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ब्रिटेन की सरकार ने वीज़ा की नई पाबंदियों का एलान किया

ब्रिटेन का अंतर्राष्ट्रीय छात्रों पर नई पाबंदियां लगाने का मंसूबा

ब्रिटेन की सरकार ने वीज़ा की नई पाबंदियों का एलान किया है जो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को प्रभावित करेंगी।

नए क़ानून के अनुसार केवल दो साल से अधिक समय तक चलने वाले रिसर्च प्रोग्राम से जुड़े पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज़ के छात्र ही शिक्षा के दौरान उन लोगों को साथ ला सकेंगे जिनकी वे सरपरस्ती करते हैं।

ब्रेग्ज़िट के बाद से ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से लोगों की आज़ाद आवाजाही ख़त्म कर दी है लेकिन जारी वर्ष में पलायनकर्ताओं की संख्या बहुत ज़्यादा बढ़ने वाली हैं।

इनमें ज़्यादातर लोग यूक्रेन, हांगकांग और अफ़ग़ानिस्तान से फ़रार करने वाले हैं जिनके लिए विशेष वीज़ा स्कीमें रखी गई हैं लेकिन ख़ास तौर पर भारत और नाइजेरिया से छात्रों की संख्या बढ़ रही है।

इस मुद्दे से राजनैतिक विवाद पैदा हो गया है, दक्षिणपंथी गृह मंत्री स्वेला ब्रेवरमैन ने अपनी सरकार पर ज़ोर दिया कि वह इस मुद्दे पर अधिक कठोरता बरते।

वहीं वित्त व शिक्षा मंत्री ने इसका विरोध किया और कहा कि विदेशों से प्रतिभा और फ़ीस का भारी रक़म आ रही है जो महत्वपूर्ण है।