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मणिपुर जलते 50 दिन से ज़्यादा हो गए है, प्रधानमंत्री अभी भी ख़ामोश है : मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने लोगों को दी चेतावानी : वीडियो

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को लोगों को चेतावानी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने राज्य में हिंसा बंद नहीं की तो, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने रविवार रात पश्चिम इंफाल जिले में अज्ञात व्यक्तियों की ओर से अकारण की गई गोलीबारी में एक सैनिक के घायल होने पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही।

सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा, इसे (हिंसा को) बंद कीजिए। वरना, परिणाम भुगतने होंगे। मैं जनता… हथियार थामे मैतेई लोगों…से अपील करता हूं कि वे किसी पर हमला न करें और शांति बनाए रखें, ताकि हम राज्य में सामान्य स्थिति बहाल कर सकें।

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बता दें, मणिपुर में पिछले महीने मैतेई और कुकी समुदाय के लोगों के बीच जातीय हिंसा भड़कने के बाद से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। पूर्वोत्तर राज्य में शांति बहाल करने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।

 

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मणिपुर में बेघर हिंसा पीड़ितों के लिए 3000-4000 प्री-फैब्रिकेटेड घर बनाया जाएगा: सीएम बीरेन सिंह
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा कि राज्य में जारी हिंसा के दौरान अपने घरों से भागे लोगों को बसाने के लिए उनकी सरकार तीन से चार हजार प्री-फैब्रिकेटेड घरों का निर्माण करेगी। कुछ राहत शिविरों का दौरा करने के बाद सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि प्री-फैब्रिकेटेड घर दो महीने में तैयार हो जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, लोग परेशान हैं… राज्य सरकार उन्हें (राहत शिविरों में रह रहे लोगों को) अस्थायी रूप से ठहराने के लिए प्री-फैब्रिकेटेड घरों का निर्माण करने जा रही है, जब तक कि उन्हें उनके पिछले स्थानों पर स्थानांतरित करने की स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती है। उन्होंने कहा कि लगभग तीन से चार हजार ऐसे घर बनाए जाएंगे और इसके लिए सामग्री का ऑर्डर दिया जा चुका है। सिंह ने कहा, सामग्री 10-15 दिनों में इंफाल पहुंच जाएगी। सरकार उन घरों को स्थापित करने के लिए जगह की तलाश कर रही है।

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कैसा होता है प्री-फेब्रिकेटेड घर
प्री-फैब्रिकेटेड घर रेडीमेड स्ट्रक्चर होते हैं जो ऑफ-साइट बनाए जाते हैं और उस जगह पर असेंबल किए जाते हैं जहां घरों को स्थापित किया जाता है। इस तकनीक में स्टील का ज्यादा उपयोग किया जाता है। इमारत का पूरा ढांचा फैक्ट्रियों में तैयार किया जाता है। इमारत के ढांचे का स्टील फ्रेम तैयार कर लिया जाता है। इसी तरह दीवारों के लिए फाइबर सीमेंट मिक्स बोर्ड तैयार कर लिए जाते हैं। इसके बाद जिस स्थान पर इसे फिट किया जाना है वहां पर मजबूती के हिसाब से जमीन में गहराई तक सीमेंट और स्टील का मजबूत फाउंडेशन तैयार किया जाता है। घर में निर्माण स्थल पर सीमेंट आदि का बहुत कम उपयोग होता है। स्टील फ्रेम व फाइबर-सीमेंट बोर्ड को निर्माण स्थल पर केवल नट-बोल्ट से कसने का काम शेष रहता है। इस तरह के निर्माण की तकनीक से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से कई मंजिल ऊंची इमारतें बनाई जा सकती हैं।