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पंजाब में आतंक के बादल फिर से मंडराने लगे है, आतंकवादियों ने बदला तरीक़ा : रिपोर्ट

चंडीगढ़। पंजाब में आतंकवाद के काले दौर को फिर से जीवित करने की कोशिशों में जुटे आतंकियों ने इस बार आतंक फैलाने के तरीके में फेरबदल कर लिया है। मोहाली में इंटेलिजेंस विंग की इमारत और अब तरनतारन जिले में पुलिस थाने पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से किया गया हमला इस बात का संकेत है कि आतंकी एके-47 या एके-56 और हैंड ग्रेनेड जैसे हथियारों से सीधे और करीब से हमला करने की रणनीति छोड़कर हवाई रास्ते से हमले को तरजीह देने लगे हैं।

हमले का यह तरीका तालिबान आतंकियों से मिलता-जुलता है, जो सीधे लड़ने के बजाय रॉकेट लांचरों के जरिये दूरी से वार करते रहे हैं। उधर, पाकिस्तान से पंजाब में हथियारों और बमों की सप्लाई भी अब जमीन मार्ग से नहीं बल्कि ड्रोनों की मदद से की जाने लगी है।

LP Pant
@pantlp
पंजाब में आतंक सिर उठाने लगा है…तरनतारन में शुक्रवार देर रात रॉकेट लॉन्चर से थाने पर हमले ने चिंताएँ बढ़ा दी हैं….

गौरतलब है कि 1980 से 1995 के बीच डेढ़ दशक के दौरान आतंकवाद के कारण पंजाब में कुल 21,532 लोग मारे गए। इनमें 8,090 अलगाववादी, 11,796 आम लोग और 1,746 सुरक्षाकर्मी थे। इसके बाद सूबे में अमन-शांति भंग करने की कोशिशों का अगस्त 2019 में खुलासा हुआ, जब पाकिस्तान द्वारा पंजाब में ड्रोन के जरिये हथियार, विस्फोटक और आईईडी गिराए जाने का मामला सामने आया। इससे अगले साल बीएसएफ ने एके सीरीज के राइफल और पिस्तौल समेत 34 हथियार, 3322 चक्र गोला-बारूद, 485 किलो हेरोइन बरामद की।

जनवरी 2021 में पहली बार पंजाब पुलिस ने ड्रोन द्वारा गिराए गए एक ‘अंडर बैरेल ग्रेनेड लॉन्चर, 3.79 किलो आरडीएक्स और टिफिन बम बरामद किए। माना जा रहा है कि पाक से ग्रेनेड लांचर की यह पहली आमद थी। इसके बाद ऐसे कितने हथियार पंजाब पहुंच चुके हैं, उसका रिकॉर्ड पुलिस के पास नहीं है।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि राज्य पुलिस के पास फिलहाल आरपीजी हमले रोकने का कोई मैकेनिज्म नहीं है। आतंकियों के इशारे पर पंजाब में उनके स्लीपरों ने दो बार टिफिन बम का इस्तेमाल भी किया लेकिन आईईडी ब्लास्ट का अनुभव न होने के चलते दोनों बार इन बमों से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।\

पंजाब में सिर उठाता आतंकवाद

पंजाब में आतंक के बादल फिर से मंडराने लगा है। सात महीने में पंजाब में दूसरी बार आरपीजी अटैक और साल में चौथी बार पुलिस थाने पर आतंकी हमले को अंजाम दिया गया है। इन हमलों से साफ है कि सीमा पार से हथियारों की तस्करी पर फिलहाल रोक नहीं लगी है। हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड सीमा पार से आया था। इससे पहले नौ मई को पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हमला किया गया था। इस हमले में भी आरपीजी का इस्तेमाल किया गया था। यह चूंकि हमला देर शाम हुआ था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।

Raj Bahadur Chauhan ਰਾਜ ਬਹਾਦੁਰ ਚੌਹਾਨ
@RBChauhanINC

This is 2nd time in 6 months police building attacked with rocket launcher in Punjab. It’s direct result of AAP govt’s apathy in maintaining law & order & allowing narco-terrorism to raise its head again.
@BhagwantMann
should realise gravity of situation & take concrete measures.

