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जो बाइडन को और भी क़ैदी रिहा होने की आशा, बोल्टन ने कहा-हमास को इस्राईल पर बहुत बड़ी विजय मिली है : रिपोर्ट

ग़ज़ा पट्टी में संघर्ष विराम को लेकर अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यह आशा जताई है कि इसकी अवधि में विस्तार होगा और शेष क़ैदियों की रिहाई का रास्ता साफ़ होगा।

वाल स्ट्रीट जरनल ने अमरीकी राष्ट्रपति के हवाले से लिखा है कि इस्राईल और हमास के बीच होने वाले समझौते के आधार पर शेष क़ैदियों की रिहाई होगी।

इस बीच अमरीका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जान बोल्टन ने कहा कि हमास और इस्राईल के बीच क़ैदियों के आदान प्रदान का समझौता फ़िलिस्तीनियों को बहुत ज़्यादा फ़ायदा पहुंचाएगा।

टेलीग्राफ़ में छपे अपने लेख में चरमपंथी विचार रखने वाले पूर्व अमरीकी अधिकारी ने लिखा कि इस्राईली क़ैदियों की रिहाई अच्छी बात है लेकिन इसके लिए एक रास्ता सही तो दूसरा रास्ता ग़लत है, इसमें कुछ देना पड़ा है और कुछ हासिल हुआ है, लगता यह है कि हमास को बहुत बड़ी विजय मिली है।

बोल्टन ने लिखा कि हालिया समझौता इस्राईल के लिए कई पहलुओं से क़ातिल समझौता है, युद्ध विराम में हमास अपनी रक्षा पंक्तियों को फिर से संगठित कर लेगा, कुछ पता नहीं कि इस बीच हमास कितनी जगहों पर इस्राईली सैनिकों के लिए जाल बिछाएगा और कितने इस्राईली सैनिक मारे जाएंगे।

जान बोल्टन ने संघर्ष विराम समझौते में हर दिन छह घंटे इस्राईली विमानों और ड्रोन विमानों के ग़ज़ा पट्टी पर उड़ान न भरने की शर्त के बारे में कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है इससे हमास को एसी गतिविधियां करने का मौक़ा मिल गया है जिनकी ख़बर इस्राईल को नहीं होगी।

बोल्टन का मानना है कि अगर इस्राईल के हमले इसी तरह बीच में रुक गए तो उसके हाथ से सारे अवसर निकल जाएंगे।

बोल्टन को अमरीका में चरमपंथी और युद्धोन्मादी व्यक्ति के रूप में जाना जाता है।

बोल्टन ने अपने लेख के आख़िर में लिखा कि हमास को ख़त्म करने का इस्राईल का फ़ैसला बदल गया है और यह भी साफ़ है कि अमरीका कमज़ोर पड़ चुका है।