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पंजाब : ख़ालिस्तान समर्थक अमृतपाल और उसके 7 साथियों पर नई FIR दर्ज, डिब्रूगढ़ जेल ले जाए गए चार साथी : लेटेस्ट रिपोर्ट

फरीदकोट में चार समर्थक न्यायिक हिरासत में, अबोहर में एक नजरबंद

पंजाब में अमृतपाल सिंह के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच पुलिस चौकस दिखाई दे रही है। फरीदकोट रेंज के आईजी प्रदीप कुमार यादव व एसएसपी हरजीत सिंह की निगरानी में बेअदबी इंसाफ मोर्चे से अमृतपाल सिंह के चार समर्थकों को गिरफ्तार कर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहां से इन्हें 31 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इनमें भाकियू फतेह के प्रांतीय प्रधान मास्टर हरजिंदर सिंह, ब्लाक प्रधान शरणजीत सिंह सरां के अलावा गुरप्रीत सिंह व कोमलप्रीत सिंह शामिल हैं।

अमृतपाल समर्थक अबोहर के गांव पतरेवाला निवासी बलविंद्र सिंह खालसा को भी घर में नजरबंद कर सुरक्षा मजबूत कर दी गई है। बीती रात बलविंद्र सिंह खालसा की सुरक्षा में दो पुलिस जवान घर के बाहर तैनात किए गए हैं। वहीं, बलविंद्र सिंह की सुरक्षा में तैनात जवानों कहना है कि वह राजस्थान जाना चाहेंगे तो कड़ी सुरक्षा में वहां तक पहुंचा दिया जाएगा।

बठिंडा में 21 लोग हिरासत
बठिंडा में करीब दो दर्जन समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। बठिंडा शहर के अलावा तलवंडी साबो व रामपुरा से भी कई लोग पकड़े गए हैं। युवाओं ने गांव कोटशमीर के पास धरना लगाया था, वहां से पुलिस ने उन्हें समझा कर उठवा दिया। तलवंडी साबो में अमृतपाल के समर्थन में कुछ लोग इकट्ठा होकर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने माहौल खराब करने वाले 21 असामाजिक तत्वों को हिरासत में लिया है। एसएसपी गुलनीत सिंह खुराना ने बताया कि शहर से दो लोगों, तलवंडी साबो में 16 और रामपुरा फूल में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस और पैरा मिलिट्री के जवानों ने निकाला फ्लैग मार्च
गुरदासपुर शहर में रविवार को पंजाब पुलिस और पैरा मिलिट्री के जवानों ने फ्लैग मार्च निकाला। इसका नेतृत्व स्वयं एसएसपी गुरदासपुर हरीश कुमार दयामा कर रहे थे। फ्लैग मार्च हनुमान चौक से आरंभ होकर जहाज चौक, मंडी चौक, संगलपुरा रोड, तिब्बड़ी रोड से होकर फिर से हनुमान चौक, गीता भवन, काहनूवान चौक, बटाला रोड पर जाकर समाप्त हो गया।

एसएसपी हरीश कुमार दयामा ने बताया कि शहर में अमन कानून बनाए रखा जाएगा। करीब दो हजार जवानों को तैनात किया गया है। इनमें केंद्रीय बलों के भी जवान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अफवाह से बचने की अपील की। कहा कि अगर कोई अफवाह फैलाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी धारा 144 लगाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। डिप्टी कमिश्नर के साथ उनकी बात हुई है, यहां पर फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

होशियारपुर: पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च, अफवाह फैलाने पर कार्रवाई की चेतावनी

कानून व्यवस्था की स्थिति और लोगों के विश्वास बनाए रखने के लिए होशियारपुर और फगवाड़ा में फ्लैग मार्च निकाला गया। होशियारपुर डीसी कोमल मित्तल और एसएसपी सरताज सिंह चहल के नेतृत्व में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मार्च निकाला। यह मार्च सत्र चौक से शुरू होकर विभिन्न बाजारों से होकर बस स्टैंड पर समाप्त हुआ। इस दौरान अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इस दौरान एसडीएम प्रीतिंदर सिंह बैंस, मनजीत कौर समेत अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

तलवाड़ा में कड़ी सुरक्षा
तलवाड़ा में भी पुलिस अलर्ट है। होशियारपुर के एसएसपी सरताज सिंह चाहल व दसूहा के डीएसपी बलवीर सिंह ने बताया कि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से जुड़ी तीनों सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा स्थानीय कस्बे के बस स्टैंड, होटलों, ढाबों के साथ संवेदनशील जगहों पर जांच की जा रही है।

