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चीन और आरएसएस के बीच क्या पक रहा है, चीनी राजनयिकों ने आरएसएस के परिसर का दौरा क्यों किया!

पिछले वर्ष दिसम्बर के महीने में चीनी राजनयिकों के एक दल ने आरएसएस मुख्यालय का दौरा किया था।

दिसम्बर 2023 में चीन के राजनयिकों के एक दल ने नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ “आरएसएस” के एक परिसर का दौरा किया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार चीन के राजनयिकों के एक समूह ने दिसम्बर के पहले सप्ताह में रेशिमबाग में आरएसएस स्मृति मंदिर परिसर का दौरा किया था।

नागपुर शहर में आरएसएस मुख्यालय के अलावा संघ के पास रेशिमबाग में इसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का स्मारक भी है जहां स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियां होती हैं।

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि दिल्ली के साथ-साथ मुंबई स्थित देश के वाणिज्य दूतावास से चीनी राजनयिकों की एक टीम वर्धा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के दौरे पर थी, जहां से वे नागपुर पहुंचे थे।

बताया गया है कि सरसंघचालक मोहन भागवत उस समय वहां मौजूद नहीं थे, इसलिए राजनयिक उनसे नहीं मिल सके। अख़बार के अनुसार, यह पहली बार है जब किसी भी स्तर के चीनी राजनयिक आरएसएस परिसर पहुंचे थे।

उधर विपक्षी कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी के मीडिया सेल के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने इससे संबंधित ख़बर पोस्ट करते हुए सवाल किया कि चीन के राजनायिक वहां क्यों गए थे, वहां क्या चर्चा हुई और क्या समझौते हुए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कहा कि एक तरफ़ मोदी सरकार के विदेश मंत्रालय ने पहली बार माना कि चीन के साथ रिश्ते सामान्य नहीं हैं और दूसरी तरफ़, ख़बरों के अनुसार चीन के डिप्लोमैट्स संघ मुख्यालय गए. क्यों गए? किसलिए गए? क्या बातचीत हुई?