیتا ہے، حق انسان کا مارتا ہے، دل انسان کا دکھاتا ہے، تکلیف انسان کو پہنچاتا ہے اور معافی اللہ سے مانگتا ہے۔ وہ طے کر لیتا ہے کہ حقدار کو اس کا حق نہیں دے گا اور اللہ سے معافی مانگ لے گا۔ ایسی معافی اللہ کے دربار سے نہیں ملتی۔ لوگ طرح طرح کی بیماریوں سے روز مر رہے ہیں لیکن ہم یہ سمجھتے ہیں کہ ہمیں ہمیشہ یہیں رہنا ہے۔ کاش! امت کی سمجھ میں یہ بات آ جائے کہ تین چوتھائی دین معاملات ہے، یعنی بندوں کے حقوق سے وابستہ ہے۔ قرض اس کا بھی معاف نہیں ہوگا جو اللہ کی راہ میں شہید ہوتا ہے۔ وعدہ خلافی کرنا، دوسروں کی غیر موجودگی میں ان کی غیبت کرنا، دوسروں کا مذاق اڑانا، ناانصافی کرنا اور دوسروں کے حق مارنا وغیرہ ایسے گناہ ہیں جو عام طور پر کیے جا رہے ہیں۔ دوسروں کے حقوق دیے کر دنیا ہی میں انھیں راضی کر لیں کیونکہ اللہ ایسے گناہوں کو معاف نہیں کرے گا اور حشر کے میدان میں کوئی انسان کسی انسان کو نہیں پہچانے گا۔
(فاروق رشید فاروقی)