अमृतपाल सिंह और उसके सात सहयोगियों पर नई FIR दर्ज

कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह और उनके कुछ सहयोगियों के खिलाफ अवैध हथियार रखने के मामले में एक नई प्राथमिकी दर्ज की गई है। अमृतसर (ग्रामीण) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सतिंदर सिंह ने कहा कि अमृतपाल के सात सहयोगियों को शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।

एसएसपी ने कहा कि हमने कल रात शस्त्र अधिनियम के तहत एक नई प्राथमिकी दर्ज की। इसमें अमृतपाल मुख्य आरोपी है। इस ताजा प्राथमिकी में सभी सात आरोपी हैं। पुलिस ने शनिवार को अमृतपाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। उसके संगठन के 78 सदस्यों को गिरफ्तार भी किया था।

हालांकि अमृतपाल अभी फरार है।

पुलिस ने पहले 23 फरवरी को अजनाला घटना मामले में अमृतपाल और उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। एसएसपी ने कहा कि अमृतपाल के काफिले में शामिल उसके सात साथियों को शनिवार शाम जालंधर के मेहतपुर के पास से गिरफ्तार किया गया।

एसएसपी ने कहा कि अजयपाल, गुरवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, हरमिंदर सिंह, गुरलाल सिंह, सुवीरित सिंह और अमनदीप सिंह के रूप में इनकी पहचान हुई है। आरोपियों के कब्जे से छह अवैध 12 बोर की बंदूकें और 193 कारतूस मिले हैं। अधिकारी ने कहा कि हरमिंदर सिंह को एक हथियार और 139 कारतूस के साथ पकड़ा गया है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि अमृतपाल ने गुरभेज नाम के एक अन्य व्यक्ति के जरिए ये कारतूस खरीदे थे।

अजनाला कांड में प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी के सवाल पर एसएसपी ने कहा कि अगले ही दिन प्राथमिकी दर्ज की गई थी। हमें कैसे कार्रवाई करनी है यह हमारा आंतरिक मामला है। इसमें सफल रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और शांतिपूर्ण है। हम जनता से अपील करते हैं कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। एसएसपी ने कहा कि कार्रवाई के तहत अमृतपाल के पैतृक गांव स्थित घर की भी तलाशी ली गई।

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के चार साथी असम जेल ले जाए गए

खालिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। संगठन वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल की गिरफ्तारी को लेकर बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए उसके 78 समर्थकों को गिरफ्तार किया है, जबकि अमृतपाल फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है। एसएसपी जालंधर ग्रामीण स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि अमृतपाल सिंह के काफिले में इस्तेमाल एक कार जब्त की गई और उसमें से एक कृपाण और .315 बोर का हथियार, 57 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। अमृतपाल ने इस्तेमाल के बाद कार छोड़ दी थी।

डिब्रूगढ़ जेल ले जाए गए चार साथी
वहीं सूत्रों के अनुसार, अमृतपाल के चार साथियों को पंजाब पुलिस असम के डिब्रूगढ़ ले गई है। इन्हें वहां की सेंट्रल जेल में रखा जाएगा। आईजी जेल के नेतृत्व में सभी आरोपियों को असम ले जाया गया। पुलिस ने अभी किसी का नाम उजागर नहीं किया है।

सोमवार दोपहर तक इंटरनेट बंद
माहौल बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर पंजाब में रविवार दोपहर तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थी। अब इस प्रतिबंध को सोमवार दोपहर 12 बजे तक बढ़ा दिया गय है। पंजाब सरकार की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि जनता के हित में पंजाब के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, सभी एसएमएस सेवाएं (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) और वॉयस कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली सभी डोंगल सेवाएं 20 मार्च दोपहर 12 बजे तक निलंबित की गई हैं।

पुलिस ने आरोपियों से एक .315 बोर की राइफल, सात 12 बोर की राइफल, एक रिवाल्वर और विभिन्न कैलिबर के 373 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने संगठन से जुड़े कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इस बीच, पूरे पंजाब में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

इसी बीच एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमृतपाल के पिता ने दावा किया है कि उनके बेटे को पुलिस ने रात को ही गिरफ्तार कर लिया था। अमृतसर, फाजिल्का, मोगा, बठिंडा और मुक्तसर समेत कई जिलों में धारा 144 लागू करने के साथ ही भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से लगती पंजाब की सीमा को सील कर दिया गया है।

अमृतपाल पर कार्रवाई की खबरों के बाद उसके समर्थकों ने आनंदपुर साहिब में ऊना-चंडीगढ़ मार्ग, बरनाला-फरीदकोट हाईवे और मोहाली में एयरपोर्ट रोड पर जाम लगा दिया। अमृतपाल के पैतृक स्थान अमृतसर के गांव जल्लूपुर खेड़ा के पास सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।

