विशेष

दुनियांभर को 2023 में अधिक जलसंकट और सूखे का सामना करना पड़ेगा : रिपोर्ट

पानी की कमी और सूखे के बारे में जारी रिपोर्ट बताती है कि अगले वर्ष यह स्थति और अधिक चिंताजनक होने जा रही है।

सन 2022 के बारे में विश्व में पानी की कमी और सूखे से संबन्धित रिपोर्ट से पता चलता है कि सन 2023 में यह स्थति अधिक चिंताजनक हो जाएगी।

रिपोर्ट बताती है कि सूखे के हिसाब से पिछले कुछ दशकों के दौरान सन 2022 सर्वाधिक कम पानी वाला साल रहा। इस दौरान विश्व के कई महाद्वीपों पर फसलों की पैदावार कम रही। संयुक्त राष्ट्रसंघ और रेड क्रास ने 2022 के बारे में अपनी संयुक्त रिपोर्ट में बताया है कि अधिक गर्मी के कारण अगले कुछ दशकों के दौरान एशिया और अफ्रीका के कुछ क्षेत्र निर्जन हो जाएंगे।

इस रिपोर्ट के अनुसार एशिया के अन्य देशों की तुलना में भारत और पाकिस्तान को अधिक सूखे का सामना करना पड़ेगा। 2022 में इन दोनो देशों में भीषण गर्मी पड़ चुकी है जिसमें दसियों लोगों की जान चली गई और बाद में पाकिस्तान के इतिहास की सबसे भीषण बाढ़ ने वहां का बुरा हाल कर दिया।

अफ़्रीका महीद्वीप का यह हाल है कि वहां के कुछ देशों में इतना अधिक सूखा पड़ा कि वहां पर अब अकाल की स्थति पैदा हो गई है। अक्तूबर के महीने में योरोपीय संघ के आयोग ने यूरोप में सूखे की स्थति के बारे में एक रिपोर्ट जारी की थी इस रिपोर्ट में बताया गया था कि सन 2022 में योरोप में सूखे की जो स्थति थी वह पिछले 500 वर्षों से इस महाद्वीप पर नहीं थी।

इसी दौरान उत्तरी अमरीका के कुछ क्षेत्रों में भी सूखे की स्थति चिंता जनक रही जिसके परिणाम स्वरूप जंगलों में आग लगने का सिलसिला चलता रहा। कुछ मिलाकर 2022 की तुलना में विश्व को 2023 में अधिक जलसंकट और सूखे का सामना करना पड़ेगा।