दुनिया

फ़िलिस्तीन की अल-क़ुद्स ब्रिगेड ने 2 मिनट में 50 रॉकेट फ़ायर किये, ग़ज्ज़ा के आसपास के इलाक़ों से 10,000 ज़ायोनी फ़रार : रिपोर्ट

ग़ज्ज़ा पर इस्राईल के हवाई हमलों के जवाब में शनिवार को फ़िलिस्तीन की अल-क़ुद्स ब्रिगेड ने दो मिनट में 50 रॉकेट फ़ायर करके दुश्मन को चौंका दिया है।

मंगलवार से ज़ायोनी सेना ग़ज्ज़ा पट्टी पर व्यापक हवाई हमले कर रही है, जिसमें जिहादे इस्लामी के कई कमांडरों समेत दो दर्जन से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी शहीद हो गए हैं।

इस्राईल के हमलों के जवाब में फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधी गुटों ने भी तेल-अवीव और दूसरे अवैध अधिकृत इलाक़ों पर रॉकेट बरसाए हैं।

इस्राईली मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़, फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधी गुटों की ओर से रॉकेटों की बारिश, अभूतपूर्व है, जिसका मुक़ाबला करना ज़ायोनी शासन के लिए कठिन हो रहा है।

ज़ायोनी शासन के हमलों की शुरूआत के अगले दिन यानी बुधवार से फ़िलिस्तीनियों ने जवाबी कार्यवाही की, जिसमें अब तक कम से कम दो ज़ायोनी मारे गए और 57 ज़ख़्मी हो गए हैं।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि फ़िलिस्तीनियों की जवाबी कार्यवाही शुरू होने के बाद से ग़ज्ज़ा के आसपास की अवैध ज़ायोनी बस्तियों से लगभग 10 हज़ार लोग भाग खड़े हुए हैं।

जवाबी कार्यवाही में फ़िलिस्तीनी गुटों ने अब तक 1099 रॉकेट फ़ायर किए हैं, जिससे अवैध इलाक़ों में बसने वाले ज़ायोनियों के दिल में भय उत्पन्न हो गया है।

इस दौरान, इस्राईल की वायु रक्षा प्रणाली ने सिर्फ़ 340 रॉकेटों को इंटरसेप्ट किया है, बाक़ी रॉकेट अपने लक्ष्यों पर जाकर लगे हैं।

ग़ज़्ज़ा युद्ध का नक्शा ही बदल जाएगा अगर एसा होता है

इस्राईल के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनियों की सहायता के लिए इराक़ी प्रतरोधकर्ता तैयार हैं।

इराक़ के “असाएबे अहलेहक़” प्रतरितधकर्ता गुट ने फ़िलिस्तीनियों की सहायता करने की बात कही है।

“असाएबे अहलेहक़” के महासचिव ने फ़िलिस्तीन के जेहादे इस्लामी संगठन के महासचिव के साथ टेलिफोन वार्ता में यह बात कही है। क़ैस अल ख़ज़अली ने ज़ेयाद नोख़ाला के साथ वार्ता में शुक्रवार को कहा कि इराक़ का प्रतिरोधक गुट, ज़ायोनियों के अत्याचारों के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनियों की सहायता करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

इस टेलिफोन वार्ता में ख़ज़अली ने कहा कि इराक़, फ़िलिस्तीनियों की आकांक्षाओं का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि ज़ायोनियों के अत्याचारों का सामना कर रहे संघर्षकर्ताओं की सहायता के लिए हम तैयार हैं। इसी के साथ उन्होंने अवैध ज़ायोनी शासन के मुक़ाबले में फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधकर्ताओं के कड़े संघर्ष की सराहना की।

फ़िलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने घोषणा की है कि ग़ज़्ज़ा पर ज़ायोनी सेना के आक्रमण में अबतक 33 फ़िलिस्तीनी शहीद हो चुके हैं। इन शहीदों में 6 बच्चे और 3 महिलाए हैं। फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध ज़ायोनियों की इन कार्यवाहियों में 147 से अधिक फ़िलिस्तीनी घायल हुए हैं।

इस्राईली सैनिकों ने 2 फ़िलिस्तीनी युवकों को गोली मारकर शहीद कर दिया

इस्राईली सैनिकों ने अवैध अधिकृत वेस्ट बैंक के नाबलुस में एक शरणार्थी कैम्प के निकट दो फ़िलिस्तीनी युवकों को गोली मारकर शहीद कर दिया है।

शनिवार को भी ग़ज्ज़ा पर ज़ायोनी सेना के हवाई हमलों का सिलसिला जारी रहा, इस बीच नाबलुस में ज़ायोनी सैनिकों ने फ़िलिस्तीनियों के घरों पर अंधाधुंध फ़ायरिंग की, जिसमें दो युवकों की गोली लगने से मौत हो गई।

फ़िलिस्तीनी सुरक्षा सूक्षों का कहना है कि पहले ज़ायोनी सैनिकों ने शरणार्थी कैम्प के प्रवेश को बंद कर दिया, उसके बाद वहां भीषण गोलीबारी की और आंसू गैस के गोले दाग़े।

फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ज़ायोनी सैनिकों ने 19 वर्षीय यूसुफ़ अल-अरज और 32 वर्षीय सईद जिहाद शाकिर को सीधे गोली मार दी।

फ़ायरिंग में कई अन्य फ़िलिस्तीनी घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ लोगों की गर्दन और पेट में गोलियां लगी हैं।

इस बीच, इस्राईली लड़कू विमानोंम ने शनिवार को लगातार पांचवें दिन भी ग़ज्ज़ा पर हवाई हमले किए।

ग़ज़्ज़ा में प्रतिरोध के कमांडरों के साथ हम संपर्क में हैं-नसरुल्ला

हसन नसरुल्ला कहते हैं कि सुरक्षा परिषद में ज़ायोनियों के अत्याचारों की निंदा के प्रस्ताव को अमरीका पारित नहीं होने दे रहा है।

हिज़बुल्लाह के महासचिव कहते हैं कि इस बार प्रतिरोधकर्ताओं के बीच मतभेद फैलाने में ज़ायोनियों की चालें विफल हो गईं।

सैयद हसन नसरुल्ला ने ग़ज़्ज़ा की पट्टी में शहीद होने वाले कमांडरों की शहादत के संदर्भ में शुक्रवार को कहा कि हालांकि नेतनयाहू ने फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध यह नया आक्रमण आरंभ किया है किंतु इस बार प्रतिरोधकर्ताओं के बीच मतभेद फैलाने के उनके प्रयास विफल हो गए।

फ़िलिस्तीन की ताज़ा स्थति पर विश्व की खामोशी को हिज़बुल्ला के महासचिव ने अफसोसनाक बताया। उन्होंने कहा कि अमरीका, सुरक्षा परिषद में इस्राईल के अतिक्रमण की निंदा नहीं होने दे रहा है। सैयद हसन का कहना है कि आंतरिक संकट से स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए नेतनयाहू ने हालिया हमले शुरू किये किंतु फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधकर्ताओं के बीच मतभेद फैलाने के उनके सारे ही षडयंत्र विफल हो गए।

हिज़बुल्ला के महासचिव ने बताया कि हम ग़ज़्ज़ा में प्रतिरोध के कमांडरों के साथ संपर्क में हैं और हालात पर नज़र रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिरोध के कमांडरों की शाहदत से यह कमज़ोर नहीं हुआ बल्कि शहीदों के ख़ून ने इसको और अधिक मज़बूत बना दिया। ग़ज़्ज़ा में प्रतिरोध ने शत्रु को अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में विफल कर दिया।