पुलिस ने देर रात बताया कि अमृतसर के अजनाला थाने पर हुए हमले के संबंध में 24 फरवरी को वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल और उसके साथियों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया था। शनिवार दोपहर पुलिस ने जालंधर की शाहकोट-मलसियां रोड पर ऑपरेशन चलाया।

पुलिस ने मौके से संस्था के सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अमृतपाल सिंह मौके से अपने कुछ साथियों के साथ फरार हो गया। उसके पीछे पुलिस की करीब 60 गाड़ियां लगी। पुलिस को पीछे देखकर उसका ड्राइवर गाड़ी लिंक रोड की तरफ मोड़कर भगा ले गया। जालंधर और मोगा पुलिस उसके पीछे लग गई। कई किलोमीटर पीछा करने के बाद भी पुलिस उसे दबोच नहीं पाई।

भागते हुए का वीडियो वायरल
अमृतपाल का कार में बैठकर भागते हुए का एक वीडियो भी सामने आया। कार में उनके एक सहयोगी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि पुलिसकर्मी ””भाई साब”” (अमृतपाल) के पीछे थे। एक अन्य समर्थक ने एक वीडियो साझा किया जिसमें वह दावा कर रहा था कि पुलिसकर्मी उसका पीछा कर रहे हैं।

अमृतपाल पर दर्ज हैं तीन मामले
अमृतपाल के खिलाफ तीन केस दर्ज हैं। इनमें से दो मामले अमृतसर जिले के अजनाला थाने में हैं। अपने एक करीबी लवप्रीत सिंह की गिरफ्तारी से नाराज होकर अमृतपाल ने 23 फरवरी को समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। इस केस में उस पर कार्रवाई नहीं होने के चलते पंजाब पुलिस की काफी आलोचना हो रही थी। अमृतपाल सिंह पर आरोप था कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहब की आड़ लेकर थाने पहुंचा था और भीड़ को हमले के लिए उकसाया। इस हमले में एसपी समेत छह पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। इसके अलावा उस पर भड़काऊ भाषण देने का केस भी दर्ज है।

पुलिस ने रात को ही कर ली थी ऑपरेशन की तैयारी
अमृतपाल सिंह ने शनिवार को जालंधर के शाहकोट-मलसियां इलाके और बठिंडा जिले के रामपुरा फूल में कार्यक्रम रखे थे। शाहकोट-मलसियां में उसके कार्यक्रम के लिए समर्थक सुबह से जुटने लगे थे। पुलिस ने शुक्रवार रात को ही सारी तैयार कर ली थी। अमृतपाल सिंह व उसके समर्थकों पर बड़ी कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने जालंधर के देहात इलाके के महितपुर को चुना, जहां से अमृतपाल सिंह का काफिला निकलना था। पूरे आपरेशन को अंजाम देने के लिए जालंधर देहात के एसएसपी स्वर्णदीप सिंह व मोगा के एसएसपी जे इलेनचेलियन को कमान सौंपी गई थी।

अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने शनिवार शाम मीडिया से बातचीत में दावा किया पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लोग उनके घर आए थे। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों के सदस्यों ने उन्हें कहा कि वह अपने बेटे को सरेंडर करने के लिए कहें। इसके अलावा उन्हें कुछ नहीं कहा गया है। दूसरी तरफ सुरक्षा एजेंसियों ने अमृतपाल के पैतृक गांव में डेरा डाला हुआ है। साथ ही हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस की शांति-सदभाव बनाए रखने की अपील
इस बीच, पंजाब पुलिस ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए कहा है। पंजाब पुलिस कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम कर रही है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे घबराएं नहीं। फर्जी खबरें या नफरत फैलाने वाले भाषण न फैलाएं।

अमृतपाल का फाइनेंसर कलसी भी गिरफ्तार
पुलिस ने देर रात अमृतपाल सिंह के फाइनेंसर दलजीत सिंह कलसी को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसका चाचा हरजीत सिंह, ड्राइवर हरप्रीत, गुरु औजला, तूफान और पफ्लप्रीत सिंह अभी फरार हैं।

अमृतपाल की गाड़ियां पुलिस ने जब्त कीं
देर रात जालंधर सीपी कुलदीप चहल ने बताया कि अमृतपाल की दोनों गाड़ियां जब्त करने के साथ उसके सभी गनर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। गनर के शस्त्र लाइसेंसों की जांच चल रही है।

रविवार को निकलना था खालसा वाहिर
पुलिस की कार्रवाई से मुक्तसर जिले से अमृतपाल सिंह खालसा वाहिर एक धार्मिक जुलूस की शुरुआत से एक दिन पहले हुई। इसमें भारी संख्या में संगत जुटनी थी।