इसी तरह नवांशहर में अपराध जांच एजेंसी के कार्यालय में पिछले साल 7 नवंबर की रात को मुख्य गेट पर ग्रेनेड फेंके जाने से पुलिस कर्मी बाल-बाल बच गए थे। इसके दो हफ्ते बाद 21 नवंबर, 2021 को पठानकोट में सेना की छावनी के त्रिवेणी गेट के पास मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने ग्रेनेड फेंके थे। इसी साल नौ मार्च 2022 को नूरपुर बेदी-नंगल मार्ग पर रोपड़ के नूरपूरबेदी की पुलिस चौकी कलमां पर ब्लास्ट किया गया।

इन हमलों से जहां आतंकियों के हौसले बुलंद होते हैं, वहीं पुलिसकर्मियों का मनोबल गिरता है। एजेंसियों के आला अधिकारियों के अनुसार पंजाब में अभी भी टिफिन बम व विस्फोटक सामग्री है। इसे पंजाब में आतंकवाद जिंदा करने की कोशिश के लिए पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये भेजा गया है। लिहाजा, पंजाब पुलिस ने सूबे में हाई अलर्ट जारी कर सीमावर्ती इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है। रिपोर्ट में यह भी जिक्र था कि ड्रोन के जरिये हथियार, आरडीएक्स व टिफिन बम काफी मात्रा में आ चुके हैं। इस काम में बीकेआई व इंडियन सिख यूथ फेडरेशन व बब्बर खालसा की भूमिका है। इन सबके पीछे आईएसआई है और इस समय वह पंजाब के गैंगस्टरों को ऑपरेट कर रही है।

पाकिस्तान से भेजा जा रहा विस्फोटक
एजेंसी को जो इनपुट मिले हैं उसके मुताबिक यह विस्फोटक ड्रोन के जरिये पाक से आया था। पंजाब में टिफिन बम की एक बड़ी खेप इंडियन सिख यूथ फेडरेशन के प्रधान लखबीर सिंह रोडे ने भेजी थी। इसका एक हिस्सा तो पुलिस ने बरामद कर लिया, लेकिन एजेंसियों के मुताबिक अभी भी एक हिस्सा बरामद करना बाकी है। बाकी विस्फोटक कहां व किसके पास है इसे लेकर एनआईए व पंजाब की काउंटर इंटेलिजेंस चिंतित है।

रिंदा को जिंदा रखने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार आईएसआई के इशारे पर खालिस्तान समर्थक आतंकियों ने पंजाब में सक्रिय अपने स्लीपर सेलों के माध्यम इस घटना को अंजाम दिया है। इस अटैक को रिंदा के मरने की खबरों का जवाब माना जा रहा है। आतंकी यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि आतंकी रिंदा अभी मरा नहीं है। सांकेतिक तौर पर इस घटना को अंजाम देकर खालिस्तान समर्थक आतंकियों की ओर से रिंदा के आतंक को जिंदा बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

हाल ही में हुईं घटनाएं
1 : 15 सितंबर 2021: जलालाबाद शहर में हुए धमाके में एक शख्स मारा गया था।
2 : 8 नवंबर 2021: नवांशहर में क्राइम इंवेस्टिगेशन एजेंसी ऑफिस में मध्यरात्रि को ब्लास्ट हुआ।
3 : 23 दिसंबर 2021: लुधियाना के कोर्ट कांप्लेक्स में बम ब्लास्ट हुआ।
4 : 11 जनवरी 2022: पुलिस ने गुरदासपुर से ढाई किलो आरडीएक्स बरामद किया।
5 : 14 जनवरी: अमृतसर में 5 किलो विस्फोटक मिला।
6 : 21 जनवरी: गुरदासपुर से 2 हैंड ग्रेनेड और 4 किलो आरडीएक्स मिला ।
7: 8 मार्च: विधानसभा चुनाव नतीजों से ठीक पहले रोपड़ के नूरपुरबेदी की पुलिस चौकी कलमां की बाहरी दीवार के पास बम ब्लास्ट हुआ।
8 : 23 अप्रैल: चंडीगढ़ स्थित बुड़ैल जेल के बाहर टिफिन बम मिला। उसमें करीब डेढ़ किलो आरडीएक्स भरा हुआ था।
9 : 5 मई: हरियाणा की करनाल पुलिस ने इनोवा सवार चार आतंकियों से चार किलो आरडीएक्स बरामद किया।
10 : 9 मई: तरनतारन में खंडहर में छिपाया साढ़े 3 किलो आरडीएक्स बरामद हुआ।
11 : 10 मई : मोहाली में इंटेलिजेंस हेड क्वार्टर पर रॉकेट लांचर से हमला किया गया।

केंद्रीय गुप्तचर एजेंसियों ने करीब 10 दिन पहले सूबा सरकार को रिपोर्ट भेजकर आगाह किया था कि पंजाब में पाकिस्तान से हथियार व विस्फोटक सामग्री आ रही है। इससे राज्य में आतंकी वारदातों का खतरा है। पंजाब के सीमावर्ती इलाके के तरनतारन में थाने पर रॉकेट लांचर से हमलाकर आतंकियों ने केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट को सही साबित कर दिया है।