दुनिया

ग़ज़ा में भुखमरी को टालना असंभव होता जा रहा है!

संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इस्राईली सेना पर आरोप लगाया है कि वह व्यवस्थित रूप से पीड़ित फ़िलिस्तीनियों तक सहायता पहुंचने में रुकावट डाल रही है।

संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ग़ज़ा पट्टी की कम से कम एक-चौथाई आबादी भुखमरी से सिर्फ़ एक क़दम दूर है।

राष्ट्र संघ की ओर से मंगलवार को यह चेतावनी तब सामने आई, जब उत्तरी ग़ज़ा में सहायता सामग्री लेने के लिए इकट्ठा हुए फ़िलिस्तीनियों पर इस्राईली सैनिकों ने गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

ग़ज़ा युद्ध को शुरू हुए क़रीब पांच महीने होने वाले हैं। इस युद्ध में ज़ायोनी सेना के हाथों 30,000 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी शहीद हो चुके हैं, जिनमें अधिकांश संख्या बच्चों और महिलाओं की है।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ओसीएचए के उप प्रमुख रमेश राजसिंघम का कहना है कि फ़रवरी के अंत तक ग़ज़ा में कम से कम 6 लाख लोग, यानी कुल आबादी का एक-चौथाई हिस्सा भुखमरी से सिर्फ़ एक क़दम की दूरी पर है।

उन्होंने ग़ज़ा में खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर आयोजित हुई बैठक में कहा कि उत्तरी ग़ज़ा में दो साल से कम उम्र के छह बच्चों में से एक गंभीर कुपोषण और कमज़ोरी से पीड़ित है और व्यावहारिक रूप से इस फ़िलिस्तीनी क्षेत्र के सभी 2.3 मिलियन लोग जीवित रहने के लिए बेहद अपर्याप्त खाद्य सहायता पर निर्भर हैं।

उन्होंने कहा कि अगर तुरंत रूप से कुछ नहीं किया गया तो हमें डर है कि ग़ज़ा में व्यापक भुखमरी को टालना असंभव होगा।