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भारतीय डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ‘द एलीफ़ेंट व्हिसपरर्स’ ने अकादमी अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री’ श्रेणी में ऑस्कर अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया!

भारतीय डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ‘द एलीफ़ेंट व्हिसपरर्स’ ने 95वें अकादमी अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री’ श्रेणी में ऑस्कर अवॉर्ड जीतकर इतिहास रच दिया है.

इस फ़िल्म का मुकाबला ‘स्ट्रेंजर ऐट द गेट’ और ‘हाउ डू यू मेज़र ए ईयर’ जैसी डॉक्यूमेंट्रीज़ से था.

लेकिन ऑस्कर की शाम हाथी से गुफ़्तगू करने वाले एक भारतीय दंपति बोम्मन और बेल्ली के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री के नाम रही.

कट्टूनायकन समुदाय से आने वाले बोम्मन और बेल्ली तमिलनाडु के मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व में रहते हुए हाथियों की देखभाल करते हैं.

क्या है फ़िल्म की कहानी
इस फ़िल्म में कट्टूनायकन समुदाय की जीवन शैली से जुड़े तमाम पहलुओं को बेहद ख़ूबसूरती के साथ फ़िल्माया गया है.

बोम्मन और बेल्ली को मुदुमलाई टाइगर रिज़र्व में कुछ साल पहले हाथी का एक बच्चा मिला था जिसकी हालत बेहद ख़राब थी.

रिज़र्व में काम करने वाले दूसरे लोगों का मानना था कि हाथी के बच्चे को बचाना और नयी ज़िंदगी देना बहुत मुश्किल था.

लेकिन बोम्मन हाथी के इस बच्चे को बचाकर अपने घर ले गये जहां उन्होंने और उनकी पत्नी ने उसका ध्यान रखना शुरू किया.

बोम्मन और बेल्ली ने इसका नाम रघु रखा.

इसके कुछ समय बाद बेल्ली को हाथी के एक अन्य बच्चे की ज़िम्मेदारी मिली जो एक मादा हाथी थी.

इस डॉक्यूमेंट्री में बोम्मन और बेल्ली रघु से अपने बच्चे की तरह बात करते नज़र आते हैं.

बोम्मन ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, “मैं कार्तिकी गोंज़ाल्विस को बहुत समय से जानता हूं. वह अपने दोस्तों के साथ मुदुमलाई रिज़र्व आया करती थीं. एक बार जब वह यहां आई थीं तभी मैंने रघु का ध्यान रखना शुरू किया था. ये वो मौका था जब उन्होंने बताया कि वे मुझ पर फ़िल्म बना रही हैं. इसके बाद उन्होंने शूटिंग शुरू की जो दो साल तक जारी रही.”

अवॉर्ड जीतने पर बोम्मन कहते हैं, “जब वे हमारा वीडियो बना रहे थे तब हमें इस बात का एहसास भी नहीं था कि इस फ़िल्म को इतना नाम और पहचान मिलेगी. हम जंगल में अपना दैनिक काम करते रहते थे. उन्होंने हमारी कहानी पूरी दुनिया को दिखाई जिसके लिए हम कार्तिकी का शुक्रिया अदा करते हैं.”

नेटफ़्लिक्स पर जारी हुई फ़िल्म
इंसानों और दूसरे जीवों के बीच रिश्तों के छुए-अनछुए पहलुओं को सामने लाने वाली इस फ़िल्म को नेटफ़्लिक्स ने जारी किया है.

फ़िल्म की निर्देशका कार्तिकी गोंज़ाल्विस ने लगभग पांच सालों तक फ़िल्म में दिखाए गए हाथी ‘रघु’ और बोम्मन दंपति का जीवन देखने के बाद ये फ़िल्म बनाई.

अवॉर्ड जीतने के बाद कार्तिकी गोंज़ाल्विस ने कहा, “मैं आज यहां इस मंच से इंसानों और प्राकृतिक दुनिया के ताने-बाने, मूल निवासियों के प्रति सम्मान और दुनिया के दूसरे जीवों के साथ सह-अस्तित्व को लेकर सहानुभूति भरा भाव रखने की अपील करती हूं.”

फ़िल्म के ऑस्कर अवॉर्ड जीतने की ख़बर सुनने के बाद बोम्मन ने कहा, “मेरे पास अपनी ख़ुशी बयां करने के लिए शब्द नहीं हैं. इसका सारा श्रेय निर्देशिका को जाता है. लेकिन हमें इस बात का दुख है कि हमारा हाथी रघु अब हमारे साथ नहीं है.”

इस फ़िल्म का प्रोडक्शन गुनीत मोंगा और अचिन जैन की कंपनी शिक्या एंटरटेनमेंट ने किया है जिसने इससे पहले ‘मसान’, द लंच बॉक्स, ‘दैट गर्ल इन येलो बूट्स’ और ‘दसविदानिया’ जैसी फ़िल्मों को प्रोड्यूस किया है.

गुनीत मोंगा ने अवॉर्ड जीतने के बाद अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर अकाउंट पर लिख, “आज की रात ऐतिहासिक है. ये किसी भारतीय प्रोडक्शन को मिलने वाला पहला ऑस्कर अवॉर्ड है. दो महिलाओं ने भारत का परचम लहराया है.”

गुनीत मोंगा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2003 में दिल्ली से की. कुछ समय तक अंतरराष्ट्रीय फ़िल्मों के निर्माण से जुड़े रहने के बाद उन्होंने फ़िल्म निर्माता और निर्देशक अनुराग कश्यप के साथ काम करना शुरू किया.

मोंगा की ऑस्कर में नामांकित होने वाली पहली फ़िल्म ‘कवि’ थी जिसका निर्देशन ग्रेग हेल्वे ने किया था.

इसके बाद गुनीत मोंगा ने अपनी कंपनी बनाकर अनुराग कश्यप की फ़िल्में ‘गैंग्स ऑफ़ वासेपुर’ पार्ट-1 और पार्ट-2 में काम किया.

ट्विटर पर बधाई का सिलसिला शुरू
‘द एलीफ़ेंट व्हिसपरर्स’ इस श्रेणी में अवॉर्ड हासिल करने की वाली पहली भारतीय डॉक्यूमेंट्री है.

इससे पहले 1969 में ‘द हाउस दैट आनंद बिल्ट’ और 1979 में नामांकित हुई ‘एन एनकाउंटर विद फ़ेसेज़’ ये अवॉर्ड जीतने में नाकाम रही थी.

इस फ़िल्म के अवॉर्ड जीतने की ख़बर आने के साथ ही सोशल मीडिया पर बधाई का सिलसिला शुरू हो गया है.

एक सोशल मीडिया यूज़र ने लिखा है कि ‘आप लोगों ने भारत को गर्व करने का मौका दिया है.’

वहीं, एक अन्य यूज़र ने निर्देशिका की ओर से अवॉर्ड को भारतीय मातृभूमि को समर्पित करने के लिए उनकी तारीफ़ की है.

पीएम मोदी ने भी गुनीत मोंगा और कार्तिकी गोज़ाल्विस को बधाई देते हुए लिखा है, “गुनीत मोंगा और कार्तिकी गोंज़ाल्विस के साथ ही द एलीफ़ेंट व्हिसपरर्स की पूरी टीम को इस सम्मान के लिए बधाई. उनका काम बेहद ख़ूबसूरती से दिखाता है कि सतत विकास और प्रकृति के साथ तालमेल बना कर रहना कितना अहम है.”