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चुनाव आयोग सत्ता में बैठे लोगों का गुलाम है, गौमूत्र छिड़कने से देश को आज़ादी नहीं मिली : उद्धव ठाकरे

खेड़(महाराष्ट्र), पांच मार्च (भाषा) शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे ने पार्टी का नाम और चिह्न बागी गुट को आवंटित करने को लेकर रविवार को चुनाव आयोग पर निशाना साधा तथा उसे (आयोग को) सत्ता में बैठे लोगों का ‘गुलाम’ करार दिया।.

‘शिवसेना’ नाम और इसके चिह्न ‘धनुष-बाण’ को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे नीत गुट के हाथों गंवाने के कुछ हफ्तों बाद उद्धव ने चुनाव आयोग को ‘‘चूना लगाव’’ आयोग बताते हुए कहा कि चुनावी संस्था उनके पिता दिवंगत बाल ठाकरे द्वारा स्थापित पार्टी को उनसे कभी नहीं छीन सकती।.

Sampat More-संपत मोरे
@SampatMore2
खेडचे शिवसेना नेते माजी मंत्री रामदास कदम यांनी उद्धव ठाकरे यांची साथ सोडली आहे तर मग खेडमध्ये ठाकरे यांच्या सभेला एवढी गर्दी कशी ?
@ShivSenaUBT_

I.P. Singh
@IPSinghSp
मराठों की आन-बान-शान स्व0 बाला साहेब ठाकरे का परिवार श्री उद्धव ठाकरे श्री आदित्य ठाकरे के आहवान पर 25 लाख से ज्यादा लोगों की महारैली ने आज साबित कर दिया कि भाजपा 4 सीटों पर सिमटने जा रही है।

48 लोकसभा सीटों में 44 सीटें थीं।

ठाकरे परिवार के साथ विश्वासघात का परिणाम भयानक होगा।

‘गोमूत्र से नहीं मिली देश को आजादी’

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग ‘चूना लगाओ आयोग’ है और सत्ता में बैठे हुए लोगों का गुलाम है। यही नहीं, उन्होंने कहा है कि गौमूत्र छिड़कने से देश को आजादी नहीं मिली। बल्कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से आजादी मिली है। उन्होंने यह बयान रविवार (5 मार्च 2023) को दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र के रत्नागिरी के खेड़ गाँव में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा है, “चुनाव आयोग ‘चूना लगाओ आयोग’ है और सत्ता में बैठे लोगों का गुलाम है। जिस सिद्धांत के आधार पर चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया, वह गलत है। चुनाव आयोग ने हमसे पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न छीन लिया है, लेकिन वह शिवसेना को मुझसे नहीं छीन सकते।”

उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा, “शिवसेना की स्थापना चुनाव आयोग के पिता ने नहीं, बल्कि मेरे पिता ने की थी। महाराष्ट्र मेरा परिवार है। वे इसका कैसे ख्याल रखेंगे। मुझे आप सभी के साथ की जरूरत है। गद्दारों को कहना चाहता हूँ कि आप नाम चुरा सकते हो, चिह्न चुरा सकते हो लेकिन शिवसेना नहीं चुरा सकते। मैं चुनाव आयोग को खासतौर से कहना चाहता हूँ अगर चुनाव आयोग मोतियाबिंद से पीड़ित नहीं है तो उसे आना चाहिए और जमीनी स्थिति देखनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें तोड़ने की कोशिश की जा रही है। यह शिवसेना नहीं, मराठी मानुष और हिंदुत्व को तोड़ने का षडयंत्र है। जिसको कभी गली का कुत्ता भी नहीं पूछता था, आज वो उन्हें तोड़ने की प्लानिंग कर रहे हैं। उन्हें चुनाव आयोग का फैसला मंजूर नहीं है। चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट जाएँगे।

उन्होंने आगे कहा, “सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया, उन्होंने सरदार पटेल का नाम चुराया। इसी तरह, उन्होंने सुभाष चंद्र बोस को चुरा लिया और बाला साहेब ठाकरे के साथ ऐसा ही किया। मैं उन्हें चुनौती देता हूँ कि वे मोदी के नाम पर वोट माँगे, न कि शिवसेना के नाम और बाला साहेब ठाकरे की फोटो पर।”

उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा, “सरकार तो सही चल रही थी लेकिन टूटी क्यों? सरकार इसलिए टूटी क्योंकि हमारे साथ धोखा किया गया। हमारे विधायकों को बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया। हम सबने मिल कर प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है। केजरीवाल मुझसे मिलने आए थे। उन्होंने कहा है कि बहुत हो रहा है, हमें अब एक होना होगा। मैंने कहा है कि मैं तैयार हूँ।”


ANI
@ANI
Did our country attain independence by sprinkling cow urine? Did this happen that cow urine was sprinkled & we got freedom? This was not the case, freedom fighters sacrificed their lives then we got independence: Uddhav Thackeray in Ratnagiri

उन्होंने गोमूत्र पर विवादित बयान देते हुए कहा, “क्या हमारे देश को गोमूत्र छिड़कने से आजादी मिली थी? क्या ऐसा हुआ था कि गोमूत्र छिड़का गया और हमें आजादी मिली? ऐसा नहीं था, स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया था। तब कहीं जाकर हमें आजादी मिली थी।

Saamana
@SaamanaOnline

शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे यांचा खेड येथे शिवगर्जना मेळावा झाला. या खेडमधील अतिविराट आणि गर्दीने भरलेल्या सभेत उद्धव ठाकरे यांनी मिंध्यांवर आणि भाजपवर आसूड ओढले. तसेच देशातील सद्यस्थितीवरही त्यांनी भाष्य केले.