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ग़ज़्ज़ा युद्ध ने इस्राईल पर डाला 50 अरब डालर का आर्थिक बोझ : रिपोर्ट

ग़ज़्ज़ा युद्ध के कारण अवैध ज़ायोनी शासन ने कई संस्थानों और कार्यालयों को बंद करने का फैसला किया है।

ज़ायोनी शासन के टीवी चैनेल12 के अनुसार ग़ज़्ज़ा युद्ध से होने वाले आर्थिक नुक़सान की क्षतिपूर्ति के लिए नेतनयाहू, कई संस्थाओं और कार्यालयों को बंद करने जा रहे हैं। इस बात की संभावना जताई जा रही है कि ग़ज़्ज़ा युद्ध से अवैध ज़ायोनी शासन पर 50 अरब डालर से अधिक का बोझ पड़ेगा।

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि ग़ज़्ज़ा युद्ध का सबसे बुरा प्रभाव इस्राईल के पर्यटन और सेवा क्षेत्र पर पड़ रहा है। ज़ायोनी शासन के वित्त मंत्रालय की ओर से पहले ही घोषणा की जा चुकी है कि ग़ज़्ज़ा युद्ध से इस्राईल को लगभग 51 अरब डालर का ख़र्च वहन करना पड़ेगा जो वहां की जीडीपी के दस प्रतिशत के बराबर है। ज़ायोनी शासन के केन्द्री बैंक के प्रमुख ने ग़ज़्ज़ा युद्ध से इस्राईल पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को, आर्थिक शाॅक बताया है।

दूसरी ओर ज़ायोनी मंत्रीमण्डल की बैठक में यह बात स्वीकार की गई है कि लंबी लड़ाई के बावजूद फ़िलिस्तीन के हमास इस्लामी प्रतिरोध आन्दोलन की क्षमता अभी भी बाक़ी है जिसके निशस्त्रीकरण में महीनों का समय लग सकता है।

याद रहे कि कड़े सेंसर के कारण ग़ज़्ज़ा युद्ध में इस्राईल को होने वाली क्षति की ख़बर बाहर नहीं आने पाती है। इस युद्ध में ज़ायोनियों को हर क्षेत्र में नुक़सान हो रहा है किुत यह बातें आम लोगों तक इसलिए नहीं पहुंच पा रही हैं क्योंकि वर्तमान समय में इस्राईल में ख़बरों पर कड़ी सेंसरशिप लागू है।