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जाल में फंसा इस्राईल : रिपोर्ट

वेस्ट बैंक विशेषकर जेनिन और नाब्लस में चल रहे संघर्ष और जारी झड़पों की जड़ अगर देखना है तो आपको अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन के अंदर दो महत्वपूर्ण घटनाओं पर ध्यान देना ज़रूरी होगा।

एक चरमपंथी आंदोलनों और धड़ों का विकास है और दूसरा शांति वार्ता और दो सरकारों की योजना को आगे बढ़ाने से ज़ायोनी शासन को दूर करना है।

इन परिस्थितियों के जारी परिणाम में और वेस्ट बैंक में इस शासन की विस्तारवादी कार्यवाहियों की वजह से इन क्षेत्रों के निवासियों के लिए नई बाधाएं खड़ी हो गयी हैं विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो ज़ायोनी बस्तियों के आसपास रहते हैं।

इन हमलों और आक्रमणों की वजह से वेस्ट बैंक में रहने वाले फिलीस्तीनियों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और फ़िलीस्तीनी युवा तथाकथित इस्राईल के विरुद्ध कार्यवाही करने पर मजबूर हुए जिसका परिणाम स्वरूप बेनेत के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान कम से कम पांच ऑप्रेशन किए गए।

इसके विपरीत ज़ायोनी शासन ने अपने अतिक्रमणों की समीक्षा करने के बजाए एक ब्रेकवाटर नामक ऑपरेशन अंजाम दिया और इस संबंध में वेस्ट बैंक के विभिन्न क्षेत्रों पर छापे मारे और बड़े पैमाने पर गिरफ़्तार करके जेलों में लोगों को भरना शुरु कर दिया।

इस ऑप्रेशन को शुरु हुए लगभग एक साल का समय हो गया है लेकिन इस शासन को कोई ख़ास परिणाम हाथ नहीं लगा और इसके विपरीत वेस्ट बैंक जो अब तक सांठगांठ का एक केन्द्र समझा जाता था, अब वह प्रतिरोध के एक केन्द्र में बदल चुका है। वेस्ट बैंक का यह हाल हो चुका है कि अब अधिकांश ज़ायोनी विरोधी आप्रेशन इन्हीं क्षेत्रों में हो रहे हैं।

अब वेस्ट बैंक प्रतिरोधक गुटों का केंद्र बन गया है जिनके बारे में पहले नहीं सुना गया था। इन गुटों में एक जिसकी प्रतिष्ठा फ़िलिस्तीनियों के कानों तक पहुंच गई है, वह है अरीनुल असवद जिसने इस्राईलियों की नींद हराम कर दी है। इस्राईलियों के लिए दुःस्वपन साबित होने वाले इस प्रतिरोधकर्ता गुट में 15 से 25 वर्ष की आयु के बीच के युवा सक्रिय हैं।

इस्राईल इस गुट के युवाओं से मुक़ाबला करने के लिए ड्रोन और मोटरसाइकिल बमों जैसी आतंकवादी शैलियों का उपयोग करता है जो सामान्य रूप से दाइश और अन्य तकफ़ीरी गुटों की शैली हुआ करती है।

हालांकि हालिया दिनों में इस गुट के तीन सदस्य शहीद हो गए हैं लेकिन यहां इस बात का उल्लेख आवश्यक है कि इस ग्रुप के गठन के कार्यक्रम में पांच हज़ार फिलिस्तीनी युवा मौजूद थे जबकि अरीनुल असवद ग्रुप वेस्ट बैंक में अज्ञात गुटों में एक है।

बहरहाल इन घटनाओं ने अवैध अधिकृत ज़मीनों विशेष रूप से वेस्ट बैंक में एक नया इंतेफ़ाज़ा पैदा कर दिया है। इससे पहले भी फ़िलिस्तीन की धरती पर कई इंतिफ़ाज़ा वजूद में आए लेकिन इस बार के इंतेफ़ाज़ा की अपनी अलग ही विशेषता है। पहले वाले इंतेफ़ाज़ा से निपटने में इस्राईल के पसीने तो छूट ही गये थे जबकि यह इंतेफ़ाज़ा नये जज़्बे के साथ शुरु हो रहा है और यह कहना सही होगा कि वेस्ट बैंक में नए संघर्षों ने इस शासन को एक अंधेरी सुरंग में लाकर खड़ा कर दिया है।