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पुतीन ने अमरीका और पश्चिम की बढ़ा दी मुश्किल : रिपोर्ट

क्रेमलिन हाऊस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने अगले राष्ट्रपति पद के चुनाव हेतु नामांकन के लिए देश की केंद्रीय चुनाव समिति में रूसी राष्ट्रपति विलादीमीर पुतिन की हाज़िरी की पुष्टि की है। रूस में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव मार्च 2024 के मध्य में होगा।

पुतिन ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामांकन के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं। इससे पहले उन्होंने एक कार्यक्रम में आगामी राष्ट्रपति चुनावों में भाग लेने की अपनी तत्परता का एलान किया था जिसमें रूस के 200 से अधिक सैन्य हस्तियों और सम्मानित व्यक्तियों ने भाग लिया था।

पुतिन के राष्ट्रपति पद का वर्तमान कार्यकाल 7 मई, 2024 को समाप्त होगा। यह पांचवीं बार है कि जब विलादीमीर पुतिन को रूसी राष्ट्रपति चुनावों में भाग लेने के लिए नामज़द किया जाएगा। यदि वह इस दौर का चुनाव जीतते हैं, तो उनका राष्ट्रपति कार्यकाल अगले 6 वर्षों तक रहेगा यानी उनका कार्यकाल 2030 तक बढ़ाया जा सकेगा।

विलादीमीर पुतिन का जन्म 7 अक्टूबर 1952 को हुआ था और वह रूस के वर्तमान राष्ट्रपति हैं। वह 15 अप्रैल 2008 से यूनाइटेड रशिया पार्टी के प्रमुख हैं। पुतिन 1999 से लगातार रूस के राष्ट्रपति या प्रधान मंत्री के पद पर बने हुए हैं।

2000 में पुतिन पहली बार और चार साल के लिए रूसी संघ के राष्ट्रपति बने थे। इसके बाद वह 2004 में दोबारा चुने गए और 2008 तक इस पद पर रहे।

इसके बाद वह 2012 से रूस के राष्ट्रपति हैं और 2024 तक इस पद पर रहेंगे। 2020 में रूसी संविधान में किए गये संशोधन के आधार पर राष्ट्रपति पद की सीमा, पुतिन के पिछले राष्ट्रपति कार्यकाल की परवाह किए बिना लागू की जाती है। इसका मतलब यह है कि वह दो और कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा ले सकते हैं।

पिछला संविधान रूस के राष्ट्रपति को लगातार दो कार्यकाल से अधिक इस पद पर बने रहने की अनुमति नहीं देता था लेकिन रूसी राष्ट्रपति चुनाव पर नया क़ानून, जिसे संविधान में संशोधन पर जनमत संग्रह के बाद संसद द्वारा मंजूरी दे दी गई और पुतिन ने उस पर हस्ताक्षर भी किए, उन्हें 2036 तक बिना किसी प्रतिबंध के राष्ट्रपति पद पर बने रहने की अनुमति देता है।

जुलाई 2020 में रूसी जनता ने रूसी संविधान में संशोधन के पक्ष में मतदान किया था।

रूसी मामलों के के विशेषज्ञ शोएब बहमन कहते हैं कि रूसी संविधान में बदलाव और परिवर्तन की प्रक्रिया एक ऐसी स्थिति पैदा करेगी जिसकी वजह से अन्य विकल्प यानी पुतिन के उत्तराधिकारी का विकल्प, फीका पड़ जाएगा और वह व्यक्तिगत रूप से ख़ुद ही पहले और निर्णायक भूमिका अदा करने वाले देश के एक शख़्स रहेंगे।